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Chandigarh News: बारिश से मंडियों में भीगा धान, खरीद और उठान पर संकट
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कई जिलों में खुले में पड़ी फसल की नमी 25 फीसदी तक पहुंची, गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा
फाजिल्का में दस करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान, राजपुरा में लिफ्टिंग धीमी और फड़ खाली नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फाजिल्का/ फिरोजपुर /लुधियाना /जालंधर /अमृतसर /राजपुरा। पंजाब में बेमौसम बारिश ने धान खरीद सीजन के बीच किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फाजिल्का, लुधियाना, जालंधर और राजपुरा समेत कई मंडियों में खुले में पड़ी हजारों क्विंटल धान की फसल भीग गई। बारिश से धान में नमी बढ़कर 25 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि सरकारी खरीद के लिए अधिकतम सीमा 17 फीसदी है। इससे खरीद में देरी, फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। कई मंडियों में धीमी उठान और ढकाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है।
फाजिल्का में नई अनाज मंडी में बारिश से धान भीगने के कारण किसानों और आढ़तियों को नुकसान की आशंका है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान संजीव सचदेवा गोल्डी ने बताया कि बेमौसम बारिश से धान को करीब दस करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। भीगी फसल को सुखाने में दो से तीन दिन अतिरिक्त लग सकते हैं। इससे खरीद और उठान भी प्रभावित होने की आशंका है। जिला प्रशासन और मंडी बोर्ड की टीमें व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं।
लुधियाना में रविवार को हुई 20 मिलीमीटर बारिश से मंडियों में खुले में रखी धान की फसल भीग गई। पक्के शेड होने के बावजूद कुछ किसानों की फसल बाहर पड़ी थी। बारिश के बाद नमी बढ़ने से सरकारी खरीद की प्रक्रिया धीमी पड़ने की आशंका है।
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जालंधर में दाना मंडियों में जलभराव तो नहीं हुआ, लेकिन सुखाने के लिए खुले में रखी धान की फसल बारिश से प्रभावित हुई। किसानों के अनुसार, फसल का 10 से 15 फीसदी हिस्सा भीग गया। नमी की मात्रा 25 फीसदी से अधिक पहुंचने से खरीद के मानकों पर खरा उतरना चुनौती बन गया है।
फिरोजपुर में बारिश के बाद जिला खाद्य नियंत्रक वंदना कंबोज ने मंडियों का दौरा कर धान की ढेरियों का निरीक्षण किया। नमी मापक यंत्र से जांच में धान में 21 फीसदी नमी मिली, जो सरकारी मानक से अधिक है। इससे खरीद में देरी की आशंका है।
राजपुरा में एशिया की प्रमुख अनाज मंडियों में शामिल राजपुरा में बारिश के बाद हजारों क्विंटल धान भीग गई। धीमी लिफ्टिंग के कारण लाखों बोरियां खुले में पड़ी हैं। नई फसल लाने और धान सुखाने के लिए फड़ खाली नहीं हैं। मंडी की सड़कों पर गंदगी और जाम सीवर से फैले गंदे पानी ने भी किसानों की परेशानी बढ़ाई है। गांव देवीनगर के किसान हरपाल सिंह ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार से उठान और सफाई के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
अमृतसर में भगतावाला अनाज मंडी में खुले में रखे धान को बचाने के लिए प्रशासन ने बारदाने और तिरपाल उपलब्ध कराए हैं। उपायुक्त दलविंदर सिंह ने बताया कि जरूरत के अनुसार मंडियों में तिरपाल भेजे गए हैं और उठान तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसान सुरजीत सिंह ने कहा कि उन्हें फसल के साथ दो दिन और मंडी में रुकना पड़ सकता है।
जगरांव में रविवार की बारिश से अनाज मंडी में जलभराव के बाद पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा। मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलविंदर सिंह झज्ज ने पलटवार करते हुए बिट्टू के दौरे को ड्रामेबाजी बताया और उनके कार्यकाल में किसानों के लिए किए गए कामों पर सवाल उठाए। झज्ज ने कहा कि प्रशासन ने पानी निकालने के लिए तुरंत ट्यूबवेल चलाए और सीवरेज चैंबरों की सफाई करवाई। उन्होंने दावा किया कि 17 फीसदी से कम नमी वाले धान की खरीद और उठान जारी है।
तरनतारन में जिला प्रशासन ने किसानों से धान सुखाकर मंडियों में लाने की अपील की है। जिलाधिकारी राहुल ने कहा कि 17 फीसदी तक नमी वाली फसल ही सरकारी खरीद के मानकों पर खरी उतरेगी। कंबाइन से शाम छह बजे से सुबह दस बजे तक धान की कटाई पर रोक रहेगी। किसानों और कंबाइन ऑपरेटरों से नियमों का पालन करने को कहा गया है।
