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Chandigarh News: भाजपा को संकट से निकालने के लिए मनोहर के दूत बने बबली

Sat, 11 May 2024 01:08 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2024 01:08 PM IST
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Crisis on government, Babli becomes Manohar's messenger to get BJP out of crisis
जोगीराम सिहाग और सुरजाखेड़ा के बाद गौतम, काला और ईश्वर सिंह को साध रहे बबली
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाण में भाजपा के लिए बने सियासी संकट के बीच टोहाना से जजपा के विधायक और गठबंधन सरकार में पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली भाजपा के लिए संकटमोचक बनने की तैयारी में हैं। अल्पमत में आई सरकार के बीच बबली ने जहां जजपा के दो विधायकों रामनिवास सुरजाखेड़ा और जोगीराम सिहाग की पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करा संकट टालने का विश्वास दिलाया है। वहीं, बबली ने जजपा के अन्य विधायकों को भी भाजपा के पाले में लाने का वादा किया है। मनोहर लाल की थपकी और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट के आश्वासन पर बबली अब जजपा के रामकुमार गौतम, ईश्वर सिंह और रामकरण काला को सरकार के साथ लाने की कोशिश में जुट गए हैं।
दो माह पहले तक जजपा के साथ गठबंधन में भाजपा की सरकार रही है और जजपा के दसों विधायक सरकार का गुणगान करते रहे हैं। खासकर नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौतम इसमें सबसे आगे रहे। उन्होंने शुरू से जजपा परिवार को निशाने पर रखा और मनोहर लाल का गुणगान करते रहे। इनके अलावा सरकार में पंचायत मंत्री के तौर पर शामिल हुए देवेंद्र बबली मनोहर लाल का विश्वास जीतने में कामयाब रहे। सरकार में रहते ही बबली भी जजपा नेतृत्व पर निशाना साधते रहे हैं। अब टोहाना से भाजपा में उनकी राह आसान हो गई है, उनके धुर विरोधी सुभाष बराला राज्यसभा में सांसद हो चुके हैं, इसलिए यहां से भाजपा उनको टिकट का दावेदार मान रही है। पानीपत में मंत्री महिपाल ढांडा के घर पर बबली ही दो विधायकों को साथ लेकर पहुंचे थे। तीनों विधायकों ने मनोहर लाल को आश्वस्त किया कि वह खुलकर सरकार के साथ हैं। इनके अलावा तीन और विधायकों को सरकार के साथ लाने का दावा भी किया है। बबली ने जजपा से बागी हो चुके तीन और विधायकों रामकरण काला, रामकुमार गौतम और ईश्वर सिंह से भी संपर्क साधा है। हालांकि, तीनों विधायकों ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।
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जजपा के तीनों विधायकों के टिकट पर फंसा पेंच
टोहाना, नरवाना और बरवाला में भाजपा के पास और कोई बड़ा नेता टिकट का दावेदार नहीं है। इसलिए बबली, सुरजाखेड़ा और सिहाग को टिकट देने में भाजपा को दिक्कत नहीं है। लेकिन रामकरण काला, रामकुमार गौतम और ईश्वर सिंह को साधने में विधानसभा टिकट को लेकर पेच फंसा है। रामकरण काला के सामने पहले से पूर्व मंत्री और सीएम के पूर्व सलाहकार कृष्ण बेदी दावेदार हैं। गुहला चीका में भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर और गौतम के सामने पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु दावेदार हैं। इन तीनों के टिकट काटना भाजपा के लिए आसान नहीं है। इसलिए जजपा के ये तीनों विधायक भाजपा के अलावा कांग्रेस व अन्य दलों पर फोकस कर रहे हैं।
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जननायक से खलनायक बनी जजपा : बबली

बोले-नोटिस मिला है, बाकी विधायकों से सलाह लेकर देंगे नोटिस का जवाब

संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद/टोहाना। देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि जननायक जनता पार्टी अब जननायक से खलनायक बन गई है। मुझे पार्टी से नोटिस मिला है। साथी विधायकों से सलाह करके नोटिस का जवाब दूंगा। अपने इलाके के सभी लोगों से शनिवार से रायशुमारी शुरू करूंगा। इसके बाद तय करूंगा किस दल में जाना है।

देवेंद्र बबली शुक्रवार को टोहाना में भगवान परशुराम जयंती समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ तो दुष्यंत चौटाला अकेले या फिर उनकी मां नैना चौटाला ही उनके साथ जाएंगी। जजपा के बाकी सभी विधायक चर्चा करने के बाद ही निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला कभी व्हिप जारी करने तो कभी बर्खास्त करने की धमकी देते हैं। वे ऐसा करके तो दिखाएं। इसकी लड़ाई कोर्ट में लड़ेंगे। जजपा में सारे पदाधिकारी अब घर के ही रह गए हैं।

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दुष्यंत कोई फैसला लेना चाहते हैं, तो पहले सभी विधायकों को विश्वास में लें
पानीपत में मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात और भाजपा को समर्थन पर बबली ने कहा कि अपने इलाके के कामों को लेकर लगातार मुलाकात व बातचीत होती रहती है। अभी तक किसी विधायक ने भाजपा को समर्थन नहीं दिया है। जजपा जितनी दुष्यंत की है, उतनी ही अन्य विधायकों की भी। उन्होंने कहा कि जब भाजपा से समर्थन वापस लिया गया, तब भी विधायकों को जानकारी नहीं दी गई। दुष्यंत कोई फैसला लेना चाहते हैं तो पहले सारे विधायकों को विश्वास में लें। अजय चौटाला भी लगातार अमर्यादित भाषा का प्रयोग करके विधायकों का अपमान कर रहे हैं। दुष्यंत को उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इस तरह अपमान को लेकर उन पर मानहानि का केस भी बनता है।
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