अमृतसर रेल हादसा : ट्रैक से धरना उठवाने गई पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज, सुरक्षा में सीआरपीएफ तैनात
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रेल हादसे के तीन दिन बाद भी जौड़ा फाटक की खूनी पटरी पर धरना- प्रदर्शन जारी रहा। धरना उठवाने गई पुलिस की टीम पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इस दौरान एक कांस्टेबल की आंख पर पत्थर लगा जबकि दो को मामूली चोटें आई। टकराव की स्थिति को देख रेल यातायात चलाने के लिए प्रशासन ने पैरा मिलिट्री फोर्स को मैदान में उतार दिया है। अब ट्रैक के सुरक्षा की कमान सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स के अलावा आरपीएफ ने संभाल ली है।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठकर धरना देना चाहते थे। उन्हें रोकने की कोशिश की गई तो लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से खदेड़ दिया गया।
हादसे के बाद अमृतसर में रेल सेवा बाधित हो गई थी। रविवार को रेल सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया। इसके लिए जौड़ा फाटक पर सुरक्षा के पुख्ता प्रंबंध किए गए थे। दोपहर 2.17 बजे मानावालां से अमृतसर के लिए मालगाड़ी गुजरी। वहीं, अभी इस रेल लाइन को पूरी तरह बहाल नहीं किया गया। शान-ए-पंजाब और शताब्दी को मानांवाला स्टेशन से जालंधर के लिए रवाना कर दिया गया है।
क्षेत्रवासियों की मांग, अवशेष हटाने से पहले कराई जाए पहचान
क्षेत्रवासियों का कहना है कि हादसे के बाद से कई व्यक्तियों का अब भी पता नहीं चल पाया है। ऐसे में ट्रैक से मारे गए लोगों के अवशेष हटाने से पहले उनकी पहचान कराई जाए। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि मृतकों की संख्या कम करके बताई जा रही है।
पटरी पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और रेल की संपत्ति को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।- बाबू लाल, आरपीएफ अधिकारी