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डीसी बोले- बिल न देने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई करें
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चंडीगढ़। बीते कई दिनों से कॉपी-किताब व स्कूल यूनिफॉर्म के लिए दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें लग रहीं हैं और प्रशासन की नींद अब खुली है। डीसी विनय प्रताप सिंह ने मंगलवार को शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि उचित बिल जारी न करने वालों पर कार्रवाई में ढिलाई न बरती जाए।
जीएसटी कानून के प्रावधानों के तहत उचित बिल जारी न करने और स्कूली किताबों के उचित मूल्य निर्धारण से संबंधित मुद्दों पर बैठक में चर्चा की गई। डीसी व आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि ग्राहकों को बिल जारी करने में कोई कोताही न बरती जाए और नियमों को तोड़ने वालों पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाए।
शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग ने बताया कि निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूल परिजनों को किताबें, वर्दी, स्टेशनरी और अन्य सामान की खरीद के लिए किसी विशेष दुकान की सिफारिश न करें। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि सोमवार से सभी स्कूल खुल गए हैं और परिजनों ने बच्चों के लिए किताबें भी खरीद चुके हैं। सोशल मीडिया पर परिजन प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। बैठक में शिक्षा विभाग की निदेशक पालिका अरोड़ा समेत आबकारी व कराधान विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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शिक्षा विभाग ने सोमवार को जारी किए थे ये निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी निजी स्कूलों को सोमवार को निर्देश जारी किया गया था कि सभी स्कूल किताबों और यूनिफॉर्म की डिटेल कक्षा के अनुसार नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर लगाएं। यह भी लिखा जाए कि अभिभावक जहां से मन करे, वहां से किताबें और ड्रेस खरीद सकते हैं। विभाग को जानकारी मिली थी कि कुछ स्कूल किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस के लिए अभिभावकों को तय दुकानों से ही खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। हालांकि इसको लेकर विभाग ने पहले भी निर्देश जारी किए थे।
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जीएसटी कानून के प्रावधानों के तहत उचित बिल जारी न करने और स्कूली किताबों के उचित मूल्य निर्धारण से संबंधित मुद्दों पर बैठक में चर्चा की गई। डीसी व आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि ग्राहकों को बिल जारी करने में कोई कोताही न बरती जाए और नियमों को तोड़ने वालों पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाए।
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शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग ने बताया कि निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूल परिजनों को किताबें, वर्दी, स्टेशनरी और अन्य सामान की खरीद के लिए किसी विशेष दुकान की सिफारिश न करें। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि सोमवार से सभी स्कूल खुल गए हैं और परिजनों ने बच्चों के लिए किताबें भी खरीद चुके हैं। सोशल मीडिया पर परिजन प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। बैठक में शिक्षा विभाग की निदेशक पालिका अरोड़ा समेत आबकारी व कराधान विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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शिक्षा विभाग ने सोमवार को जारी किए थे ये निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी निजी स्कूलों को सोमवार को निर्देश जारी किया गया था कि सभी स्कूल किताबों और यूनिफॉर्म की डिटेल कक्षा के अनुसार नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर लगाएं। यह भी लिखा जाए कि अभिभावक जहां से मन करे, वहां से किताबें और ड्रेस खरीद सकते हैं। विभाग को जानकारी मिली थी कि कुछ स्कूल किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस के लिए अभिभावकों को तय दुकानों से ही खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। हालांकि इसको लेकर विभाग ने पहले भी निर्देश जारी किए थे।