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आसमान से पड़ी गेहूं की फसल पर मार, देखिए क्या हुआ खेती का हाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Apr 2017 09:28 AM IST
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गेहूं की फसल पर मौसम कहर
- फोटो : अमर उजाला
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खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल पर मौसम कहर बनकर टूटा है। हल्की बरसात के बाद बुधवार रात से पूरे पंजाब में तेज बारिश, हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल लगभग पक चुकी थी। कुछ जगह तो कटाई भी शुरू हो गई है, लेकिन मुख्य तौर पर कटाई 10 अप्रैल से होने की उम्मीद थी। खेतीबाड़ी विभाग इस बार बंपर फसल की उम्मीद जता रहा था, लेकिन बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक पूरे पंजाब में औसतन 6.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश फरीदकोट में हुई। चार जिलों लुधियाना, फरीदकोट, फिरोजपुर और अमृतसर में तेज हवाओं से फसल खेतों में बिछ गई है। सबसे ज्यादा लुधियाना जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर रकबा प्रभावित हुआ है। इसी तरह नवांशहर, पटियाला, संगरूर, मुक्तसर और फाजिल्का में गेहूं की फसल पर ओलों की मार पड़ी है।
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जानकारी के मुताबिक पूरे पंजाब में औसतन 6.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश फरीदकोट में हुई। चार जिलों लुधियाना, फरीदकोट, फिरोजपुर और अमृतसर में तेज हवाओं से फसल खेतों में बिछ गई है। सबसे ज्यादा लुधियाना जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर रकबा प्रभावित हुआ है। इसी तरह नवांशहर, पटियाला, संगरूर, मुक्तसर और फाजिल्का में गेहूं की फसल पर ओलों की मार पड़ी है।
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जहां ओले पड़े, वहां ज्यादा होगा नुकसान
गेहूं की फसल पर मौसम कहर
- फोटो : अमर उजाला
खेतीबाड़ी माहिरों का कहना है कि जहां फसल पकने में एक हफ्ता है, वहां बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं होगा। अगर तेज हवाओं से फसल बिछ गई तो दाने की क्वालिटी प्रभावित होगी। कंबाइनों से कटाई नहीं हो सकेगी, लेबर लगानी पड़ेगी। इससे किसानों की इनपुट कॉस्ट बढ़ जाएगी। जिन जिलों में ओले पड़े हैं, वहां दाना ही गिर जाएगा या क्वालिटी खराब हो जाएगी। जहां सिर्फ बारिश हुई है, वहां नुकसान कम होगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फिर बारिश की आशंका जताई है।
कहां कितनी बारिश :
फरीदकोट में 21, बठिंडा में 1.8, पठानकोट में 13.5, लुधियाना में 5.7, मोगा में 8.6, नवांशहर में 9.1, पटियाला में 6.1, रोपड़ में 11.6, मोहाली में 4.5, संगरूर में 4.2, बरनाला में 10 और तरनतारन में 2.3 मिलीमीटर बारिश हुई है।
तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि से कई जगह गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलों से दाना झड़ जाने की आशंका है। हवाओं से फसल बिछ गई है, जिससे क्वालिटी प्रभावित होगी।
- डॉ. जसबीर बैंस, ज्वाइंट डायरेक्टर, खेतीबाड़ी विभाग
सीएम ने दिए गिरदावरी के आदेश
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का अनुमान लगाने को गिरदावरी के निर्देश दिए हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सीएम ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी है कि किसानों को हुए नुकसान की जानकारी तुरंत इकट्ठी की जाए ताकि किसानों को समय पर उचित मुआवजा देना यकीनी बनाया जा सके।
बीस हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार : फूलका
चंडीगढ़। विधानसभा में नेता विपक्ष एचएस फूलका ने मांग की है कि मौसम की मार से जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बेमौसमी हालात केकारण पंजाब में, खासतौर पर संगरूर और मानसा में बड़े पैमाने पर फसल तबाह हुई है। पंजाब सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी कराए और नुकसान का सही मूल्यांकन किया जाए। जिस तरह दिल्ली सरकार ने मुआवजा नीति बनाई थी, उसी तरह यहां भी बीस हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
कहां कितनी बारिश :
फरीदकोट में 21, बठिंडा में 1.8, पठानकोट में 13.5, लुधियाना में 5.7, मोगा में 8.6, नवांशहर में 9.1, पटियाला में 6.1, रोपड़ में 11.6, मोहाली में 4.5, संगरूर में 4.2, बरनाला में 10 और तरनतारन में 2.3 मिलीमीटर बारिश हुई है।
तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि से कई जगह गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलों से दाना झड़ जाने की आशंका है। हवाओं से फसल बिछ गई है, जिससे क्वालिटी प्रभावित होगी।
- डॉ. जसबीर बैंस, ज्वाइंट डायरेक्टर, खेतीबाड़ी विभाग
सीएम ने दिए गिरदावरी के आदेश
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का अनुमान लगाने को गिरदावरी के निर्देश दिए हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सीएम ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी है कि किसानों को हुए नुकसान की जानकारी तुरंत इकट्ठी की जाए ताकि किसानों को समय पर उचित मुआवजा देना यकीनी बनाया जा सके।
बीस हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार : फूलका
चंडीगढ़। विधानसभा में नेता विपक्ष एचएस फूलका ने मांग की है कि मौसम की मार से जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बेमौसमी हालात केकारण पंजाब में, खासतौर पर संगरूर और मानसा में बड़े पैमाने पर फसल तबाह हुई है। पंजाब सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी कराए और नुकसान का सही मूल्यांकन किया जाए। जिस तरह दिल्ली सरकार ने मुआवजा नीति बनाई थी, उसी तरह यहां भी बीस हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।