{"_id":"63bc804c4d0c313aed6ac0d3","slug":"dc-saw-the-report-card-of-five-officers-chandigarh-news-pkl4738675128","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: डीसी ने पांच अफसरों का देखा रिपोर्ट कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: डीसी ने पांच अफसरों का देखा रिपोर्ट कार्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर यशपाल गर्ग ने सोमवार को एडीसी अमित कुमार, जेईटीसी और तीनों एईओ के 19 दिसंबर से 6 जनवरी तक के कार्यों की समीक्षा की। सभी अधिकारियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट जमा की, जिसमें डीसी की सख्ती का असर देखने को मिला।
इस दौरान पांच अफसरों ने मिलकर कुल 2361 फाइलें निपटाईं। इसमें से एडीसी ने अकेले लोगों से जुड़ी 933 फाइलें निपटाई हैं। इसके साथ 70 आर्म्स लाइसेंस के आवेदन पर भी काम किया। हालांकि एईओ-1 के पास कई फाइलें लंबित हैं। डीसी ने बताया कि एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) अमित कुमार, ज्वाइंट एक्साइज व टैक्सेशन कमिश्नर (जेईटीसी) सुमित सिहाग, असिस्टेंट एक्साइज ऑफिसर-1 (एईओ) संयम गर्ग, एईओ-2 सौरभ अरोड़ा और एईओ-3 राजीव तिवारी ने अतिरिक्त प्रयास के साथ अधिकतर फाइलें निपटा दी हैं। 20 दिन पहले ज्वाइन करने वाले राजीव तिवारी व संयम गर्ग ने भी पर्याप्त संख्या में फाइलों पर काम किया है। असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर-1 संयम गर्ग के पास लंबित फाइलों की 12 जनवरी 2023 को दोबारा समीक्षा की जाएगी और अगर तब तक फाइलों को निपटारा नहीं किया गया, तो मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और फाइलें के लंबित होने का कारण भी पूछा जाएगा।
---ये है पांच अधिकारियों का 19 दिन का रिपोर्ट कार्ड---
1. एडीसी अमित कुमार: 31 दिसंबर 2022 तक उनके पास पहुंची कोई भी फाइल लंबित नहीं है। बताया कि उन्होंने कुल 933 फाइलें क्लीयर की हैं। इसके अलावा 19 दिसंबर 2022 से लेकर 6 जनवरी 2023 तक की 70 आर्म्स लाइसेंस की फाइलों का भी निपटारा किया है।
विज्ञापन
2. जेईटीसी सुमित सिहाग: 31 दिसंबर 2022 तक आई फाइलों में से फिलहाल कोई भी लंबित नहीं है। 19 दिसंबर 2022 से लेकर 6 जनवरी 2023 तक उन्होंने 323 फाइलों का निपटारा किया है।
3. एईओ-1 संयम गर्ग: 31 अगस्त 2022 से लेकर 31 दिसंबर 2022 तक उनके ऑफिस में पहुंची फाइलों में से 100 फाइलें अभी भी लंबित हैं। कुल 671 फाइलों को क्लीयर किया गया है। 100 लंबित फाइलों में से अधिकतर इस्टैब्लिशमेंट ब्रांच से संबंधित हैं, जिन्हें अगले दो दिनों में क्लियर कर दिया जाएगा। संयम गर्ग ने एईओ-1 के पद पर 20 दिसंबर 2022 को ज्वाइन किया था।
4. एईओ-2 सौरभ अरोड़ा: फिलहाल कोई फाइल लंबित नहीं है। बताया कि 19 दिसंबर 2022 से लेकर 9 जनवरी 2023 तक उन्होंने 80 फाइलों का निपटारा किया है।
5. एईओ-3 राजीव तिवारी: 31 दिसंबर 2022 तक की कोई फाइल लंबित नहीं है। 25 दिसंबर 2022 से लेकर 9 जनवरी 2023 तक उन्होंने 354 फाइलों को क्लीयर किया है। तिवारी ने 19 दिसंबर 2023 को एईओ-3 के पद पर ज्वाइन किया था। उन्होंने अधिकतर इश्यू ऑफ परमिशन फॉर सेल ऑफ प्रॉपर्टी और ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी समेत अन्य फाइलें निपटाई किया है।
डीसी ने पांच जनवरी तक एक भी फाइल लंबित नहीं रखने का दिया था आदेश
