{"_id":"5c419a85bdec2273983640c4","slug":"traffic-incharge-murder-in-police-station-derabassi-by-munshi","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाने में मुंशी ने ट्रैफिक इंचार्ज का कत्ल किया, तो प्रभारी पर गिरी गाज...भेजा गया पुलिस लाइन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
थाने में मुंशी ने ट्रैफिक इंचार्ज का कत्ल किया, तो प्रभारी पर गिरी गाज...भेजा गया पुलिस लाइन
Fri, 18 Jan 2019 02:51 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेराबस्सी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेराबस्सी
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 18 Jan 2019 02:51 PM IST
विज्ञापन
ट्रैफिक इंचार्ज की गोली मारकर हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस स्टेशन में नाइट मुंशी की ओर से ट्रैफिक इंचार्ज एएसआई लखविंदर सिंह लक्खा को गोली मार कर कत्ल करने के मामले में इंस्पेक्टर महिंद्र सिंह पर गाज गिरी है। एसएसपी कुलदीप चाहल की ओर से उनकी बदली पुलिस लाइन में करते हुए ईओ विंग में तैनात इंस्पेक्टर लखविंदर सिंह को नया थाना प्रभारी तैनात कर दिया है। दूसरी ओर पुलिस ने आरोपी मुंशी काला खान के खिलाफ बीती रात ही कत्ल का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को वीरवार अदालत में पेश किया जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
सिविल अस्पताल में डाक्टरों के पैनल की तरफ से एएसआई लखविंदर सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवा वारिसों के हवाले कर दिया। जहां बाद दोपहर उसके पैतृक गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक बीती बुधवार रात नाइट मुंशी काला खान शराबी हालत में ड्यूटी पर तैनात था। नाइट ड्यूटी को लेकर हवलदार लेखराज की काला खान के साथ बहस हो गई जो थोड़ी देर में ही हाथापाई में बदल गई। पुलिस स्टेशन में चालान जमा करवाने पहुंचे ट्रैफिक इंचार्ज एएसआई लखविंदर सिंह लक्खा ने कंप्यूटर आपरेटर की मदद से लड़ाई छुड़वाई जिस दौरान अचानक लाइट चली गई। हवलदार लेखराज थाने के अंदर चला गया।
जबकि लखविंदर सिंह लक्खा मामले की जानकारी देने के लिए पुलिस स्टेशन के परिसर के अंदर ही एक तरफ बने थाना प्रभारी के सरकारी क्वार्टर की तरफ जाने लगे। गुस्सा में आया काला खान अंदर से सरकारी राइफल ले आया जिसको अंधेरा होने के कारण पता नहीं लगा कि लेखराज किधर गया है। काला खान ने लेखराज समझकर गलती से ट्रैफिक इंचार्ज को गोली मार दी। अंधेरा होने के बावजूद गोली ट्रैफिक इंचार्ज की गर्दन के निचले हिस्से में लगी और पीठ से आर पार हो गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाला लखविंदर सिंह पटियाला का रहने वाला था, जिसके दो लड़के हैं और बीती 11 जनवरी को वह हवलदार से एएसआई की तरक्की मिलने पर पहली पोस्टिंग बतौर डेराबस्सी ट्रैफिक इंचार्ज लगा था।
विज्ञापन
थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाही : एसएसपी
एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल ने कहा कि पुलिस स्टेशन में ट्रैफिक इंचार्ज का कत्ल एक गंभीर मामला है। इसके पीछे थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाही है। लापरवाही बरतने के चलते थाना प्रमुख महिंद्र सिंह का तबादला पुलिस लाइन में कर दिया गया है। उन्होंने मृतक परिवार के प्रति हमदर्दी दिखाते कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘आरोपी शराब के नशे में करता था ड्यूटी’
पुलिस स्टेशन स्टाफ ने बताया कि डेराबस्सी पुलिस स्टेशन में बीते छह महीने से तैनात आरोपी काला खान शुरू से ही विवादों में रहा है। गांव छत निवासी काला खान पर पहले भी किसी के घर घुसकर हमला करने के आरोप में केस दर्ज हो चुका है जिसका बाद में फैसला हो गया था। पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कर्मियों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि काला खान ज्यादातर शराब पीकर पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर आता था। इसके बारे में पहले भी थाना प्रभारी को जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में डाक्टरों के पैनल की तरफ से एएसआई लखविंदर सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवा वारिसों के हवाले कर दिया। जहां बाद दोपहर उसके पैतृक गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक बीती बुधवार रात नाइट मुंशी काला खान शराबी हालत में ड्यूटी पर तैनात था। नाइट ड्यूटी को लेकर हवलदार लेखराज की काला खान के साथ बहस हो गई जो थोड़ी देर में ही हाथापाई में बदल गई। पुलिस स्टेशन में चालान जमा करवाने पहुंचे ट्रैफिक इंचार्ज एएसआई लखविंदर सिंह लक्खा ने कंप्यूटर आपरेटर की मदद से लड़ाई छुड़वाई जिस दौरान अचानक लाइट चली गई। हवलदार लेखराज थाने के अंदर चला गया।
विज्ञापन
जबकि लखविंदर सिंह लक्खा मामले की जानकारी देने के लिए पुलिस स्टेशन के परिसर के अंदर ही एक तरफ बने थाना प्रभारी के सरकारी क्वार्टर की तरफ जाने लगे। गुस्सा में आया काला खान अंदर से सरकारी राइफल ले आया जिसको अंधेरा होने के कारण पता नहीं लगा कि लेखराज किधर गया है। काला खान ने लेखराज समझकर गलती से ट्रैफिक इंचार्ज को गोली मार दी। अंधेरा होने के बावजूद गोली ट्रैफिक इंचार्ज की गर्दन के निचले हिस्से में लगी और पीठ से आर पार हो गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाला लखविंदर सिंह पटियाला का रहने वाला था, जिसके दो लड़के हैं और बीती 11 जनवरी को वह हवलदार से एएसआई की तरक्की मिलने पर पहली पोस्टिंग बतौर डेराबस्सी ट्रैफिक इंचार्ज लगा था।
विज्ञापन
थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाही : एसएसपी
एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल ने कहा कि पुलिस स्टेशन में ट्रैफिक इंचार्ज का कत्ल एक गंभीर मामला है। इसके पीछे थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाही है। लापरवाही बरतने के चलते थाना प्रमुख महिंद्र सिंह का तबादला पुलिस लाइन में कर दिया गया है। उन्होंने मृतक परिवार के प्रति हमदर्दी दिखाते कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘आरोपी शराब के नशे में करता था ड्यूटी’
पुलिस स्टेशन स्टाफ ने बताया कि डेराबस्सी पुलिस स्टेशन में बीते छह महीने से तैनात आरोपी काला खान शुरू से ही विवादों में रहा है। गांव छत निवासी काला खान पर पहले भी किसी के घर घुसकर हमला करने के आरोप में केस दर्ज हो चुका है जिसका बाद में फैसला हो गया था। पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कर्मियों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि काला खान ज्यादातर शराब पीकर पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर आता था। इसके बारे में पहले भी थाना प्रभारी को जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।