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फाजिल्का में दस करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान, राजपुरा में लिफ्टिंग धीमी और फड़ खाली नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फाजिल्का/ फिरोजपुर /लुधियाना /जालंधर /अमृतसर /राजपुरा। पंजाब में बेमौसम बारिश ने धान खरीद सीजन के बीच किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फाजिल्का, लुधियाना, जालंधर और राजपुरा समेत कई मंडियों में खुले में पड़ी हजारों क्विंटल धान की फसल भीग गई। बारिश से धान में नमी बढ़कर 25 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि सरकारी खरीद के लिए अधिकतम सीमा 17 फीसदी है। इससे खरीद में देरी, फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। कई मंडियों में धीमी उठान और ढकाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है।
फाजिल्का में नई अनाज मंडी में बारिश से धान भीगने के कारण किसानों और आढ़तियों को नुकसान की आशंका है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान संजीव सचदेवा गोल्डी ने बताया कि बेमौसम बारिश से धान को करीब दस करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। भीगी फसल को सुखाने में दो से तीन दिन अतिरिक्त लग सकते हैं। इससे खरीद और उठान भी प्रभावित होने की आशंका है। जिला प्रशासन और मंडी बोर्ड की टीमें व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं।
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लुधियाना में रविवार को हुई 20 मिलीमीटर बारिश से मंडियों में खुले में रखी धान की फसल भीग गई। पक्के शेड होने के बावजूद कुछ किसानों की फसल बाहर पड़ी थी। बारिश के बाद नमी बढ़ने से सरकारी खरीद की प्रक्रिया धीमी पड़ने की आशंका है।
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जालंधर में दाना मंडियों में जलभराव तो नहीं हुआ, लेकिन सुखाने के लिए खुले में रखी धान की फसल बारिश से प्रभावित हुई। किसानों के अनुसार, फसल का 10 से 15 फीसदी हिस्सा भीग गया। नमी की मात्रा 25 फीसदी से अधिक पहुंचने से खरीद के मानकों पर खरा उतरना चुनौती बन गया है।
फिरोजपुर में बारिश के बाद जिला खाद्य नियंत्रक वंदना कंबोज ने मंडियों का दौरा कर धान की ढेरियों का निरीक्षण किया। नमी मापक यंत्र से जांच में धान में 21 फीसदी नमी मिली, जो सरकारी मानक से अधिक है। इससे खरीद में देरी की आशंका है।
राजपुरा में एशिया की प्रमुख अनाज मंडियों में शामिल राजपुरा में बारिश के बाद हजारों क्विंटल धान भीग गई। धीमी लिफ्टिंग के कारण लाखों बोरियां खुले में पड़ी हैं। नई फसल लाने और धान सुखाने के लिए फड़ खाली नहीं हैं। मंडी की सड़कों पर गंदगी और जाम सीवर से फैले गंदे पानी ने भी किसानों की परेशानी बढ़ाई है। गांव देवीनगर के किसान हरपाल सिंह ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार से उठान और सफाई के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
अमृतसर में भगतावाला अनाज मंडी में खुले में रखे धान को बचाने के लिए प्रशासन ने बारदाने और तिरपाल उपलब्ध कराए हैं। उपायुक्त दलविंदर सिंह ने बताया कि जरूरत के अनुसार मंडियों में तिरपाल भेजे गए हैं और उठान तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसान सुरजीत सिंह ने कहा कि उन्हें फसल के साथ दो दिन और मंडी में रुकना पड़ सकता है।
जगरांव में रविवार की बारिश से अनाज मंडी में जलभराव के बाद पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा। मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलविंदर सिंह झज्ज ने पलटवार करते हुए बिट्टू के दौरे को ड्रामेबाजी बताया और उनके कार्यकाल में किसानों के लिए किए गए कामों पर सवाल उठाए। झज्ज ने कहा कि प्रशासन ने पानी निकालने के लिए तुरंत ट्यूबवेल चलाए और सीवरेज चैंबरों की सफाई करवाई। उन्होंने दावा किया कि 17 फीसदी से कम नमी वाले धान की खरीद और उठान जारी है।
तरनतारन में जिला प्रशासन ने किसानों से धान सुखाकर मंडियों में लाने की अपील की है। जिलाधिकारी राहुल ने कहा कि 17 फीसदी तक नमी वाली फसल ही सरकारी खरीद के मानकों पर खरी उतरेगी। कंबाइन से शाम छह बजे से सुबह दस बजे तक धान की कटाई पर रोक रहेगी। किसानों और कंबाइन ऑपरेटरों से नियमों का पालन करने को कहा गया है।