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Chandigarh News: पंचकूला में छह दिनों से जब्त 11 बसों को आज छुड़ाएगा सीटीयू
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। लोकल रूट पर बस चलाने को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच पिछले करीब नौ दिन से चल रहा विवाद अभी थमा नहीं है। पंचकूला में पिछले छह दिन से जब्त सीटीयू की 11 बसें सोमवार को छूट सकती हैं। पंचकूला में सोमवार को दफ्तरों के खुलने के बाद सीटीयू की तरफ से चालान की राशि जमा कराई जाएगी, जिसके बाद बसों को छुड़ाकर दोबारा रूट पर इन बसों को लगाया जाएगा। उधर, हरियाणा रोडवेज की तरफ से सीटीयू यूनियन पर आरोप लगाए गए हैं।
इस पूरे विवाद पर हरियाणा रोडवेज की तरफ से कहा गया है कि भारत का सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की गाइडलाइंस के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों को किसी भी राज्य में चलने के लिए परमिट की जरूरत नहीं होती। इसके बावजूद चंडीगढ़ में बसों को रोका गया। हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों ने सीटीयू यूनियन पर आरोप लगाया है कि बसों को रोकना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, लेकिन उन्होंने जबरदस्ती की है। इधर, चंडीगढ़ के अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के अनुसार लोकल रूट पर सीटीयू के अलावा अन्य कोई राज्य बसें नहीं चला सकती। मोर्थ के गाइडलाइंस के सवाल पर अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में परमिट का जिक्र ही नहीं है। स्पष्ट रूप से चंडीगढ़ में लोकल ऑपरेशन यूटी चंडीगढ़ को सौंपा गया है। ऐसे में मोर्थ की ई-बसों की गाइडलाइंस का हवाला देकर अन्य कोई राज्य चंडीगढ़ में लोकल रूट पर बसें नहीं चला सकते।
मंगलवार को हरियाणा के साथ अहम बैठक
पूरे विवाद के बीच पंचकूला में 14 अगस्त से ही सीटीयू की 11 बसें जब्त करके खड़ी की गई हैं। यह बसें पंचकूला के बस डिपो में खड़ी हैं। सोमवार को पंचकूला के दफ्तर खुलेंगे तो इन बसों को चंडीगढ़ की तरफ से छुड़ाया जाएगा। सीटीयू की तरफ से जुर्माना राशि भरी जाएगी और फिर बसों को वापस लाकर दोबारा रूट पर लगाया जाएगा। वहीं, मंगलवार को प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में बैठक रखी गई है, जिसमें चंडीगढ़ के साथ हरियाणा रोडवेज व परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में पूरे मुद्दे पर चर्चा होगी और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हरियाणा की तरफ से जो तर्क दिए जा रहे हैं, उन पर चंडीगढ़ की तरफ से विस्तृत जवाब तैयार किया गया है।
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चंडीगढ़। लोकल रूट पर बस चलाने को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच पिछले करीब नौ दिन से चल रहा विवाद अभी थमा नहीं है। पंचकूला में पिछले छह दिन से जब्त सीटीयू की 11 बसें सोमवार को छूट सकती हैं। पंचकूला में सोमवार को दफ्तरों के खुलने के बाद सीटीयू की तरफ से चालान की राशि जमा कराई जाएगी, जिसके बाद बसों को छुड़ाकर दोबारा रूट पर इन बसों को लगाया जाएगा। उधर, हरियाणा रोडवेज की तरफ से सीटीयू यूनियन पर आरोप लगाए गए हैं।
इस पूरे विवाद पर हरियाणा रोडवेज की तरफ से कहा गया है कि भारत का सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की गाइडलाइंस के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों को किसी भी राज्य में चलने के लिए परमिट की जरूरत नहीं होती। इसके बावजूद चंडीगढ़ में बसों को रोका गया। हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों ने सीटीयू यूनियन पर आरोप लगाया है कि बसों को रोकना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, लेकिन उन्होंने जबरदस्ती की है। इधर, चंडीगढ़ के अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के अनुसार लोकल रूट पर सीटीयू के अलावा अन्य कोई राज्य बसें नहीं चला सकती। मोर्थ के गाइडलाइंस के सवाल पर अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में परमिट का जिक्र ही नहीं है। स्पष्ट रूप से चंडीगढ़ में लोकल ऑपरेशन यूटी चंडीगढ़ को सौंपा गया है। ऐसे में मोर्थ की ई-बसों की गाइडलाइंस का हवाला देकर अन्य कोई राज्य चंडीगढ़ में लोकल रूट पर बसें नहीं चला सकते।
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मंगलवार को हरियाणा के साथ अहम बैठक
पूरे विवाद के बीच पंचकूला में 14 अगस्त से ही सीटीयू की 11 बसें जब्त करके खड़ी की गई हैं। यह बसें पंचकूला के बस डिपो में खड़ी हैं। सोमवार को पंचकूला के दफ्तर खुलेंगे तो इन बसों को चंडीगढ़ की तरफ से छुड़ाया जाएगा। सीटीयू की तरफ से जुर्माना राशि भरी जाएगी और फिर बसों को वापस लाकर दोबारा रूट पर लगाया जाएगा। वहीं, मंगलवार को प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में बैठक रखी गई है, जिसमें चंडीगढ़ के साथ हरियाणा रोडवेज व परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में पूरे मुद्दे पर चर्चा होगी और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हरियाणा की तरफ से जो तर्क दिए जा रहे हैं, उन पर चंडीगढ़ की तरफ से विस्तृत जवाब तैयार किया गया है।
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