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आधुनिक कृषि के लिए बदलेगा पाठ्यक्रम, पीयू के विशेषज्ञ भी तैयार
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चंडीगढ़। आम बजट में कृषि को आधुनिक बनाने और लागत कम करने के लिए नए विशेषज्ञ तैयार होंगे। इसके लिए पढ़ाई का पाठ्यक्रम भी वैसा ही तैयार करना होगा। इसके लिए पीयू के वैज्ञानिक तैयार हैं, क्योंकि पीयू पहले ही बीएससी कृषि के सिलेबस को विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी कर रही थी।
पीयू की ओर से बीएससी कृषि की पढ़ाई के लिए कॉलेजों को मान्यता दी जाती है। पंजाब में कई कॉलेज कृषि की पढ़ाई के लिए जाने जाते हैं। कृषि के विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहयोग करने, पेपर बनाने, कॉपियां चेक करवाने का जिम्मा पीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग के पास है। विभाग काफी समय पहले से प्रयास कर रहा था कि कृषि का सिलेबस विश्वस्तरीय बनाया जाए, ताकि नए विशेषज्ञ तैयार हो सकें और कृषि को बेहतर बना सकें। वहीं विदेशों में भी वे नौकरी पा सकें।
इसी बीच अब बजट में भी कृषि की पढ़ाई का सिलेबस बदलने की बात कही गई है। ऐसे में पीयू के वैज्ञानिक तैयार हो गए हैं। उनका कहना है कि इस पर काम पहले ही हो जाना चाहिए था। सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में इस पर निर्णय हो सकता है। जैसे ही पीयू में सिंडिकेट बनेगी तो इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा और शिक्षक भी इसके लिए दबाव डालेंगे। कॉलेज भी इसकी मांग कर रहे हैं।
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पीयू की ओर से बीएससी कृषि की पढ़ाई के लिए कॉलेजों को मान्यता दी जाती है। पंजाब में कई कॉलेज कृषि की पढ़ाई के लिए जाने जाते हैं। कृषि के विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहयोग करने, पेपर बनाने, कॉपियां चेक करवाने का जिम्मा पीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग के पास है। विभाग काफी समय पहले से प्रयास कर रहा था कि कृषि का सिलेबस विश्वस्तरीय बनाया जाए, ताकि नए विशेषज्ञ तैयार हो सकें और कृषि को बेहतर बना सकें। वहीं विदेशों में भी वे नौकरी पा सकें।
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इसी बीच अब बजट में भी कृषि की पढ़ाई का सिलेबस बदलने की बात कही गई है। ऐसे में पीयू के वैज्ञानिक तैयार हो गए हैं। उनका कहना है कि इस पर काम पहले ही हो जाना चाहिए था। सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में इस पर निर्णय हो सकता है। जैसे ही पीयू में सिंडिकेट बनेगी तो इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा और शिक्षक भी इसके लिए दबाव डालेंगे। कॉलेज भी इसकी मांग कर रहे हैं।
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