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अपराधियों पर कसेगी नकेल, शहर में दो और डिवीजन बनाने की तैयारी
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चंडीगढ़। शहर में पिछले काफी समय से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह है कि शहर के ईस्ट और साउथ डिवीजन में ज्यादा थाने होने की वजह से इसे व्यवस्थित तरीके से संचालित न कर पाने के अलावा अपराधियों का इस क्षेत्र से दूसरे राज्यों में फरार हो जाना। ऐसे में आला अधिकारियों ने शहर के ईस्ट और साउथ डिवीजन से तीन-तीन थाने निकालकर दो और डिविजन के बनाने का फैसला लिया है। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही लागू करने की तैयारी है।
चंडीगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के साउथ और ईस्ट में सेंट्रल डिवीजन के मुकाबले ज्यादा अपराध हुए हैं। इन दोनों डिवीजन के क्षेत्र में ज्यादातर शहर की सीमा लगती है। इसमें जीरकपुर, मुल्लांपुर, हाउसिंग बोर्ड चौक आईटी पार्क, मटौर बैरियर समेत अन्य सीमाएं शामिल हैं। इसकी वजह से अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद इन्हीं इलाकों से आसानी से शहर के बाहर फरार हो जाते हैं। ऐसे में दो और डिवीजन बनने से कुछ हद तक अपराध पर लगाम लगने की संभावना है।
सेंट्रल में चार, बाकी चार डिवीजन में होंगे तीन-तीन थाने
बता दें कि ईस्ट और साउथ डिवीजन में कुल छह-छह थाने हैं। इनमें ईस्ट डिवीजन में आईटी पार्क, मनीमाजरा, औद्योगिक क्षेत्र, मौलीजागरां, सेक्टर-26 और सेक्टर-19 थाना जबकि साउथ में सेक्टर-31, 34, 36, 39, 49 और मलोया थाना शामिल हैं। वहीं अगर सेंट्रल डिवीजन की बात करें तो इस क्षेत्र में कुल चार थाने हैं, जिनमें सेक्टर-3, 17, 11 और सारंगपुर थाना शामिल हैं। दो और डिवीजन बनने से सेंट्रल में चार और बाकी के चार डिवीजन में तीन-तीन थाने रहेंगे।
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डीएसपी को मिलेगा लाभ
बता दें कि पुलिस विभाग में डीएसपी के 23 पद हैं। कई ऐसे डीएसपी हैं, जिन्हें अब तक थाने की पोस्टिंग से दूर रखा गया है। अगर दो और डिवीजन बनते हैं तो कहीं न कहीं इन डीएसपी को थाने में लगने का मौका मिल सकता है जबकि कई डीएसपी ऐसे भी हैं, जो पिछले काफी समय से एक ही विंग में तैनात हैं लेकिन अब तक उन्हें एक बार भी डिवीजन डीएसपी बनने का मौका नहीं मिला है।
एक नॉर्थ डिवीजन होगा, दूसरे के नाम पर फैसला जल्द
बता दें कि हाल ही में पुलिस रिफॉर्म कमीशन का गठन किया गया था। सेवानिवृत्त आईजीपी केबी सिंह की अगुवाई में डिवीजनों पर रिपोर्ट बन रही है, जिसे जल्द ही दाखिल कर दिया जाएगा। उच्च अधिकारियों का कहना है कि अभी अलग होने वाले एक डिवीजन का नाम नॉर्थ रखा जाएगा जबकि दूसरे डिवीजन के नाम का फैसला जल्द लिया जाएगा।
यातायात पुलिस में मौजूदा समय में चार डिवीजन
यातायात पुलिस को मौजूदा समय में कुल चार भागों में बांटा गया है, जिनमें साउथ वेस्ट, साउथ ईस्ट, सेंट्रल और ईस्ट डिवीजन शामिल हैं। इन सभी डिवीजन में एडमिन समेत चार डीएसपी लगाए गए हैं। ऐसे में अगर अलग-अलग दो और डिवीजन बनाने की यह प्रक्रिया शुरू हुई तो पुलिसकर्मियों के साथ साथ डीएसपी को भी काफी राहत मिलेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
