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...मुझे किसी और ने नहीं, सरकार ने मारा लिखा और दे दी जान

Mon, 20 Jul 2015 10:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 20 Jul 2015 10:42 AM IST
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suicide by farmer due to land aquisition in hisar

मुझे किसी और ने नहीं, बल्कि सरकार ने मारा है। किसान ने सुसाइड नोट में ऐसा लिखा और फंदा लगाकर जान दे दी। घटना हरियाणा के हिसार में गांव न्योली कलां की है। मृतक किसान का नाम  जगदीश यादव बताया जा रहा है।

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उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने जमीन अधिग्रहण के बाद मिले मुआवजे पर रोष जताते हुए लिखा है कि ...मुझे कसी ने नहीं मारा, मुझे सरकार ने मारा है।
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आज हर किसी किसान की जमीन पर एक ही सवाल है कि आखिर ये सिलसिला कब तक जारी रहेगा। आत्महत्या के बाद परिजनों ने सुबह बिना पोस्टमार्टम और पुलिस को सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में गांव पहुंची पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर छानबीन शुरू की।

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कुछ दिन पहले अधिग्रहित की गई थी मृतक की जमीन

suicide by farmer due to land aquisition in hisar

नेशनल हाईवे 10 के बाईपास के लिए पिछले दिनों गांव न्योली कलां में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसमें किसान जगदीश यादव की करीब दो एकड़ जमीन अधिग्रहित हुई थी।

इसकी एवज में उसे सरकार की ओर से डेढ़ महीना पहले ही करीब 65 लाख रुपये दिए गए। अधिग्रहण के बाद उसके पास करीब 15 मरले जमीन ही बची थी। इससे परिवार का पालन-पोषण संभव नहीं था।

जगदीश के भाई सतपाल ने बताया कि जमीन जाने और पर्याप्त मुआवजा और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी न मिलने के कारण जगदीश मानसिक तौर से टूट चुका था। उसने रविवार सुबह अपने खेत में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी। बाद में परिजन पहुंचे तो आत्महत्या का पता चला।

अंतिम संस्कार के बाद पहुंची पुलिस

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जगदीश सुबह खेतों में घूमने के लिए गया था। वहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी। काफी देर तक घर नहीं लौटा तो उसका बेटा राजदीप उसे तलाशता हुआ खेत में पहुंचा। वहां पेड़ पर उसका शव लटक था। पिता के आत्महत्या कराने की सूचना उसने परिजनों को दी।

बाद में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा ओर बिना पुलिस को सूचना दिए बगैर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस बीच जगदीश की मौत की सूचना थाना सदर पुलिस को मिल गई। पुलिस गांव पहुंची, लेकिन तब तक जगदीश की चिता ठंडी हो चुकी थी।

पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। जगदीश द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट भी पुलिस को सौंपा। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ललित कुमार ने कहा कि मामले में कुछ अप्रत्याशित लगा तो केस दर्ज कर लिया जाएगा।

लाल स्याही में लिखा सुसाइड नोट

suicide by farmer due to land aquisition in hisar

किसान जगदीश यादव ने आत्महत्या करने से पहले दो पत्र लिखे। इनमें एक सुसाइड नोट है, जो कि रेड पेन के साथ लिखा हुआ है। इसमें हस्ताक्षर से पहले लिखा है कि मुझे किसी ने नहीं मारा, मुझे सरकार ने मारा है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि जब हरियाणा सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य एक समान घोषित कर रखा है तो फिर जमीन का अधिग्रहण रेट अलग-अलग क्यों हैं? उनको जमीन अधिग्रहण पर प्रति एकड़ 30 लाख रुपये का भाव मिला है, जो कि बहुत कम है।

जगदीश यादव ने एक अन्य पत्र भी लिखा है जिसमें कहा गया है कि सरकार ने भरोसा दिलाया था कि जिसकी जमीन अधिग्रहित होगी, उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। जमीन का अधिग्रहण रेट कलेक्टर से चार गुणा दिया जाएगा, फिर न्योली कलां व शाहपुर के किसानों को जमीन का भाव कम क्यों दिया गया है। हम तो उसी दिन मर गए थे, जब सरकार ने हमारी जमीन अधिग्रहित की थी। हमें कम से कम जमीन अधिग्रहण का भाव प्रति एकड़ तीन करोड़ रुपये मिलना चाहिए था, जबकि 30 लाख रुपये दिया गया।

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