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गुरदासपुर में आतंकी हमले पर BSF ने खोली सरकार की पोल

Mon, 30 Nov 2015 07:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Updated Mon, 30 Nov 2015 07:59 PM IST
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terror attack in gurdaspur: BSF told truth of terror route

गुरदासपुर के दीनानगर में हुए आतंकवादी हमले के संबंध में बीएसएफ के आईजी ने पंजाब पुलिस के दावों की पोल खोल दी। दरसल बीएसएफ के आईजी अनिल पालीवाल ने सोमवार को कहा कि आतंकवादियों ने पंजाब में घुसने के लिए यहां से सटी सीमा का इस्तेमाल नहीं किया था।

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वे किस रूट से दीनानगर पहुंचे, यह जांच का विषय है। पालीवाल सोमवार को जालंधर में सीमा सुरक्षा बल की 50वीं जयंती की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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अभी तक पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल यही कहते आ रहे हैं कि आतंकवादी पठानकोट से सटी पाक की सीमा का इस्तेमाल कर दीनानगर तक पहुंचे थे, इसका सबूत बरामद जीपीएस है। वहीं पालीवाल ने अधिकारिक रूप से सोमवार को बयान देकर उनके दावों की हवा निकाल दी है।
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पंजाब बार्डर के आईजी अनिल पालीवाल ने कहा कि बीएसएफ की अपनी जांच में कोई ऐसा संकेत या सबूत नहीं मिला, जिससे पता चले कि आतंकवादियों ने पठानकोट से सटी पाकिस्तान सीमा को क्रास किया था।

'इस साल के 11 माह में 317 किलो हेरोइन सीमा पर पकड़ी गई'

terror attack in gurdaspur: BSF told truth of terror route

उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों का क्या कहना है इसके बारे में वे कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उनकी टीम की जांच में सब कुछ साफ है। पालीवाल ने कहा कि दीनानगर अटैक के बारे में उनकी समय-समय पर पंजाब पुलिस के अधिकारियों से लंबी बैठक हुई है।

वहीं अभी तक ऐसे सबूत सामने नहीं आए हैं, जिससे आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ के रास्ते की तस्वीर साफ हो जाए। पालीवाल ने कहा कि हेरोइन तस्करी को लेकर सीमा सुरक्षा बल काफी संजीदा है। इस साल के 11 माह में 317 किलो हेरोइन सीमा पर पकड़ी गई है।

बीएसएफ के कुछ जवानों की संलिप्ता की बात सामने आने पर जवानों पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं कि जवानों का तस्करों से कोई टाईअप न हो सके। सीमा के आसपास सटे गांवों के रहने वाले जवानों की तैनाती उसी इलाकों में नहीं की जा रही है।

बीएसएफ की महिला कांस्टेबल सीमा पर पूरी मुस्तैद हैं। कई बार तस्करों और घुसपैठियों के साथ मुठभेड़ में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। आईजी अनिल पालीवाल के साथ डीआईजी आरएस कटारिया भी थे।

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