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Chandigarh News: जीजीडीएसडी कॉलेज-30 में सिख लेंस की ओर से सांस्कृतिक व साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन
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जीजीडीएसडी कॉलेज-30 में सिख लेंस की ओर से सांस्कृतिक व साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन
चंडीगढ़। जीजीडीएसडी कॉलेज-32 के सभागार में शुक्रवार को सिख लेंस की ओर से सांस्कृतिक व साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 25 वक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान मीडिया के विभिन्न रूपों के जरिए दुनियाभर में प्रवासी सिखों में संचार, प्रतिनिधित्व और अभिव्यक्ति संबंधी मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं, साझा पंजाब पर एक सत्र का आयोजन किया गया जिसमें सीमाओं से परे कविता के साथ भाषा और अभिव्यक्ति को बचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। जतिन सलवान, एमी सिंह और लिली स्वर्ण के पैनल ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। दीपक शर्मा चनारथल ने कार्यक्रम का संचालन किया।
एमी सिंह ने पाकिस्तान की कवयित्री असमा की लिखी कविता ‘अब लाहौर आई हो तो लाहौर लेके ही जाना’ पढ़ी। इस कविता ने सबको भावुक कर दिया। जतिन सलवान ने ‘मेरे ख्यालां दे लोकी जद हिजर दे बांगी आदे ने, आउंदे ने मेरी सार लैण नूं उम्री रोग बन तुर जांदे...’ ने पेश किया, जिस पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। लिली स्वर्ण ने कविता ‘एक ही मां है हमारी...’ पेश किया। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा रोजगार परक होनी चाहिए। हमें अपनी भाषा बोलने में शर्म नहीं आनी चाहिए। घर में पंजाबी जरूर बोलें। उन्होंने कहा कि लिपि बचाना हम सबका सबसे बड़ा कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि जो बच्चे घर में पंजाबी नहीं बोलते, उन पर जुर्माना लगाना चाहिए।
जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने इस आयोजन की सराहना की।
किताब समेत कई विषयों पर चर्चा
स्वर्ण सिंह काहलों के साथ बातचीत में करेन दोझांस ने अपनी किताब और फिल्म हिडेन हिस्ट्री : द सिख माइग्रेशन पाथ टू कनाडा पर चर्चा की। अप्रवासियों से जुड़ी इस किताब को उन्होंने अपने माता-पिता को समर्पित किया। वहीं, इस दौरान विदेश में मुख्यधारा की पत्रकारिता में सिखों को आने वाली संचार चुनौतियों पर चर्चा की गई। इसमें सीजे सिंह ने प्रभावी संचार के लिए रणनीतियों का सुझाव दिया। बातचीत का संचालन रेणुका सलवान ने किया। कार्यक्रम में गुरु नानक: हिज लाइफ एंड टीचिंग्स के लेखक रूपिंदर सिंह ने कर्नल दलजीत सिंह चीमा के साथ बातचीत की। अभिनेत्री दिलजोत, अभिनेता और गायक कंवलप्रीत सिंह और अभिनेत्री अनीषा मधोक द्वारा अभिनेताओं की सामाजिक जिम्मेदारियों, भूमिका चुनने और जिम्मेदारी से जीने पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, दीपक शर्मा चनारथल के साथ साथ बातचीत में संगीतकार नवजोत सियान, दिव्यांग कार्यकर्ता शिव कुमार शर्मा और दिव्यांग अधिवक्ता चैतन्य मुकुंद के पैनल ने दिव्यांगता और क्षमताओं की चुनौतियों से आगे बढ़ने के के लिए अभिव्यक्ति और संचार रणनीतियों पर चर्चा में शामिल हुए। इस मौके पर सिख लेंस की अब तक की यात्रा का संस्था के संस्थापक बिक्की सिंह और गुरप्रीत कौर ने अपनी बात रखी।
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चंडीगढ़। जीजीडीएसडी कॉलेज-32 के सभागार में शुक्रवार को सिख लेंस की ओर से सांस्कृतिक व साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 25 वक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान मीडिया के विभिन्न रूपों के जरिए दुनियाभर में प्रवासी सिखों में संचार, प्रतिनिधित्व और अभिव्यक्ति संबंधी मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं, साझा पंजाब पर एक सत्र का आयोजन किया गया जिसमें सीमाओं से परे कविता के साथ भाषा और अभिव्यक्ति को बचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। जतिन सलवान, एमी सिंह और लिली स्वर्ण के पैनल ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। दीपक शर्मा चनारथल ने कार्यक्रम का संचालन किया।
एमी सिंह ने पाकिस्तान की कवयित्री असमा की लिखी कविता ‘अब लाहौर आई हो तो लाहौर लेके ही जाना’ पढ़ी। इस कविता ने सबको भावुक कर दिया। जतिन सलवान ने ‘मेरे ख्यालां दे लोकी जद हिजर दे बांगी आदे ने, आउंदे ने मेरी सार लैण नूं उम्री रोग बन तुर जांदे...’ ने पेश किया, जिस पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। लिली स्वर्ण ने कविता ‘एक ही मां है हमारी...’ पेश किया। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा रोजगार परक होनी चाहिए। हमें अपनी भाषा बोलने में शर्म नहीं आनी चाहिए। घर में पंजाबी जरूर बोलें। उन्होंने कहा कि लिपि बचाना हम सबका सबसे बड़ा कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि जो बच्चे घर में पंजाबी नहीं बोलते, उन पर जुर्माना लगाना चाहिए।
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जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने इस आयोजन की सराहना की।
किताब समेत कई विषयों पर चर्चा
स्वर्ण सिंह काहलों के साथ बातचीत में करेन दोझांस ने अपनी किताब और फिल्म हिडेन हिस्ट्री : द सिख माइग्रेशन पाथ टू कनाडा पर चर्चा की। अप्रवासियों से जुड़ी इस किताब को उन्होंने अपने माता-पिता को समर्पित किया। वहीं, इस दौरान विदेश में मुख्यधारा की पत्रकारिता में सिखों को आने वाली संचार चुनौतियों पर चर्चा की गई। इसमें सीजे सिंह ने प्रभावी संचार के लिए रणनीतियों का सुझाव दिया। बातचीत का संचालन रेणुका सलवान ने किया। कार्यक्रम में गुरु नानक: हिज लाइफ एंड टीचिंग्स के लेखक रूपिंदर सिंह ने कर्नल दलजीत सिंह चीमा के साथ बातचीत की। अभिनेत्री दिलजोत, अभिनेता और गायक कंवलप्रीत सिंह और अभिनेत्री अनीषा मधोक द्वारा अभिनेताओं की सामाजिक जिम्मेदारियों, भूमिका चुनने और जिम्मेदारी से जीने पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, दीपक शर्मा चनारथल के साथ साथ बातचीत में संगीतकार नवजोत सियान, दिव्यांग कार्यकर्ता शिव कुमार शर्मा और दिव्यांग अधिवक्ता चैतन्य मुकुंद के पैनल ने दिव्यांगता और क्षमताओं की चुनौतियों से आगे बढ़ने के के लिए अभिव्यक्ति और संचार रणनीतियों पर चर्चा में शामिल हुए। इस मौके पर सिख लेंस की अब तक की यात्रा का संस्था के संस्थापक बिक्की सिंह और गुरप्रीत कौर ने अपनी बात रखी।
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