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सीटीयू भर्ती फर्जीवाड़ा : कंडक्टर गिरफ्तार, जमानत पर रिहा
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की 2023 में हुई बस कंडक्टर भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में पुलिस ने कंडक्टर नवीन को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, नवीन की जगह परीक्षा देने वाला आरोपी सचिन राजस्थान की सीकर जेल में बंद है। उसे यूटी पुलिस जल्द प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी, जिससे पता चल सके कि गिरोह में और कौन-कौन शामिल था और उसने किन-किन परीक्षाओं में डमी उम्मीदवार के रूप में परीक्षा देने बैठा था। सूत्रों के अनुसार इस मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हो सकता है।
पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी से नवीन का रिकॉर्ड, हैंडराइटिंग, सीसीटीवी फुटेज और बायोमैट्रिक डेटा हासिल कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है कि सचिन उसकी जगह परीक्षा देने कैसे पहुंच गया। हैंडराइटिंग सैंपल को सीएफएसएल भेजा जाएगा। फायरमैन भर्ती घोटाले के बाद सीटीयू भर्ती में फर्जीवाड़े के खुलासे से पंजाब यूनिवर्सिटी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि दोनों परीक्षाएं उसके नेतृत्व में आयोजित हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नवीन ने दावा किया कि उसने खुद परीक्षा दी थी।
अग्रिम जमानत लेकर पहुंचा पुलिस के पास
नवीन ने इस महीने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने उसे पुलिस जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वह जांच में शामिल हुआ, जहां पूछताछ के दौरान उसकी गिरफ्तारी की गई। सेक्टर 49 थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने आरोपी से पूछताछ की।
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दिल्ली से मिला सुराग
13 मई 2025 को सीटीयू को दिल्ली के सीआर पार्क थाने से ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि सचिन नामक व्यक्ति सीबीएसई भर्ती परीक्षा में डमी उम्मीदवार के रूप में पकड़ा गया है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि जून 2023 में सीटीयू की बस कंडक्टर भर्ती परीक्षा में भी वह नवीन की जगह शामिल हुआ था। इसके बाद 3 जून 2025 को सीटीयू ने नवीन का बायोमैट्रिक डेटा दोबारा जांचा, जिसमें पाया गया कि परीक्षा के समय दर्ज फिंगरप्रिंट और फोटो, वर्तमान रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे।
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पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी से नवीन का रिकॉर्ड, हैंडराइटिंग, सीसीटीवी फुटेज और बायोमैट्रिक डेटा हासिल कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है कि सचिन उसकी जगह परीक्षा देने कैसे पहुंच गया। हैंडराइटिंग सैंपल को सीएफएसएल भेजा जाएगा। फायरमैन भर्ती घोटाले के बाद सीटीयू भर्ती में फर्जीवाड़े के खुलासे से पंजाब यूनिवर्सिटी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि दोनों परीक्षाएं उसके नेतृत्व में आयोजित हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नवीन ने दावा किया कि उसने खुद परीक्षा दी थी।
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अग्रिम जमानत लेकर पहुंचा पुलिस के पास
नवीन ने इस महीने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने उसे पुलिस जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वह जांच में शामिल हुआ, जहां पूछताछ के दौरान उसकी गिरफ्तारी की गई। सेक्टर 49 थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने आरोपी से पूछताछ की।
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दिल्ली से मिला सुराग
13 मई 2025 को सीटीयू को दिल्ली के सीआर पार्क थाने से ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि सचिन नामक व्यक्ति सीबीएसई भर्ती परीक्षा में डमी उम्मीदवार के रूप में पकड़ा गया है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि जून 2023 में सीटीयू की बस कंडक्टर भर्ती परीक्षा में भी वह नवीन की जगह शामिल हुआ था। इसके बाद 3 जून 2025 को सीटीयू ने नवीन का बायोमैट्रिक डेटा दोबारा जांचा, जिसमें पाया गया कि परीक्षा के समय दर्ज फिंगरप्रिंट और फोटो, वर्तमान रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे।