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फिल्म हो ऐसी कि देखें सभी
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अब समय बदल चुका है। चाहे फिल्म हो या कॉमेडी शो.. फैमिली के सदस्य साथ बैठकर देखना चाहते हैं। इसलिए आवश्यक है कि फिल्मों और कॉमेडी शो में भाषा का ख्याल रखा जाए। यह बात पंजाबी फिल्मों के स्टार और प्रसिद्ध कॉमेडियन बिन्नू ढिल्लों ने कही। वह एक कार्यक्रम के सिलसिले में होटल ताज में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग खुशदिल हैं और इसी वजह से वह कॉमेडी ज्यादा पसंद करते हैं।
बिन्नू ढिल्लों ने कहा कि चाहे कोई फिल्म हो या शो, अपनी स्क्त्रिस्प्ट में वह इस बात का खास ख्याल रखते हैं कि भाषा की मर्यादित हो। उन्होंने कहा कि वास्तव में नेचुरल कॉमेडी अब खत्म होती जा रही है। पंजाबी फिल्मों में ऐसा कम होता है। कॉमेडी सिचुएशन, कैरेक्टर और स्क्त्रिस्प्ट तीनों से ही निकलती है। ऐसे में एक कलाकार को इनका ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब पंजाबी फिल्मों का मंच बड़ा होता जा रहा है। फिल्मों की स्क्रिप्ट के साथ ही लोकेशन और उसकी तकनीक में चेंज आ रहा है। इससे फिल्मों में कई नए बदलाव आने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी बात है जिससे आने वाले दो तीन साल में यहां की इंडस्ट्री का लुक बदल जाएगा। बिन्नू ढिल्लों ने कहा कि उनकी कॉमेडी हमेशा से नेचुरल रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब के आर्टिस्टों को प्रमोट करने और पंजाब की फिल्म इंडस्ट्री को नया शेप देने के लिए बनाई गई एसोसिएशन अब एक्टिव हो चुकी है। इस एसोसिएशन के रिव्यू होने से कलाकारों को काफी लाभ मिलेगा।
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फिल्म डायरेक्टर समीप कंग ने कहा कि अब ऑडियंस कुछ अलग हटकर देखना चाहती है। चाहे हिंदी हो या फिर पंजाबी फिल्म, किसी को हिट करने का शॉर्टकट फॉर्मूला नहीं है। कई फिल्मों की कहानी अच्छी होती है, लेकिन उनकी स्टार कास्ट की वजह से फिल्म रह जाती है। कहीं स्टार कास्ट अच्छी होती है पर थीम की वजह से फिल्म सफल नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता स्टार कास्ट के साथ ही थीम पर भी निर्भर करती है।
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बिन्नू ढिल्लों ने कहा कि चाहे कोई फिल्म हो या शो, अपनी स्क्त्रिस्प्ट में वह इस बात का खास ख्याल रखते हैं कि भाषा की मर्यादित हो। उन्होंने कहा कि वास्तव में नेचुरल कॉमेडी अब खत्म होती जा रही है। पंजाबी फिल्मों में ऐसा कम होता है। कॉमेडी सिचुएशन, कैरेक्टर और स्क्त्रिस्प्ट तीनों से ही निकलती है। ऐसे में एक कलाकार को इनका ध्यान रखना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अब पंजाबी फिल्मों का मंच बड़ा होता जा रहा है। फिल्मों की स्क्रिप्ट के साथ ही लोकेशन और उसकी तकनीक में चेंज आ रहा है। इससे फिल्मों में कई नए बदलाव आने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी बात है जिससे आने वाले दो तीन साल में यहां की इंडस्ट्री का लुक बदल जाएगा। बिन्नू ढिल्लों ने कहा कि उनकी कॉमेडी हमेशा से नेचुरल रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब के आर्टिस्टों को प्रमोट करने और पंजाब की फिल्म इंडस्ट्री को नया शेप देने के लिए बनाई गई एसोसिएशन अब एक्टिव हो चुकी है। इस एसोसिएशन के रिव्यू होने से कलाकारों को काफी लाभ मिलेगा।
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फिल्म डायरेक्टर समीप कंग ने कहा कि अब ऑडियंस कुछ अलग हटकर देखना चाहती है। चाहे हिंदी हो या फिर पंजाबी फिल्म, किसी को हिट करने का शॉर्टकट फॉर्मूला नहीं है। कई फिल्मों की कहानी अच्छी होती है, लेकिन उनकी स्टार कास्ट की वजह से फिल्म रह जाती है। कहीं स्टार कास्ट अच्छी होती है पर थीम की वजह से फिल्म सफल नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता स्टार कास्ट के साथ ही थीम पर भी निर्भर करती है।