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चंडीगढ़ः एटीएम में डिवाइस लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, रोमानिया के दो युवक गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 12 Aug 2018 03:37 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
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केनरा बैंक के चार एटीएम में कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर क्राइम ब्रांच की टीम ने रोमानिया निवासी दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दोनों ही आरोपी टोपी और नकली बाल लगाकर एटीएम में दाखिल होते थे और चुपके से कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाकर खिसक लेते थे। आरोपियों की मंशा डिवाइस की मदद से ग्राहकों के एटीएम कार्ड का डाटा कॉपी कर ऑनलाइन शापिंग कर और खाते से रकम निकालकर चपत लगाने की थी।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी अभी डाटा इकट्ठा करने में जुटे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से टोपी, नकली बाल और अन्य कपड़े बरामद किए हैं। दोनों ही आरोपी इंटरनेशनल रोमानिया गैंग से ताल्लुक रखते हैं। इस गैंग से जुड़े लोग कई शहरों में डिवाइस लगाकर लोगों के अकाउंट से रकम उड़ा चुके हैं। शनिवार आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को तीन-तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रोमानिया निवासी 37 वर्षीय मिकलिया लेशियन और परासचिव जार्ज के रूप में हुई है।
क्राइम बांच के एसपी रवि कुमार ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस को सूचना मिल रही थी कि केनरा बैंक के एटीएम में कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाए जा रहे हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी। इस दौरान डीएसपी पवन कुमार और इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में कुछ सीसटीवी फुटेज मिले, जिसमें दो आरोपी एटीएम मशीन में डिवाइस लगाते दिख रहे थे। फुटेज से पता चला कि दोनों आरोपी विदेशी हो सकते हैं।
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जानकारी के मुताबिक, आरोपी अभी डाटा इकट्ठा करने में जुटे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से टोपी, नकली बाल और अन्य कपड़े बरामद किए हैं। दोनों ही आरोपी इंटरनेशनल रोमानिया गैंग से ताल्लुक रखते हैं। इस गैंग से जुड़े लोग कई शहरों में डिवाइस लगाकर लोगों के अकाउंट से रकम उड़ा चुके हैं। शनिवार आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को तीन-तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रोमानिया निवासी 37 वर्षीय मिकलिया लेशियन और परासचिव जार्ज के रूप में हुई है।
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क्राइम बांच के एसपी रवि कुमार ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस को सूचना मिल रही थी कि केनरा बैंक के एटीएम में कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाए जा रहे हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी। इस दौरान डीएसपी पवन कुमार और इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में कुछ सीसटीवी फुटेज मिले, जिसमें दो आरोपी एटीएम मशीन में डिवाइस लगाते दिख रहे थे। फुटेज से पता चला कि दोनों आरोपी विदेशी हो सकते हैं।
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पुलिस गिरफ्त में रोमानिया के आरोपी
दूसरे स्टेट की पुलिस से किया संपर्क तो मिला क्लू
एसपी ने बताया कि घटना के बाद जांच की गई तो पता चला कि इस तरह के केस कोलकाता, दिल्ली और अन्य दूसरे राज्यों में भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इस तरह के केस में दो महीने पहले दिल्ली पुलिस ने रोमानिया के दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कुछ क्लू मिल गए। इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़ के होटलों का रिकार्ड खंगाला।
इसमें पुलिस ने पता किया कि पिछले दिनों शहर में कितने विदेशी ठहरे हुए थे। इस जांच में सामने आया कि सेक्टर-35 और सेक्टर-43 के होटलों में रोमानिया के दो लोग ठहरे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उक्त आरोपियों को दबोचने की कार्रवाई शुरू की।
टूरिस्ट वीजा पर थे दोनों आरोपी
शुरुआती जांच में पता लगा कि दोनों आरोपी दो महीने के टूरिस्ट वीजा पर इंडिया आए हुए थे। इनमें एक आरोपी मिकलिया लेशियन 10 जुलाई और दूसरा आरोपी परासचिव जार्ज 3 जुलाई को इंडिया आया था।
एक आरोपी की आज थी फ्लाइट
एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एटीएम मशीन में कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाने वाले आरोपी दिल्ली में हैं। दोनों आरोपियों में से एक आरोपी कि रविवार को रोमानिया के लिए फ्लाइट थी। आरोपी भागने के फिराक में था। इसके बाद टीम ने दोनों आरोपियों को दिल्ली के महिपालपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
बिना सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम पर होती थी नजर
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह उस एटीएम में ही कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाते थे, जिसमें सिक्योरिटी गार्ड नहीं होते थे। रेकी करने के बाद वह सुबह-सुबह एटीएम बूथ में हुलिया बदलकर जाते थे ताकि उनकी पहचान न हो सके। केनरा बैंक के एटीएम को वह इसलिए चुनते थे क्योंकि उसका मॉडल काफी पुराना है। आरोपियों ने बताया कि वह डिवाइस को लगाने के बाद दो से तीन दिन में उसे निकालने की तैयारी में थे लेकिन उससे पहले ही उनका भंडाफोड़ हो गया।
एसपी ने बताया कि घटना के बाद जांच की गई तो पता चला कि इस तरह के केस कोलकाता, दिल्ली और अन्य दूसरे राज्यों में भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इस तरह के केस में दो महीने पहले दिल्ली पुलिस ने रोमानिया के दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कुछ क्लू मिल गए। इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़ के होटलों का रिकार्ड खंगाला।
इसमें पुलिस ने पता किया कि पिछले दिनों शहर में कितने विदेशी ठहरे हुए थे। इस जांच में सामने आया कि सेक्टर-35 और सेक्टर-43 के होटलों में रोमानिया के दो लोग ठहरे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उक्त आरोपियों को दबोचने की कार्रवाई शुरू की।
टूरिस्ट वीजा पर थे दोनों आरोपी
शुरुआती जांच में पता लगा कि दोनों आरोपी दो महीने के टूरिस्ट वीजा पर इंडिया आए हुए थे। इनमें एक आरोपी मिकलिया लेशियन 10 जुलाई और दूसरा आरोपी परासचिव जार्ज 3 जुलाई को इंडिया आया था।
एक आरोपी की आज थी फ्लाइट
एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एटीएम मशीन में कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाने वाले आरोपी दिल्ली में हैं। दोनों आरोपियों में से एक आरोपी कि रविवार को रोमानिया के लिए फ्लाइट थी। आरोपी भागने के फिराक में था। इसके बाद टीम ने दोनों आरोपियों को दिल्ली के महिपालपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
बिना सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम पर होती थी नजर
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह उस एटीएम में ही कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाते थे, जिसमें सिक्योरिटी गार्ड नहीं होते थे। रेकी करने के बाद वह सुबह-सुबह एटीएम बूथ में हुलिया बदलकर जाते थे ताकि उनकी पहचान न हो सके। केनरा बैंक के एटीएम को वह इसलिए चुनते थे क्योंकि उसका मॉडल काफी पुराना है। आरोपियों ने बताया कि वह डिवाइस को लगाने के बाद दो से तीन दिन में उसे निकालने की तैयारी में थे लेकिन उससे पहले ही उनका भंडाफोड़ हो गया।