चंडीगढ़। एक व्यक्ति को गेट पर लटका कर बस को दौड़ाने के मामले में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) ने ड्राइवर और महिला कंडक्टर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमर उजाला की ओर से खबर प्रकाशित करने के बाद विभाग ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ जांच शुरू कर दी है। तीन महीने में अगर दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो नौकरी से निकाले जाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में ‘गेट नहीं खोला...दौड़ा दी बस, दो किमी तक लटका रहा यात्री’ शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि कैसे सीटीयू के एक बस के कंडक्टर और ड्राइवर की वजह से एक सवारी की जान खतरे में पड़ गई। मामला बीते सात अक्तूबर का है लेकिन दो दिन पहले घटना की वीडियो सामने आया। यह बस सीटीयू के डिपो नंबर-2 की है, जो हल्लोमाजरा से ट्रिब्यून चौक की तरफ जा रही थी और इसी दौरान बस की गेट पर एक व्यक्ति लटका हुआ था। इस पूरी घटना की खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को सीटीयू के अधिकारियों ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर की पहचान की। वीडियो के आधार पर पाया कि इसमें दोनों की बहुत बड़ी गलती थी, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। अगर बस में सवारियां ज्यादा थीं तो भी बस को तुरंत रोकना चाहिए था। जब ड्राइवर और कंडक्टर को पता चल गया कि कोई बस के गेट पर लटका हुआ है तो वह बस कैसे दौड़ा सकते हैं। इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए दोनों को तीन-तीन महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। इस बीच सीटीयू की तरफ से दोनों को सुनवाई का मौका दिया जाएगा। अगर दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो नौकरी से निकाले जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि दोनों कर्मचारी आउटसोर्स पर हैं।