कोर्ट रूम के बाहर शिकायतकर्ता पर चाकूओं से हमला, हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार सुबह कोर्ट परिसर में पेशी पर आए कलायत निवासी एक व्यक्ति पर तीन लोगों ने बर्फ तोड़ने वाले सूजे व चाकुओं से हमला कर दिया। जिस वक्त यह हमला हुआ, वह कोर्ट रूम के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। हमले के तुरंत बाद उसे घायल अवस्था में जिला अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया।
उधर, घटना के तुरंत बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट परिसर में ही पुलिस ने धर दबोचा। घटना की सूचना मिलते ही एसपी वसीम अकरम तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की पूरी जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने घटना पर संज्ञान लिया है और एसपी कैथल को जांच के आदेश जारी किए हैं।
पीड़ित युवक के भाई कलायत निवासी प्रदीप ने बताया कि कुछ समय पहले उसके भाई हुकम सिंह का कलायत के ही प्रदीप के साथ झगड़ा हो गया था। झगड़े में उसे जातिसूचक शब्द कहने पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा है। इसी केस की सुनवाई को लेकर सोमवार को कोर्ट परिसर में वह पेशी पर आया था।
उस समय आरोपी पक्ष के लोग भी कोर्ट परिसर में पहुंचे थे। जिस समय वह अपने भाई के साथ पेशी का इंतजार कर रहा था, आरोपी पक्ष की ओर से पहुंचे प्रदीप ने बर्फ तोड़ने वाले सूजे व उसके साथ आए दो अन्य युवकों सागर और सोमवीर ने चाकुओं से हमला कर दिया। हमले में उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। तीनों आरोपियों ने हमले के बाद मौके से भागने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने दबोच लिया।
एसएचओ प्रहलाद ने बताया कि पुलिस ने प्रदीप सहित उसके साथ दो हमलावरों सागर व सोमवीर के खिलाफ हत्या की कोशिश करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसपी वसीम अकरम ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों के लोग केस की सुनवाई को लेकर पहुंचे थे।
लेकिन आपसी रंजिश के चलते आरोपी पक्ष के लोगों ने शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमला कर दिया। मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। हमला करने वाले युवकों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
हाईकोर्ट ने लिया घटना का संज्ञान
कोर्ट परिसर में पेशी पर आए व्यक्ति पर पहली मंजिल पर बने कोर्ट रूम के बाहर हमला हुआ है। जबकि दोनों ही प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगे हुए हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल हैं। घटना पर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है।
हाईकोर्ट ने एसपी कैथल को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की जांच की जाए कि सुरक्षा में कहां चूक हुई है? एसपी वसीम अकरम ने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मामले की जांच की जाएगी। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ये था पूर्व में दर्ज हुए मामले का घटनाक्रम
एक जून 2018 को पुलिस में दी शिकायत में हुकमचंद ने बताया था कि सुबह 6 बजे जिम में जाते समय तीन युवकों ने उस पर चाकुओं से हमला कर उसके 50 हजार व सोने की चेन छीन ली थी। मामले में एक युवक प्रदीप को काबू कर लिया था। उसने शिकायत में हमले के पीछे कलायत निवासी विक्रम सिंह, विकास, दीपक, दिलबाग, सूरजभान व सुरेंद्र का हाथ बताया था।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि विकास ने उसे उसकी दुकान पर आकर पिस्तौल दिखाते हुए धमकाया भी था। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ साजिश रचने व हमला करने के आरोप में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान इस मामले में एससी/एसटी एक्ट भी लगाया गया था। एसएचओ कलायत ने बताया कि चालान में धारा एससी/एसटी एक्ट के तहत धारा जोड़ी गई थी।