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खुलासा, जज के घर भी चोरों ने मचाई थी ‘धूम’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Apr 2014 12:32 PM IST
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धूम स्टाइल में एक के बाद एक चार सेक्टरों में चोरियां कर दहशत फैलाने वाले गिरोह ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सेक्टर 19 के घर में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
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ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रभजोत सिंह कालेका के घर से चोरों ने सोने के गहने और नगदी पर हाथ साफ किया था। यह खुलासा पूछताछ के दौरान गिरोह के सरगना राकेश कुमार उर्फ लक्की ने किया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट के घर से चोरी हुए सोने के गहने बरामद कर लिए हैं।
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इसके अलावा गिरोह ने सेक्टर-20 निवासी महिला डाक्टर नीरजा के घर से भी कीमती सामान और गहने चोरी किए थे। वहीं पुलिस ने गिरोह के पकड़े गए सदस्यों की निशानदेही पर सोने के गहने खरीदने वाले ज्वैर्ल्स की दुकान पर काम करने वाले नौकर सेक्टर 20 निवासी सत्यप्रकाश को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी सत्यप्रकाश को पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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जज के घर ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
सरकारी क्वार्टर में चोरी करने के मामले में पकड़े गए राकेश कुमार, विकास और तिलकराज ने 30 जून 2013 को चंडीगढ़ जिला अदालत में 2013 में तैनात ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रभजोत सिंह कालेका के सेक्टर 19 के मकान में हाथ साफ किया था। राकेश और विकास ने जज के मकान का ताला तोड़कर अंदर सामान चोरी करने गए थे जबकि तिलकराज बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे। पांच मिनट में चोरों ने जज के घर से सोने की अंगूठी, एक सोने की चेन और सात हजार रुपये में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
गर्मी की छुट्टियों में पिता के पास गए हुए थे जज
चंडीगढ़ जिला अदालत में 2013 में तैनात ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट गर्मी की छुट्टियों में वे अपने परिवार के साथ अपने पिता के पास पटियाला गए हुए थे। पीछे से मकान का ताला बंद था।
कालेका के पिता 30 जून 2013 को किसी काम से चंडीगढ़ आए हुए थे। जब वे अपने बेटे के घर पर पहुंचे तो मकान का मुख्य दरवाजा टूटा पड़ा था। पहली मंजिल पर बने कमरे में अलमारी के ताले टूटे पड़े थे। उनके पिता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। जिसके बाद सेक्टर 19 थाना पुलिस ने चोरों के खिलाफ एक सोने की अंगूठी, एक सोने की चेन और सात हजार रुपये चोरी का मामला दर्ज किया था।
घर से आकर लेकर जाता था चोरी के गहने
भूषण ज्वैर्ल्स की दुकान पर काम करने वाला नौकर सत्यप्रकाश ही सरकारी क्वार्टर के साथ चोरी करने वाले युवकाें के साथ मिला हुआ था। चोरी की वारदात शुरू करने से पहले ही पकड़े गए चोरों ने सोने के गहने ठिकाने लगाने के लिए सत्यप्रकाश से संपर्क कर लिया था।
सरकारी क्वार्टर में हर वारदात के बाद चोर सत्यप्रकाश को फोन करते थे और वह उनके पास आकर सोने के गहने लेकर जाता और आगे दुकानों में बेच देता था। पूछताछ में चोरों ने बताया कि उन्हें सत्यप्रकाश जितने रुपये देता था वह ले लेते थे। उन्हें नहीं पता था कि सत्यप्रकाश सोने के गहने आगे कितने में बेचता था।
गर्लफेंड की हर इच्छा पूरी करता था लक्की
सरकारी क्वार्टर में चोरी करने वाले गिरोह का सरगना खुद को अपनी गर्लफेंड के सामने अमीर होने का दिखावा करता था। वह गर्लफेंड की हर इच्छा को पूरी करता था। कपड़े से लेकर सोने के गहने उसे खरीदकर देता था।
सरकारी क्वार्टर में चार चोरी की वारदात करने के बाद लक्की अपनी गर्लफेंड के साथ घूमने के लिए चार दिन मनाली गया और दो दिन शिमला रहा। चोरी के रुपयों से उसने जमकर मौज मस्ती की। लक्की ने अपनी गर्लफेंड को तो स्कूटी भी दिलवा दी थी ताकि वह उसने मिलने मार्केट में आ सके।