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इच्छा मुत्यु की अर्जी खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Apr 2014 12:03 AM IST
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एआईजी पीएस संधू को रिश्वत के साथ गिरफ्तार करवाने वाले निशांत शर्मा ने बुधवार को पुलिस के अत्याचार से तंग होकर सीबीआई कोर्ट में इच्छा मृत्यु की अर्जी दी।
इस मांग को सीबीआई जज विमल कुमार ने रद्द कर दिया। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्य निशांत ने बुधवार को संधू के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के दौरान यह अर्जी दायर की।
निशांत ने आरोप लगाया कि उसे कई जाली केसों में फंसाया गया और उसे यूटी और पंजाब पुलिस परेशान कर रही है। निशांत ने अर्जी में सीबीआई के एसपी से भी मिलने की मांग की थी।
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बचाव पक्ष के वकील रविंद्र पंडित के मुताबिक इस प्रकार की अर्जी दायर करना मामले की सुनवाई में विलंब डालने का तरीका है।
गौरतलब है कि 13 जुलाई 2011 को सीबीआई ने संधू को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते सेक्टर-28 के एक कॉफी शॉप से गिरफ्तार किया था। संधू उस समय विजिलेंस विभाग में तैनात थे।
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इस मांग को सीबीआई जज विमल कुमार ने रद्द कर दिया। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्य निशांत ने बुधवार को संधू के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के दौरान यह अर्जी दायर की।
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निशांत ने आरोप लगाया कि उसे कई जाली केसों में फंसाया गया और उसे यूटी और पंजाब पुलिस परेशान कर रही है। निशांत ने अर्जी में सीबीआई के एसपी से भी मिलने की मांग की थी।
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बचाव पक्ष के वकील रविंद्र पंडित के मुताबिक इस प्रकार की अर्जी दायर करना मामले की सुनवाई में विलंब डालने का तरीका है।
गौरतलब है कि 13 जुलाई 2011 को सीबीआई ने संधू को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते सेक्टर-28 के एक कॉफी शॉप से गिरफ्तार किया था। संधू उस समय विजिलेंस विभाग में तैनात थे।