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Chandigarh News: दवा कंपनी से लेकर कस्टम अफसर तक साइबर अपराधियों का जाल, 7.43 लाख रुपये ठगे
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कहीं मोबाइल का एक्सेस लेकर रकम उड़ाई, कहीं फर्जी क्रेडिट कार्ड का लिंक भेजकर की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। जिले में तीन अलग-अलग मामलों में ठगों ने दवा कंपनी का कर्मचारी, बैंक अधिकारी और कस्टम इंस्पेक्टर बनकर करीब 7.43 लाख रुपये की ठगी कर ली। किसी मामले में मोबाइल का एक्सेस लेकर खाते से रकम निकाल ली गई तो किसी में क्रेडिट कार्ड से काटे गए पैसे वापस करने का झांसा देकर कार्ड की जानकारी और ओटीपी हासिल कर लिया गया। तीसरे मामले में ट्रैवल एप के जरिये संपर्क में आई विदेशी महिला और खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम इंस्पेक्टर बताने वाले व्यक्ति ने 61 लाख रुपये मिलने का झांसा देकर 4.30 लाख रुपये ऐंठ लिए। साइबर थाना पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दवा की जानकारी लेने के बहाने फोन, खाते से निकले 2.06 लाख
सेक्टर-125 स्थित जलवायु टावर निवासी 76 वर्षीय रमेश गुलाटी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले दो महीने से जयपुर की एक ऑनलाइन रिटेल कंपनी से दिल की दवा मंगवा रहे थे। 22 सितंबर को उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने दवा और घर के पते से जुड़ी जानकारी ली और व्हाट्सऐप पर एक फाइल भेजी। इसके बाद 26 सितंबर को उनके दो बैंक खातों से कुल 2,06,706 रुपये निकल गए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित को शक है कि आरोपी ने मोबाइल का एक्सेस लेकर रकम निकाली। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत केस दर्ज किया है।
क्रेडिट कार्ड के पैसे वापस करने का झांसा, 1.07 लाख उड़ाए
जलवायु टावर निवासी 36 वर्षीय शुभम सिंह को 26 सितंबर को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को एयू बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से बताया। आरोपी ने कहा कि कार्ड से काटे गए 1019 रुपये वापस करने हैं। इसके लिए उसने एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा। शुभम ने वेबसाइट पर कार्ड की जानकारी भरने के साथ मोबाइल पर आए दो ओटीपी भी डाल दिए। कुछ ही देर में कार्ड से 76,840 और 30,981 रुपये, कुल 1,07,821 रुपये निकल गए। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत मामला दर्ज किया है।
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विदेशी महिला और कस्टम अधिकारी बनकर 4.30 लाख ठगे
शिवालिक सिटी निवासी 39 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 22 सितंबर को ट्रैवल एप के जरिये उसकी क्लोई नाम की महिला से बातचीत हुई। महिला ने खुद को इंग्लैंड निवासी बताते हुए भारत घूमने आने की बात कही। 26 सितंबर को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम इंस्पेक्टर राजवीर बताया। उसने कहा कि क्लोई के पास एक लाख डॉलर का ट्रैवलिंग चेक मिला है और उसे क्लीयर कराने के लिए पैसे जमा कराने होंगे। आरोपी के कहने पर गुरप्रीत ने पहले करीब 1.30 लाख रुपये और बाद में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिये 3 लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी ने 61 लाख रुपये की रकम जारी करने के लिए 11 लाख रुपये टैक्स जमा कराने की बात कही। इस पर पीड़ित को शक हुआ। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज किया है।
बैंक खातों की जानकारी जुटा रही पुलिस
इंस्पेक्टर गुरसिमरवीर सिंह, साइबर थाना मोहाली ने बताया कि तीन अलग-अलग शिकायतें मिली थीं। तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच जारी है और ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। जिले में तीन अलग-अलग मामलों में ठगों ने दवा कंपनी का कर्मचारी, बैंक अधिकारी और कस्टम इंस्पेक्टर बनकर करीब 7.43 लाख रुपये की ठगी कर ली। किसी मामले में मोबाइल का एक्सेस लेकर खाते से रकम निकाल ली गई तो किसी में क्रेडिट कार्ड से काटे गए पैसे वापस करने का झांसा देकर कार्ड की जानकारी और ओटीपी हासिल कर लिया गया। तीसरे मामले में ट्रैवल एप के जरिये संपर्क में आई विदेशी महिला और खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम इंस्पेक्टर बताने वाले व्यक्ति ने 61 लाख रुपये मिलने का झांसा देकर 4.30 लाख रुपये ऐंठ लिए। साइबर थाना पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दवा की जानकारी लेने के बहाने फोन, खाते से निकले 2.06 लाख
सेक्टर-125 स्थित जलवायु टावर निवासी 76 वर्षीय रमेश गुलाटी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले दो महीने से जयपुर की एक ऑनलाइन रिटेल कंपनी से दिल की दवा मंगवा रहे थे। 22 सितंबर को उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने दवा और घर के पते से जुड़ी जानकारी ली और व्हाट्सऐप पर एक फाइल भेजी। इसके बाद 26 सितंबर को उनके दो बैंक खातों से कुल 2,06,706 रुपये निकल गए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित को शक है कि आरोपी ने मोबाइल का एक्सेस लेकर रकम निकाली। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत केस दर्ज किया है।
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क्रेडिट कार्ड के पैसे वापस करने का झांसा, 1.07 लाख उड़ाए
जलवायु टावर निवासी 36 वर्षीय शुभम सिंह को 26 सितंबर को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को एयू बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से बताया। आरोपी ने कहा कि कार्ड से काटे गए 1019 रुपये वापस करने हैं। इसके लिए उसने एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा। शुभम ने वेबसाइट पर कार्ड की जानकारी भरने के साथ मोबाइल पर आए दो ओटीपी भी डाल दिए। कुछ ही देर में कार्ड से 76,840 और 30,981 रुपये, कुल 1,07,821 रुपये निकल गए। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत मामला दर्ज किया है।
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विदेशी महिला और कस्टम अधिकारी बनकर 4.30 लाख ठगे
शिवालिक सिटी निवासी 39 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 22 सितंबर को ट्रैवल एप के जरिये उसकी क्लोई नाम की महिला से बातचीत हुई। महिला ने खुद को इंग्लैंड निवासी बताते हुए भारत घूमने आने की बात कही। 26 सितंबर को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम इंस्पेक्टर राजवीर बताया। उसने कहा कि क्लोई के पास एक लाख डॉलर का ट्रैवलिंग चेक मिला है और उसे क्लीयर कराने के लिए पैसे जमा कराने होंगे। आरोपी के कहने पर गुरप्रीत ने पहले करीब 1.30 लाख रुपये और बाद में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिये 3 लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी ने 61 लाख रुपये की रकम जारी करने के लिए 11 लाख रुपये टैक्स जमा कराने की बात कही। इस पर पीड़ित को शक हुआ। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज किया है।
बैंक खातों की जानकारी जुटा रही पुलिस
इंस्पेक्टर गुरसिमरवीर सिंह, साइबर थाना मोहाली ने बताया कि तीन अलग-अलग शिकायतें मिली थीं। तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच जारी है और ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।