डीसी ने 24 दिसंबर को एडीसी, तीनों असिस्टेंट एस्टेट अफसरों व जेईटीसी को निर्देश दिए थे कि 5 जनवरी 2023 तक सभी लंबित फाइलें क्लीयर की जानी चाहिएं, जिसके लिए शनिवार व रविवार को भी ऑफिस खुला रखा जा सकता है। इसके अलावा अधिकारी देर शाम तक भी ऑफिस में रुक सकते हैं। डीसी ने ये निर्देश एक फाइल के एक महीना लंबित रखने का मामला सामने आने के बाद दिए थे।
विज्ञापन
इस दौरान पांच अफसरों ने मिलकर कुल 2361 फाइलें निपटाईं। इसमें से एडीसी ने अकेले लोगों से जुड़ी 933 फाइलें निपटाई हैं। इसके साथ 70 आर्म्स लाइसेंस के आवेदन पर भी काम किया। हालांकि एईओ-1 के पास कई फाइलें लंबित हैं। डीसी ने बताया कि एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) अमित कुमार, ज्वाइंट एक्साइज व टैक्सेशन कमिश्नर (जेईटीसी) सुमित सिहाग, असिस्टेंट एक्साइज ऑफिसर-1 (एईओ) संयम गर्ग, एईओ-2 सौरभ अरोड़ा और एईओ-3 राजीव तिवारी ने अतिरिक्त प्रयास के साथ अधिकतर फाइलें निपटा दी हैं। 20 दिन पहले ज्वाइन करने वाले राजीव तिवारी व संयम गर्ग ने भी पर्याप्त संख्या में फाइलों पर काम किया है। असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर-1 संयम गर्ग के पास लंबित फाइलों की 12 जनवरी 2023 को दोबारा समीक्षा की जाएगी और अगर तब तक फाइलों को निपटारा नहीं किया गया, तो मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और फाइलें के लंबित होने का कारण भी पूछा जाएगा।
विज्ञापन
---ये है पांच अधिकारियों का 19 दिन का रिपोर्ट कार्ड---
1. एडीसी अमित कुमार: 31 दिसंबर 2022 तक उनके पास पहुंची कोई भी फाइल लंबित नहीं है। बताया कि उन्होंने कुल 933 फाइलें क्लीयर की हैं। इसके अलावा 19 दिसंबर 2022 से लेकर 6 जनवरी 2023 तक की 70 आर्म्स लाइसेंस की फाइलों का भी निपटारा किया है।
विज्ञापन
2. जेईटीसी सुमित सिहाग: 31 दिसंबर 2022 तक आई फाइलों में से फिलहाल कोई भी लंबित नहीं है। 19 दिसंबर 2022 से लेकर 6 जनवरी 2023 तक उन्होंने 323 फाइलों का निपटारा किया है।
3. एईओ-1 संयम गर्ग: 31 अगस्त 2022 से लेकर 31 दिसंबर 2022 तक उनके ऑफिस में पहुंची फाइलों में से 100 फाइलें अभी भी लंबित हैं। कुल 671 फाइलों को क्लीयर किया गया है। 100 लंबित फाइलों में से अधिकतर इस्टैब्लिशमेंट ब्रांच से संबंधित हैं, जिन्हें अगले दो दिनों में क्लियर कर दिया जाएगा। संयम गर्ग ने एईओ-1 के पद पर 20 दिसंबर 2022 को ज्वाइन किया था।
4. एईओ-2 सौरभ अरोड़ा: फिलहाल कोई फाइल लंबित नहीं है। बताया कि 19 दिसंबर 2022 से लेकर 9 जनवरी 2023 तक उन्होंने 80 फाइलों का निपटारा किया है।
5. एईओ-3 राजीव तिवारी: 31 दिसंबर 2022 तक की कोई फाइल लंबित नहीं है। 25 दिसंबर 2022 से लेकर 9 जनवरी 2023 तक उन्होंने 354 फाइलों को क्लीयर किया है। तिवारी ने 19 दिसंबर 2023 को एईओ-3 के पद पर ज्वाइन किया था। उन्होंने अधिकतर इश्यू ऑफ परमिशन फॉर सेल ऑफ प्रॉपर्टी और ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी समेत अन्य फाइलें निपटाई किया है।
डीसी ने पांच जनवरी तक एक भी फाइल लंबित नहीं रखने का दिया था आदेश
डीसी ने 24 दिसंबर को एडीसी, तीनों असिस्टेंट एस्टेट अफसरों व जेईटीसी को निर्देश दिए थे कि 5 जनवरी 2023 तक सभी लंबित फाइलें क्लीयर की जानी चाहिएं, जिसके लिए शनिवार व रविवार को भी ऑफिस खुला रखा जा सकता है। इसके अलावा अधिकारी देर शाम तक भी ऑफिस में रुक सकते हैं। डीसी ने ये निर्देश एक फाइल के एक महीना लंबित रखने का मामला सामने आने के बाद दिए थे।