साउथ और ईस्ट डिवीजन से दो और डिवीजन बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
-कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी यूटी
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चंडीगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के साउथ और ईस्ट में सेंट्रल डिवीजन के मुकाबले ज्यादा अपराध हुए हैं। इन दोनों डिवीजन के क्षेत्र में ज्यादातर शहर की सीमा लगती है। इसमें जीरकपुर, मुल्लांपुर, हाउसिंग बोर्ड चौक आईटी पार्क, मटौर बैरियर समेत अन्य सीमाएं शामिल हैं। इसकी वजह से अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद इन्हीं इलाकों से आसानी से शहर के बाहर फरार हो जाते हैं। ऐसे में दो और डिवीजन बनने से कुछ हद तक अपराध पर लगाम लगने की संभावना है।
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सेंट्रल में चार, बाकी चार डिवीजन में होंगे तीन-तीन थाने
बता दें कि ईस्ट और साउथ डिवीजन में कुल छह-छह थाने हैं। इनमें ईस्ट डिवीजन में आईटी पार्क, मनीमाजरा, औद्योगिक क्षेत्र, मौलीजागरां, सेक्टर-26 और सेक्टर-19 थाना जबकि साउथ में सेक्टर-31, 34, 36, 39, 49 और मलोया थाना शामिल हैं। वहीं अगर सेंट्रल डिवीजन की बात करें तो इस क्षेत्र में कुल चार थाने हैं, जिनमें सेक्टर-3, 17, 11 और सारंगपुर थाना शामिल हैं। दो और डिवीजन बनने से सेंट्रल में चार और बाकी के चार डिवीजन में तीन-तीन थाने रहेंगे।
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डीएसपी को मिलेगा लाभ
बता दें कि पुलिस विभाग में डीएसपी के 23 पद हैं। कई ऐसे डीएसपी हैं, जिन्हें अब तक थाने की पोस्टिंग से दूर रखा गया है। अगर दो और डिवीजन बनते हैं तो कहीं न कहीं इन डीएसपी को थाने में लगने का मौका मिल सकता है जबकि कई डीएसपी ऐसे भी हैं, जो पिछले काफी समय से एक ही विंग में तैनात हैं लेकिन अब तक उन्हें एक बार भी डिवीजन डीएसपी बनने का मौका नहीं मिला है।
एक नॉर्थ डिवीजन होगा, दूसरे के नाम पर फैसला जल्द
बता दें कि हाल ही में पुलिस रिफॉर्म कमीशन का गठन किया गया था। सेवानिवृत्त आईजीपी केबी सिंह की अगुवाई में डिवीजनों पर रिपोर्ट बन रही है, जिसे जल्द ही दाखिल कर दिया जाएगा। उच्च अधिकारियों का कहना है कि अभी अलग होने वाले एक डिवीजन का नाम नॉर्थ रखा जाएगा जबकि दूसरे डिवीजन के नाम का फैसला जल्द लिया जाएगा।
यातायात पुलिस में मौजूदा समय में चार डिवीजन
यातायात पुलिस को मौजूदा समय में कुल चार भागों में बांटा गया है, जिनमें साउथ वेस्ट, साउथ ईस्ट, सेंट्रल और ईस्ट डिवीजन शामिल हैं। इन सभी डिवीजन में एडमिन समेत चार डीएसपी लगाए गए हैं। ऐसे में अगर अलग-अलग दो और डिवीजन बनाने की यह प्रक्रिया शुरू हुई तो पुलिसकर्मियों के साथ साथ डीएसपी को भी काफी राहत मिलेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
साउथ और ईस्ट डिवीजन से दो और डिवीजन बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
-कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी यूटी