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MLA के भतीजे को ट्रिपलिंग करने से रोकना SI को महंगा पड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
Updated Sun, 03 Apr 2016 02:19 PM IST
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पुलिसवाले के साथ बुरा व्यवहार
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा के बहादुरगढ़ में बाइक पर दोस्तों संग ट्रिपल राइडिंग कर रहे विधायक के भतीजे को टोकना एक पुलिस कर्मचारी को महंगा पड़ गया। सत्ता दल के विधायक के भतीजे युवक ने पुलिस कर्मी के व्यवहार को अपनी तौहीन समझा और मौके पर आए एसआई से उलझ गया। एसआई ने युवक को थप्पड़ जड़ दिया तो मामला तूल पकड़ गया। विधायक ने एक पुलिस अधिकारी के साथ एसआई को अपने दरबार में तलब कर लिया।
आरोप है कि वहां विधायक और उसके भाई ने पुलिस चौकी इंचार्ज के साथ बदसलूकी की। एसआई के शिकायत दर्ज कराने पर अड़ जाने के कारण बड़े अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा और देर रात दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-6 में शुक्रवार को दिन में नाका लगाए पुलिसकर्मियों ने एक बाइक को रोका। इस पर तीन युवक सवार थे। इनमें एक युवक ने खुद को स्थानीय विधायक का भतीजा बताते हुए चालान नहीं काटने को कहा और चेतावनी दी कि चालान काटा तो गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
पुलिस कर्मी ने मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी और उन बाइक सवारों को जाने दिया। तभी चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। इतने में नेता जी का कथित भतीजा एक बार फिर मौके पर पहुंच गया और चौकी इंचार्ज वीरेंद्र से उलझ गया। चौकी इंचार्ज ने उसे थप्पड़ मार दिया। सूत्रों ने बताया कि इस पर युवक के पिता और चौकी इंचार्ज में जमकर विवाद हुआ। इस बारे में भाजपा विधायक नरेश कौशिक को भी जानकारी दी गई। डीएसपी सुरेश कुमार मामले को निपटाने के लिए एसआई वीरेंद्र को विधायक के पास झज्जर रोड स्थित एक होटल में ले गए।
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एसआई का आरोप है कि होटल में विधायक और उनके भाई ने उनके (एसआई) के साथ बदसलूकी की। एसआई ने मामले की शिकायत सदर थाने में दे दी। सूचना मिलने पर झज्जर से एसपी जशनदीप सिंह और रोहतक से आईजी संजय राय भी बहादुरगढ़ पहुंचे। यह हाईप्रोफाइल ड्रामा शुक्रवार रात करीब एक बजे तक चलता रहा। बढ़ते दबाव के बाद एसआई वीरेंद्र और आरोपी पक्ष में समझौता हो गया। विधायक नरेश कौशिक ने खुद पर और अपने भाई पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
हमने किसी पुलिस कर्मचारी के साथ बुरा बर्ताव नहीं किया। उस समय खुद डीएसपी सुरेश कुमार भी मौजूद थे। हमारे खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। यह सारा दुष्प्रचार उनके राजनीतिक विरोधी कर रहे हैं। मुझे बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
-नरेश कौशिक, विधायक
पुलिस कर्मी और नेता के बीच बहस हुई थी। पुलिस कर्मचारी ने अनुशासन से काम लिया। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
-जशनदीप सिंह, एसपी, झज्जर
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आरोप है कि वहां विधायक और उसके भाई ने पुलिस चौकी इंचार्ज के साथ बदसलूकी की। एसआई के शिकायत दर्ज कराने पर अड़ जाने के कारण बड़े अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा और देर रात दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-6 में शुक्रवार को दिन में नाका लगाए पुलिसकर्मियों ने एक बाइक को रोका। इस पर तीन युवक सवार थे। इनमें एक युवक ने खुद को स्थानीय विधायक का भतीजा बताते हुए चालान नहीं काटने को कहा और चेतावनी दी कि चालान काटा तो गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
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पुलिस कर्मी ने मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी और उन बाइक सवारों को जाने दिया। तभी चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। इतने में नेता जी का कथित भतीजा एक बार फिर मौके पर पहुंच गया और चौकी इंचार्ज वीरेंद्र से उलझ गया। चौकी इंचार्ज ने उसे थप्पड़ मार दिया। सूत्रों ने बताया कि इस पर युवक के पिता और चौकी इंचार्ज में जमकर विवाद हुआ। इस बारे में भाजपा विधायक नरेश कौशिक को भी जानकारी दी गई। डीएसपी सुरेश कुमार मामले को निपटाने के लिए एसआई वीरेंद्र को विधायक के पास झज्जर रोड स्थित एक होटल में ले गए।
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एसआई का आरोप है कि होटल में विधायक और उनके भाई ने उनके (एसआई) के साथ बदसलूकी की। एसआई ने मामले की शिकायत सदर थाने में दे दी। सूचना मिलने पर झज्जर से एसपी जशनदीप सिंह और रोहतक से आईजी संजय राय भी बहादुरगढ़ पहुंचे। यह हाईप्रोफाइल ड्रामा शुक्रवार रात करीब एक बजे तक चलता रहा। बढ़ते दबाव के बाद एसआई वीरेंद्र और आरोपी पक्ष में समझौता हो गया। विधायक नरेश कौशिक ने खुद पर और अपने भाई पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
हमने किसी पुलिस कर्मचारी के साथ बुरा बर्ताव नहीं किया। उस समय खुद डीएसपी सुरेश कुमार भी मौजूद थे। हमारे खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। यह सारा दुष्प्रचार उनके राजनीतिक विरोधी कर रहे हैं। मुझे बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
-नरेश कौशिक, विधायक
पुलिस कर्मी और नेता के बीच बहस हुई थी। पुलिस कर्मचारी ने अनुशासन से काम लिया। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
-जशनदीप सिंह, एसपी, झज्जर