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लिफ्ट देने के बहाने वृद्धा को कार में बिठाया और...

Mon, 15 Jun 2015 11:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Mon, 15 Jun 2015 11:08 AM IST
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swindle gold bangle with old lady

स्नैचिंग गिरोह के सदस्यों ने लिफ्ट देने के बहाने वृद्धा को कार में बिठाया और धोखे से उसकी सोने की चूड़ी उतार ली। बुजुर्ग महिला फेज एक की पार्षद की सास हैं। वारदात के समय महिला पार्षद भी साथ थीं। लेकिन गिरोह ने इस शातिराना ढंग से वारदात को अंजाम दिया कि दोनों महिलाओं को कार से उतरने के बाद ही धोखाधड़ी का पता चल सका। लंबी चुप्पी के बाद यह गिरोह एक बार फिर शहर में एक्टिव हुआ है। पहले भी शहर में ऐसी वारदात हो चुकी हैं।

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फेज एक में वार्ड तीन की पार्षद सुमन गर्ग ने बताया कि वह सास सत्यावती (75) के साथ फेज एक स्थित गायत्री मंदिर गई थीं। सुबह करीब 11.30 बजे वे मंदिर से निकलीं और पैदल ही पास स्थित अपने घर की तरफ जा रही थीं। जैसे ही उन्होंने सड़क पार की, पेड़ के नीचे एक सफेद स्विफ्ट कार खड़ी थी।
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ड्राइविंग सीट पर एक नौजवान था, पीछे एक भारी-भरकम महिला बैठी थी। कार के साथ ही एक और महिला खड़ी थी। उसने कहा कि माता जी आप कहां धूप में जा रहे हो, कार में बैठो, हम घर छोड़ देते हैं। सुमन गर्ग ने कहा कि हमारा घर पास ही में है, हम चले जाएंगे। तो महिला बोली कि लड़के ने नई कार ली है, गुरुओं ने सेवा लगाई है, आपको हम छोड़ देंगे।
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महिला के जोर देने पर सुमन और उनकी सास कार में बैठ गईं। दोनों महिलाएं पीछे की सीट पर बीच में बैठीं, सुमन को बाईं ओर उनकी सास को दाहिनी तरफ बैठाया। सुमन ने कहा कि बैठने में मुश्किल हो रही है, हम में से कोई एक आगे की सीट पर बैठ जाए। तो शातिर महिला ने कहा कि गुरुओं ने मना किया है, आगे कोई नहीं बैठ सकता।

सुमन गर्ग यह सुन कर चुप हो गईं। जैसे ही कार चली उनकी सास सत्यावती को बाएं अंगूठे में भयानक दर्द महसूस हुआ। वह बोलीं भी कि अंगूठे में दर्द हो रहा है, तब तक उनके घर की सड़क आ गई। दोनों महिलाएं जैसे ही उतरीं, कार ने एकदम रफ्तार पकड़ ली, तो सुमन को शक हुआ।

कुछ दूर चलने पर उनकी सास ने देखा तो बाएं हाथ में पहली दो तोले सोने की चूड़ी गायब थी। दिलचस्प बात यह थी कि इसी हाथ में उन्होंने मंदिर की किताब, दो केले और पर्स भी पकड़ रखा था। फिर भी महिला ने इतने शातिराना ढंग से चूड़ी निकाली कि उन्हें पता नहीं चला। डेढ़ मिनट में वारदात को अंजाम देकर गिरोह रफूचक्कर हो गया। सूचना देने पर पीसीआर ने बयान दर्ज कर वायरलेस मैसेज फ्लैश करवाया। पर पीड़ित महिलाओं को कार का नंबर नहीं पता था।


धार्मिक स्थल और अस्पताल रहते हैं निशाने पर
बुजुर्ग महिलाओं को कार में लिफ्ट देने के बहाने उनकी चूड़ी उतारने की वारदात पहले भी शहर में हो चुकी हैं। पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों को पहले गिरफ्तार भी किया था। पर यह गिरोह अब दोबारा एक्टिव हुआ है। इस गिरोह के निशाने पर धार्मिक स्थल और अस्पताल रहते हैं। गायत्री मंदिर समेत फेज छह के मंदिर और गुरुद्वारा साहिब के पास पहले भी ऐसी वारदात हो चुकी हैं। इनसे भी ज्यादा वारदात सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां के पास हुई हैं। यह गिरोह फेज छह के सिविल अस्पताल और फोर्टिस अस्पताल के बाहर भी बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बना चुका है।

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