गैंगरेप : युवकों को 20 साल की कैद, जुर्म से सजा तक पढ़ें पूरा मामला
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शहर के प्रमुख ढाबा मालिक की बेटी और आर्किटेक्चर की स्टूडेंट की ड्रग ओवरडोज से मौत के मामले में कोर्ट ने तीन युवकों को 20-20 साल सजा सुनाई है।
तीनों दोषियों रजत बेनीवाल, कमल सिंह और दिलप्रीत सिंह पर सेक्टर-17 पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौन संबंध, गैर इरादतन हत्या, अपहरण और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया गया था।
अदालत ने 160 पेज के आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा है कि मृतका को अंतिम बार दोषियों के साथ देखा गया था। इससे साफ है कि उन्हें मामले में झूठा नहीं फंसाया गया।
वहीं अदालत ने तीनों पर 5.22-5.22 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। साथ ही इसे बतौर मुआवजा पीड़िता के पिता को देने के आदेश दिए ह्रैं।
यह है पूरा मामला
17 गवाह पेश किए
पहले पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, सबूतों से छेड़छाड़ और किडनैपिंग की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि केस के ट्रायल के दौरान अदालत में पेश सीएफएसएल रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन संबंध की धारा भी जोड़ी गई थी।
इसके तहत दोबारा आरोप तय किए गए थे। केस में दोष साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए थे।
कोर्ट ने कहा
एक बेटी अपने पिता के लिए हमेशा उसके जीवन का अभिन्न हिस्सा होती है। उतनी ही वह भाई के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अगर वह लापता हो जाए तो परिवार के लोगों का परेशान होना और उनकी जिंदगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है। यह विचार महिला अपराध से संबंधित विशेष अदालत की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए रखे।
यह है मामला
सेक्टर-34 के इंस्टीट्यूट में आर्किटेक्चर की स्टूडेंट 18 अक्तूबर 2014 को घर से इंस्टीट्यूट के लिए निकली, लेकिन देर शाम तक घर नहीं आई। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी तो पुलिस ने उसका फोन सर्विलांस पर लगाया।
भगवान ऐसा किसी के साथ न करे
फोन की कॉल डिटेल चेक की तो अंतिम कॉल सेक्टर-51 निवासी रजत की पाई गई। पुलिस रजत के घर पहुंची तो उसने सब कुछ उगल दिया। रजत ने पुलिस को बताया कि वह 18 अक्तूबर को कार में इकट्ठे एक पार्टी में गए थे।
वहां सबने ड्रग्स ली, फिर शराब पी। इसके बाद वह बेहोश हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। तीनों को जैसे ही पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है तो इससे वे सब डर गए।
तीनों पहले पलसौरा फिर मोहाली और बाद में राजपुरा रोड के शंभू बैरियर के नाले के पास पहुंचे। वहां उसका शव एक कपड़े में लपेटकर फेंक दिया। पुलिस ने रजत के बयान के आधार पर कमल और दिलप्रीत को भी गिरफ्तार किया था। दिलप्रीत के जरिये ही छात्रा की जान पहचान रजत और कमल से हुई थी।
भगवान ऐसा किसी के साथ न करे
मृतका के पिता ने भरे मन से कहा कि एक परिवार पर क्या गुजरती है, जब उसकी जवान बेटी की मौत हो जाए। आज भी रोज उसकी याद आती है। कोई भी त्योहार, पर्व या पारिवारिक कार्यक्रम होता है तो पूरे परिवार को उसकी याद आती है।
भगवान ऐसा किसी भी परिवार के साथ न करे। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा था कि उनके साथ न्याय होगा और दोषियों को जो सजा सुनाई गई है वह सही है।
हालांकि उन्होंने कहा कि मामले में धारा 302 भी लगाई जानी चाहिए थी। वहीं मृतका के भाई ने कहा कि उन्होंने मारकर सबूत मिटाने की कोशिश की वो गलत था।
ये चार सबूत बने दोषी होने का आधार
ये चार सबूत बने दोषी होने का आधार
- डिस्क्लोजर स्टेटमेंट- दोषी पाए गए रजत से पीड़िता के शव की बरामदगी होना
- लिंक एविडेंस - आरोपियों और पीड़िता के फोन की लोकेशन एक साथ मिलना, पीड़िता के भाई ने अंतिम बार तीनों के साथ बहन को जाते देखा था। दिलप्रीत और पीड़िता की व्हाट्सएप चैट।
- मेडिकल एविडेंस - सीएफएसएल रिपोर्ट, मृतका की बॉडी और कपड़ों से मिले सबूत।
बंद कोर्ट में सुनाया फैसला
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाते समय केवल दोषियों और उनके वकीलों को ही अंदर आने दिया। दोषियों के साथ उनके परिजन और मित्र भी आए हुए थे, लेकिन किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।
इसे लेकर परिजनों का गुस्सा भी फूटा। इसी दौरान फैसला आ गया और 20-20 साल की सजा सुनाए जाने का पता चलने पर तीनों के परिजनों के आंसू निकल पड़े।
यहां देखें टाइमलाइन
18 अक्तूबर 2014- सेक्टर-34 के इंस्टीट्यूट में आर्किटेक्चर की स्टूडेंट घर से लापता हुई।
21 अक्तूबर 2014- राजपुरा रोड स्थित शंभू बैरियर के पास नाले से छात्रा का शव मिला। तीन युवकों को गिरफ्तार किया।
08 जनवरी 2015 - 81 दिन बाद पुलिस ने आरोपी रजत बेनीवाल, दिलप्रीत और कमल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, नशे की अहम धाराओं, सबूतों से छेड़छाड़ और किडनैपिंग की धाराओं में चालान दायर किया।
21 जनवरी - तीनों आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, नशे की अहम धाराओं, सबूतों से छेड़छाड़ और किडनैपिंग की धाराओं में आरोप तय।
24 फरवरी 2015 - रजत, दिलप्रीत और कमल के खिलाफ केस का ट्रायल शुरू।
17 अप्रैल 2015 - छात्रा की गैर-इरादतन हत्या के मामले में शिकायतकर्ता पक्ष ने सीएफएसएल रिपोर्ट के बाद हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की।
24 अप्रैल - गैर इरादतन हत्या के तहत ही केस चलाने की मंजूरी मिली।
24 जुलाई- सरकारी वकील ने केस में सामूहिक दुष्कर्म (376-डी) और अप्राकृतिक दुराचार (377) समेत आपराधिक साजिश रचने (120-बी) की अतिरिक्त धाराएं केस में जोड़ने की अपील की।
05 मई 2016 - दिलप्रीत की ब्रैन मैपिंग और लाई डिटेक्शन टेस्ट कराने की अपील खारिज
30 जनवरी - रजत, दिलप्रीत और कमल को अदालत ने दोषी करार दिया।
3 फरवरी- रजत, दिलप्रीत और कमल को अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई।