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चंडीगढ़ की महिला से 77 लाख की ठगी: साजिद और रफीक गिरफ्तार, आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस, क्या-क्या मिला?
Wed, 20 Aug 2025 03:35 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 20 Aug 2025 03:35 PM IST
सार
चंडीगढ़ की महिला से 77 लाख रुपये की ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो आरोपी साजिद और रफीक को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं।
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पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
चंडीगढ़ की एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 77 लाख 42 हजार 420 रुपये की ठगी की गई थी। मामले में चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र निवासी साजिद अहमद ए पटेल और शहीद रफीक मुल्ला के तौर पर हुई है।
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शातिरों ने महिला को बताया था कि वह क्राइम ब्रांच अधिकारी हैं। ठगों ने महिला को झांसा दिया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल मुंबई में सिम कार्ड निकालने और बैंक खाता खोलने के लिए किया गया है। खाते का इस्तेमाल जेट एयरवेज के सीईओ नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है। इसी बहाने आरोपियों ने उसे व्हाट्सएप कॉल पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट और सुप्रीम कोर्ट के जाली आदेश दिखाए और परिवार को नुकसाने पहुंचने और केस में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी देकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
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पीड़िता को 10 जुलाई 2025 को फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया। इसके बाद आरोपी व उसके साथी लगातार व्हाट्सएप कॉल करते रहे। उन्होंने पीड़िता को डराकर चार अलग-अलग बार आरटीजीएस के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए। पीड़िता ने कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक से कुल 77 लाख 42 हजार 420 रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए। जब उन्हें पता चल तो तुरंत पुलिस को शिकायत दी। मामले में 15 जुलाई को साइबर क्राइम थाना ने एफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
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पुलिस ने ऐसे पकड़ा गिरोह
जांच के दौरान कॉल डिटेल्स, सीएएफ और बैंक केवाईसी की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। मुख्य आरोपी महाराष्ट्र निवासी साजिद अहमद ए पटेल (30) को 14 अगस्त को दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड और एसबीआई एटीएम कार्ड बरामद हुए। साजिद की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी शहीद रफीक मुल्ला (37) को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से दो सैमसंग फोल्ड 5 मोबाइल, एक ओप्पो 5जी फोन, आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक फेडरल बैंक एटीएम कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए।
20 लाख रुपये करवाए खातों में फ्रीज
दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि जब्त किए गए मोबाइल फोनों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच की जा सके। साइबर क्राइम थाना ने शिकयत के बाद बैंक की मदद से आरोपियों के खातों में 20 लाख 16 हजार 300 रुपये की राशि फ्रीज करवाई गई। पुलिस का कहना है कि पूरे फाइनेंशियल ट्रेल की जांच की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
साइबर क्राइम थाना ने जारी की एडवाइजरी
साइबर क्राइम थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर ईरम रिजवी ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि फोन या व्हाट्सएप पर खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर पैसे मांगने वाले पूरी तरह से ठग होते हैं। किसी भी अधिकारी द्वारा न तो पैसे मांगे जाते हैं और न ही व्यक्तिगत जानकारी। ठग अक्सर फर्जी वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी वारंट या अधिकारियों के नकली वीडियो दिखाकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद वे सत्यापन, गिरफ्तारी से बचाने या झूठे केस निपटाने के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाते हैं। यह सब धोखाधड़ी है। इंस्पेक्टर रिज़वी ने अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।