{"_id":"636d3a4b1adc473f1454298a","slug":"two-laborers-who-landed-in-the-tank-died-of-poisonous-gas","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehgarh Sahib: सरहिंद में बड़ा हादसा, टैंक में उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस से मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Fatehgarh Sahib: सरहिंद में बड़ा हादसा, टैंक में उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस से मौत
Thu, 10 Nov 2022 11:25 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 10 Nov 2022 11:25 PM IST
सार
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम फतेहगढ़ साहिब हरप्रीत सिंह, डीएसपी सुखबीर सिंह, सिविल अस्पताल के डॉक्टर, तहसीलदार बादलदीन और दूसरे पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेबीसी मशीन की मदद से टैंक को तोड़ गया। मगर अंदर फंसे मजदूरों ने कोई हलचल नहीं की। जिन्हें लोहे के सरिए की कुंडी बना रस्सियों की मदद से बाहर खींचा गया।
विज्ञापन
घटनास्थल का जायजा लेते डीएसपी सुखबीर सिंह व अन्य पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे सरहिन्द की शुभ मोहन फैक्टरी में शीरे के टैंक में सफाई करने उतरे दो मजदूरों की गैस चढ़ने से मौत हो गई जबकि एक को बेहोशी की हालत में निकाल लिया गया। उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी हालत पूरी तरह से ठीक है। दमकल की टीम और स्थानीय लोगों की मदद से लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मृतकों के शवों को टैंक से निकाला गया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से शव को फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में रखवा दिया गया।
विज्ञापन
दोनों कर्मियों के टैंक में फंसे होने की सूचना फैलते ही स्थानीय लोग जमा हो गए। मृतक मजदूरों में पवित्र सादन (30 वर्ष) निवासी नेपाल और राकेश पासवान (25 वर्ष) निवासी बिहार शामिल है। राकेश अपने पांच बच्चों के साथ सरहिन्द में ही रहता था।
विज्ञापन
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम फतेहगढ़ साहिब हरप्रीत सिंह, डीएसपी सुखबीर सिंह, सिविल अस्पताल के डॉक्टर, तहसीलदार बादलदीन और दूसरे पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेबीसी मशीन की मदद से टैंक को तोड़ गया। मगर अंदर फंसे मजदूरों ने कोई हलचल नहीं की। जिन्हें लोहे के सरिए की कुंडी बना रस्सियों की मदद से बाहर खींचा गया।
विज्ञापन