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ढाबा मालिक की बेटी की मौत केस में तीन दोषी करार, जानिए पूरा मामला

Tue, 31 Jan 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 31 Jan 2017 09:37 AM IST
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three convicted in the Dhaba owner's daughter death case, know the full case
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र

शहर के चर्चित ढाबा मालिक की बेटी की गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला अदालत ने तीन युवकों को दोषी करार दिया है। अदालत तीनों को 3 फरवरी को सजा सुनाएगी। युवती की मौत का कारण नशे की ओवरडोज था।

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तीनों युवकों रजत बेनीवाल (21), कमल सिंह (29) और दिलप्रीत सिंह (22) के खिलाफ सेक्टर-17 पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, सबूतों से छेड़छाड़ और किडनैपिंग की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। 
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हालांकि केस के ट्रायल के दौरान अदालत में पेश सीएफएसएल रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन संबंध की धारा भी जोड़ी गई थी। इसके तहत दोबारा आरोप तय किए गए थे। केस में दोष साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए थे।
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यह है मामला 
सेक्टर-34 के इंस्टीट्यूट में आर्किटेक्चर की स्टूडेंट 18 अक्तूबर 2014 को घर से इंस्टीट्यूट के लिए निकली, लेकिन देर शाम तक घर नहीं आई। 
परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी तो पुलिस ने उसका फोन सर्विलांस पर लगाया। फोन की कॉल डिटेल चेक की तो अंतिम कॉल सेक्टर-51 निवासी रजत की पाई गई।

पुलिस रजत के घर पहुंची तो उसने सब कुछ उगल दिया। रजत ने पुलिस को बताया कि वह 18 अक्तूबर को कार में इकट्ठे एक पार्टी में गए थे। वहां सबने ड्रग्स ली, फिर शराब पी। 

अक्तूबर 2014 में शंभू बैरियर के पास मिला था शव

three convicted in the Dhaba owner's daughter death case, know the full case
पु‌लिस - फोटो : file photo

इसके बाद वह बेहोश हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। तीनों को जैसे ही पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है तो इससे वे सब डर गए। तीनों पहले पलसौरा फिर मोहाली और बाद में राजपुरा रोड के शंभू बैरियर के नाले के पास पहुंचे। 

वहां उसका शव एक कपड़े में लपेटकर फेंक दिया। पुलिस ने रजत के बयान के आधार पर कमल और दिलप्रीत को भी गिरफ्तार किया था। दिलप्रीत के जरिये ही छात्रा की जान पहचान रजत और कमल से हुई थी। 

पुलिस ने 2015 में ही अपराधिक साजिश रचने, सबूत मिटाने, अपहरण व गैर इरादतन हत्या की धाराओं के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट सेक्टर-52 निवासी रजत बेनीवाल (21), ढाबा मालिक सेक्टर-56 निवासी कमल सिंह (21) और एक अन्य छात्र मोहाली फेज-10 के दिलप्रीत सिंह (22) के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। 

टाइम लाइन
18 अक्तूबर 2014- सेक्टर-34 के इंस्टीट्यूट में आर्किटेक्चर की स्टूडेंट घर से लापता हुई।
21 अक्तूबर 2014- राजपुरा रोड स्थित शंभू बैरियर के पास नाले से छात्रा का शव मिला। तीन युवकों को गिरफ्तार किया।
08 जनवरी 2015 - 81 दिन बाद पुलिस ने आरोपी रजत बेनीवाल, दिलप्रीत और कमल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, नशे की अहम धाराओं, सबूतों से छेड़छाड़ और किडनैपिंग की धाराओं में चालान दायर किया।
21 जनवरी - तीनों आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, नशे की अहम धाराओं, सबूतों से छेड़छाड़ और किडनैपिंग की धाराओं में आरोप तय।
24 फरवरी 2015 - रजत, दिलप्रीत और कमल के खिलाफ केस का ट्रायल शुरू। 
17 अप्रैल 2015 - छात्रा की गैर-इरादतन हत्या के मामले में शिकायतकर्ता पक्ष ने सीएफएसएल रिपोर्ट के बाद हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की।
24 अप्रैल - गैर इरादतन हत्या के तहत ही केस चलाने की मंजूरी मिली।
24 जुलाई- सरकारी वकील ने केस में सामूहिक दुष्कर्म (376-डी) और अप्राकृतिक दुराचार (377) समेत आपराधिक साजिश रचने (120-बी) की अतिरिक्त धाराएं केस में जोड़ने की अपील की।
29 जुलाई - कोर्ट ने आरोपियों के डीएनए टेस्ट कराने के आदेश दिए।
03 दिसंबर - ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में आरोपियों के डीएनए नहीं हुए मैच। 
05 मई 2016 - दिलप्रीत की ब्रैन मैपिंग और लाई डिटेक्शन टेस्ट कराने की अपील खारिज
21 अक्तूबर - सरकारी गवाह बनने को तैयार हुआ कमल 
27 अक्तूबर - कमल की सरकारी गवाह बनने की याचिका खारिज 
30 जनवरी - रजत, दिलप्रीत और कमल को अदालत ने दोषी करार दिया। 

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