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उत्तर प्रदेश में पकड़े गए आतंकी का मोहाली से है रिश्ता, जानिए कैसे?
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sat, 11 Mar 2017 01:14 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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उत्तर प्रदेश में एटीएस द्वारा पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों में से एक फकरे आलम उर्फ रिशु का मोहाली से गहरा रिश्ता है। उसने चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेस झंजेड़ी से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वहीं, उसे पढ़ाने वाले अध्यापक भी उसकी गिरफ्तारी के बारे में सुनकर काफी हैरान हैं। किसी को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है। अध्यापकों के मुताबिक आलम काफी शांत था और वह रोजाना कॉलेज आता था। उसे मशीनों से भी लगाव था। वह प्रैक्टिकल की कक्षाएं कभी मिस नहीं करता था।
फार्म भरने के लिए 20 मार्च को आना था कॉलेज
वहीं, संस्थान के एक अध्यापक ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि आलम को उन्होंने किसी से बहस करते नहीं देखा। वह पढ़ाई में औसत छात्र था। उसकी तीन कंपार्टमेंट आई थी, जो दूसरे चौथे और पांचवें सेमेस्टर में थी। अध्यापक ने बताया कि जब कुछ पहले उन्होंने उससे पूछा कि तुम परीक्षा के लिए फार्म कब भरोगे तो उसने बताया था कि वह 20 मार्च को कॉलेज आएगा। वहीं, पता चला है कि आलम के बैच के सभी छात्र विभिन्न कंपनियों व संस्थानों में छह माह की ट्रेनिंग ले रहे हैं। क्योंकि उसका फाइनल सेमेस्टर था।
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फार्म भरने के लिए 20 मार्च को आना था कॉलेज
वहीं, संस्थान के एक अध्यापक ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि आलम को उन्होंने किसी से बहस करते नहीं देखा। वह पढ़ाई में औसत छात्र था। उसकी तीन कंपार्टमेंट आई थी, जो दूसरे चौथे और पांचवें सेमेस्टर में थी। अध्यापक ने बताया कि जब कुछ पहले उन्होंने उससे पूछा कि तुम परीक्षा के लिए फार्म कब भरोगे तो उसने बताया था कि वह 20 मार्च को कॉलेज आएगा। वहीं, पता चला है कि आलम के बैच के सभी छात्र विभिन्न कंपनियों व संस्थानों में छह माह की ट्रेनिंग ले रहे हैं। क्योंकि उसका फाइनल सेमेस्टर था।
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बहनोई एयरफोर्स में, चंडीगढ़ में रहते थे
बहनोई एयरफोर्स में, चंडीगढ़ में रहते थे
आरोपी ने संस्थान में जो पता लिखवाया था। उसमें उसने सेक्टर-31डी चंडीगढ़ का पता दिया है। जहां पर उसकी बड़ी बहन और बहनोई रहते थे। उसके बहनोई एयरफोर्स में हैं। अब उनका यहां से तबादला हो चुका है, जबकि आरोपी ने इसे दुरुस्त नहीं करवाया था।
स्मार्ट व्हील चेयर बनाने वाली टीम का था हिस्सा
आरोपी को मशीनों से बहुत लगाव था। कॉलेज की तरफ से बनाई गई स्मार्ट व्हील चेयर के प्रोजेक्ट में भी वह शामिल था। यह ऐसी कुर्सी है जिसे दिव्यांग लोग खुद आसानी से चला सकते हैं। इसे एक राष्ट्रीय समारोह में प्रदर्शित भी किया गया था।
आरोपी ने संस्थान में जो पता लिखवाया था। उसमें उसने सेक्टर-31डी चंडीगढ़ का पता दिया है। जहां पर उसकी बड़ी बहन और बहनोई रहते थे। उसके बहनोई एयरफोर्स में हैं। अब उनका यहां से तबादला हो चुका है, जबकि आरोपी ने इसे दुरुस्त नहीं करवाया था।
स्मार्ट व्हील चेयर बनाने वाली टीम का था हिस्सा
आरोपी को मशीनों से बहुत लगाव था। कॉलेज की तरफ से बनाई गई स्मार्ट व्हील चेयर के प्रोजेक्ट में भी वह शामिल था। यह ऐसी कुर्सी है जिसे दिव्यांग लोग खुद आसानी से चला सकते हैं। इसे एक राष्ट्रीय समारोह में प्रदर्शित भी किया गया था।