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नशे में धुत्त लड़की का हंगामा: क्लब के बाहर डेढ़ घंटे जमीन पर पड़ी रही, महिला कांस्टेबल से भी न संभली

Mon, 14 Jul 2025 08:40 AM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 14 Jul 2025 08:40 AM IST
सार

एसएचओ सतनाम सिंह ने कुछ दिन पहले क्लब संचालकों के साथ बैठक कर निर्देश दिए थे कि सभी की एंट्री केवल आईडी कार्ड के साथ ही की जाए। बावजूद इसके क्लब प्रबंधन ने युवती को क्लब में बिना आईडी कार्ड के ही एंट्री दे दी थी।

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young woman created ruckus outside mall located in Chandigarh
क्लब के बाहर बेसुध पड़ी लड़की - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मॉल के बाहर एक युवती ने शुक्रवार देर रात जमकर हंगामा किया। युवती लगभग डेढ़ घंटे तक मॉल के बाहर जमीन पर पड़ी रही। घटना रात करीब साढ़े तीन बजे की है। युवती मॉल में स्थित एक क्लब में गई थी।
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मामले की सूचना मिलने पर पीसीआर मौके पर पहुंची, लेकिन उसमें मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी युवती को संभाल नहीं सकी। इसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन उसमें भी महिला स्टाफ नहीं था।
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जानकारी मिलते ही इंडस्ट्रियल एरिया थाना प्रभारी सतनाम सिंह ने थाने से दो महिला पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा। तब जाकर युवती को वहां से उठाकर सेक्टर-32 अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस की लापरवाही के चलते युवती को अस्पताल पहुंचाने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लग गया। वहीं क्लब प्रबंधन की ओर से भी पुलिस की मदद के लिए कोई महिला बाउंसर नहीं भेजी गई।
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जब क्लब प्रबंधन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि घटना क्लब के बाहर हुई है, इसलिए सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं बनती।

सुरक्षाकर्मी से हाथापाई, फाड़े कपड़े

सूत्रों ने बताया कि घटना के दौरान मॉल में मौजूद एक सुरक्षाकर्मी ने युवती की मदद करने की कोशिश की, लेकिन उसने "डॉन्ट टच" कहकर उसे धक्का दे दिया और हाथापाई के दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद सुरक्षाकर्मी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सिर्फ एक महिला कांस्टेबल भेजी, जो युवती को संभाल नहीं सकी। एंबुलेंस भी पहुंची, लेकिन उसमें महिला स्टाफ नहीं था। डेढ़ घंटे बाद थाने से दूसरी टीम पहुंची, जिसने युवती को अस्पताल पहुंचाया।

क्लब में मौजूद पुलिस मुलाजिम ने की मदद की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, क्लब में एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ ड्यूटी करने वाला पुलिसकर्मी भी मौजूद था। उसने युवती की मदद करने की कोशिश की, लेकिन युवती ने उसे गालियां दीं और बदसलूकी की। यह घटना प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। यदि किसी महिला को रात के समय मदद की जरूरत हो तो क्या सिर्फ एक महिला पुलिसकर्मी पर्याप्त होगी? युवती की हालत गंभीर थी, लेकिन समय पर सहायता न मिलने के कारण उसकी जान जोखिम में पड़ सकती थी।

बिना आईडी कार्ड के दी गई एंट्री

सूत्रों के मुताबिक, युवती को क्लब में बिना आईडी कार्ड के ही एंट्री दे दी गई। वह नशे में थी और क्लब के अंदर गाली-गलौज कर रही थी। इसके बाद बाउंसरों ने उसे बाहर निकाल दिया, जहां उसने मॉल के बाहर जमकर हंगामा किया। बाद में वह बेसुध हो गई और जमीन पर लेटी रही।

एक क्लब संचालक का कहना है कि लड़कों की एंट्री आईडी कार्ड के साथ होती है, लेकिन लड़कियों की एंट्री बिना आईडी के ही कर दी जाती है। अब सवाल यह है कि अगर कोई लड़की वारदात कर भाग जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

प्रशासन को लेनी होगी जिम्मेदारी

इस घटना के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस, प्रशासन और क्लब प्रबंधन सभी को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
 
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