आंखों-देखीः धुआं उठा, आग लगी और गिर गई इमारत
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चंडीगढ़ सेक्टर 17 स्थित बिल्डिंग में लगी भयानक आग को बुझाने के दौरान सबसे पहले एयरफोर्स के रविंदर कुमार की बॉडी निकाली गई। बॉडी को तुरंत सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल से ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ.जी दिवान ने बताया कि रविंदर कुमार के गले में आईकार्ड था और उसी से उसकी पहचान हुई थी।
कुछ देर बाद ही दूसरी बॉडी भी निकाली गई जिसकी पहचान बठिंडा के अमनदीप के रूप में हुई है। अमनदीप का शव दूसरी मंजिल से मिला। वह दीवार के नीचे दब गया था और उसका एक हाथ ही शरीर से अलग हो गया था। अमनदीप निगम के दमकल विभाग में कार्यरत था। आग लगने की घटना से पहले भी एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है।
सेक्टर-22 में करीब 4 साल जब आग लगी थी उस दौरान भी एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। सूत्रों की मानें तो नगर निगम के किसी भी फायरकर्मी की इंश्योरेंस नही है। पहले भी जब कर्मचारी की मौत हुई थी तो इंश्योरेंस का यह मुद्दा हाउस में भी उठा था। उसके बाद भी नगर निगम ने कोई सबक नहीं लिया।
अधिकारी पहुंचे, दमकल गाड़िया पहुंची
यूटी प्रशासन ने मोहाली और पंचकूला से सभी दमकल गाड़िया मौके पर बुला ली थी। यही नहीं प्रशासन ने पानी की कमी पड़ने पर पटियाला से भी तैयार रहने के लिए फोन किया था।
सूचना पर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एवं प्रभारी वीके जैन और उनका स्टाफ भी पहुंचा। यूटी प्रशासक के एडवाइजर केक शर्मा, आईजी आरपी उपाध्याय, एसएसपी सुखचैन सिंह गिल, एसडीएम तनवी गर्ग समेंत समेत शहर के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे।
जानिए, कब और क्या-क्या हुआ
4:45 : बेसमेंट में एसी प्लांट में रिपेयर के दौरान आग भड़की, धमाके हुए तो कर्मचारी भाग निकले
4:50 : कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड को आग लगने की सूचना दी
5:00 : फायर ब्रिगेड की दो गाड़िया पहुंचीं, धुआं बाहर तक आने लगा
5:10 : खिड़कियों की प्लाई तोड़ कर पानी की बौछार करने के लिए रास्ता बनाया
5:45 : हाइड्रोलिक लेडर मौके पर पहुंची
6:30 : बेसमेंट से आग की लपटें ऊपर तक दिखने लगीं, आग बेकाबू हुई
7:30 : फायर टेंडर लगातार आते रहे मगर आग ने फर्स्ट फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया
8:15 : थ्री-बीआरडी को भी मदद के लिए बुला लिया गया मगर आग दूसरे माले तक पहुंच गई
9:00 : आग बेकाबू होने की सूचना मिलने पर एक-एक कर अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे
9:15 : एयर फोर्स के फायर फाइटर भी आग पर काबू पाने में मदद के लिए पहुंचे
9:35 : आग नियंत्रण में नहीं आई और पूरी बिल्डिंग धराशायी हो गई
11:00 : मलबे में आग धधकती रही और फायर कर्मी उसे बुझाने में जुटे थे
ये कहना है अधिकारियों का
आग लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। बिल्डिंग गिरने के बाद तीन से चार फाइटर लापता हैं। दमकल कर्मियों ने काफी हिम्मत और मेहनत से काम किया, मगर आग बेकाबू हो चुकी थी।
-विवेक प्रताप सिंह, डीसी
आग पर काबू पाने केलिए हमारी फायर डिपार्टमेंट की पूरी टीम जुट गई। आग बुझाने केलिए पूरे संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 25 से ज्यादा फायर टेंडर्स मौके पर भेजे गए।
वीपी सिंह, कमिश्नर, नगर निगम
डिजाजस्टर मैनेजमेंट पर पहले ही कोई काम नहीं हो रहा था। कई बार निगम सदन में मैंने डिजास्टर मैनेजमेंट के इंतजाम को मजबूत बनाने का मुद्दा उठाया।
देवेश मौदगिल
अभी तो हम आपात स्थिति से निपटे हैं। यह मामला बढ़ा ही गंभीर है और इसकी जांच करवाई जाएगी।
केके शर्मा, एडवाइजर
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग के कर्मचारियों को घंटों लग गए। कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। अभी तक की जानकारी के अनुसार आग शार्ट सर्किट के कारण लगी है, फिलहाल जांच की जा रही है।
दिलशेर चंदेल, प्रभारी, सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन