{"_id":"5ebc53e08ebc3e906955132e","slug":"ctu-buses-will-not-supply-vegetables-and-fruits-from-may-16-onwards-chandigarh-news-pkl3750932119","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः 16 मई से सीटीयू की बसें सप्लाई नहीं करेंगी सब्जी-फल, शुरू हो सकता पब्लिक ट्रांसपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः 16 मई से सीटीयू की बसें सप्लाई नहीं करेंगी सब्जी-फल, शुरू हो सकता पब्लिक ट्रांसपोर्ट
Thu, 14 May 2020 01:43 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2020 01:43 PM IST
विज्ञापन
सीटीयू बस में फल और सब्जियां
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीटीयू की बसें 15 मई तक ही सेक्टरों में फल और सब्जियों की सप्लाई करेंगी। 16 मई से यह व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। यूटी प्रशासन ने शहर की व्यवस्था पटरी पर लौटते देख यह निर्णय लिया है। वहीं, 17 मई के बाद शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने पर विचार किया जा सकता है।
निगम कमिश्नर केके यादव ने बुधवार को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वीरवार को एक्सईएन अजय गर्ग को इस कार्य मे लगे सभी कर्मचारियों की सूची देने को कहा है। शहर में आवश्यक सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर को दी गई थी। इसके बाद 26 मार्च से ही नगर निगम के कर्मचारी सीटीयू के बसों में सेक्टर-26 मंडी से फल व सब्जी लेते थे। बस में एक वेंडर के साथ इंफोर्समेंट विंग के एक सब इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी लगाई जाती है।
अलग-अलग सेक्टर में टीम पहुंचकर लोगों को फल व सब्जी उपलब्ध करा रही थी। कर्फ्यू खुलने के बाद शहर की व्यवस्था पटरी पर आने लगी है इसलिए अब प्रशासन ने तय किया है कि यह व्यवस्था खत्म कर दी जाए। इस व्यवस्था में सीटीयू की 80 बसें लगी हैं, वहीं इनमें निगम लगभग 170 कर्मचारी तैनात हैं।
विज्ञापन
फिलहाल शहर में किसी भी प्रकार के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चलाने की अनुमति नहीं है। बसों से सब्जी व फल सेक्टरों में भेजा जा रहा था। कर्फ्यू खुलने के बाद ऑड व ईवन नंबर से दुकानें भी खुलने लगीं हैं। ऐसे में शहर की व्यवस्था पटरी पर आते देख सोशल डिस्टेंसिग के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने पर भी विचार किया जा सकता है। इसी लिए सीटीयू की बसों को अब फल सब्जी भेजने के काम से रोका गया है। हालांकि इस पर विचार 17 मई के बाद ही होगा।
सेक्टर- 17 मंडी में फिलहाल आम लोगों को अनुमति नहीं, वेंडर लेंगे सब्जी
कमिश्नर केके यादव से सभी वेंडरों को अजय गर्ग से मिलने को कहा है। जो वेंडर सेक्टरों में सब्जी व फल बेचना चाहते हैं उन्हें पास जारी होंगे। सेक्टर 17 मंडी में केवल पास धारक वेंडर ही प्रवेश करेगा। आम लोगों को फिलहाल मंडी में आने की अनुमति नहीं है। इससे मंडी की व्यवस्था भी दुरुस्त रहेगी और दूसरी ओर निगम के कर्मचारी अपने विभागीय कार्य में जुटेंगे।
विज्ञापन
निगम कमिश्नर केके यादव ने बुधवार को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वीरवार को एक्सईएन अजय गर्ग को इस कार्य मे लगे सभी कर्मचारियों की सूची देने को कहा है। शहर में आवश्यक सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर को दी गई थी। इसके बाद 26 मार्च से ही नगर निगम के कर्मचारी सीटीयू के बसों में सेक्टर-26 मंडी से फल व सब्जी लेते थे। बस में एक वेंडर के साथ इंफोर्समेंट विंग के एक सब इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी लगाई जाती है।
विज्ञापन
अलग-अलग सेक्टर में टीम पहुंचकर लोगों को फल व सब्जी उपलब्ध करा रही थी। कर्फ्यू खुलने के बाद शहर की व्यवस्था पटरी पर आने लगी है इसलिए अब प्रशासन ने तय किया है कि यह व्यवस्था खत्म कर दी जाए। इस व्यवस्था में सीटीयू की 80 बसें लगी हैं, वहीं इनमें निगम लगभग 170 कर्मचारी तैनात हैं।
विज्ञापन
फिलहाल शहर में किसी भी प्रकार के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चलाने की अनुमति नहीं है। बसों से सब्जी व फल सेक्टरों में भेजा जा रहा था। कर्फ्यू खुलने के बाद ऑड व ईवन नंबर से दुकानें भी खुलने लगीं हैं। ऐसे में शहर की व्यवस्था पटरी पर आते देख सोशल डिस्टेंसिग के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने पर भी विचार किया जा सकता है। इसी लिए सीटीयू की बसों को अब फल सब्जी भेजने के काम से रोका गया है। हालांकि इस पर विचार 17 मई के बाद ही होगा।
सेक्टर- 17 मंडी में फिलहाल आम लोगों को अनुमति नहीं, वेंडर लेंगे सब्जी
कमिश्नर केके यादव से सभी वेंडरों को अजय गर्ग से मिलने को कहा है। जो वेंडर सेक्टरों में सब्जी व फल बेचना चाहते हैं उन्हें पास जारी होंगे। सेक्टर 17 मंडी में केवल पास धारक वेंडर ही प्रवेश करेगा। आम लोगों को फिलहाल मंडी में आने की अनुमति नहीं है। इससे मंडी की व्यवस्था भी दुरुस्त रहेगी और दूसरी ओर निगम के कर्मचारी अपने विभागीय कार्य में जुटेंगे।