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छात्राओं से छेड़छाड़ किया करते थे दो टीचर्स, मिली ये सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 30 Sep 2015 08:11 AM IST
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स्कूल में दो टीचर्स छात्राओं से छेड़छाड़ किया करते थे। मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों को सजा सुनाई। दोनों को 5-5 साल जेल में बिताने होंगे। मामला गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-38 (वेस्ट) डड्डूमाजरा का है।
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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। स्कूल में भी छात्राओं के साथ इस तरह के अपराध हो रहे हैं। ऐसे दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए। क्योंकि दोनों दोषी टीचर हैं, ऐसे में उनके खिलाफ उदार रवैया नहीं अपनाया जा सकता। शिक्षक समाज के मार्गदर्शक होते हैं। इसलिए उनकी ऐसी हरकतों को माफ नहीं किया जा सकता। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।
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वे सख्त सजा के हकदार हैं। वहीं कोर्ट ने दोषियों पर लगाए गए 50-50 हजार रुपये के जुर्माने को चारों पीड़ित छात्राओं में बतौर मुआवजा 25-25 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। दोषियों में मुकेश (32) और अशोक (54) शामिल हैं। कोर्ट ने 25 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था।
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सेक्टर-39 थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत केस दर्ज किया था। बता दें कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाली चार में से तीन छात्राएं सुनवाई के दौरान बयान से पलट गईं थीं, जबकि एक छात्रा बयान पर कायम रही थी।
मामला अगस्त 2014 का है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार दोषी टीचर मुकेश ने एक छात्रा से कहा था कि वह पेपर छोड़ दे और नंबर बढ़ाने होंगे तो वह उसके नंबर बढ़ा देगा। इसके लिए उसे उसके साथ क्लब चलना होगा। साथ ही मुकेश ने एक छात्रा से कहा कि वह उसके घर ट्यूशन के बहाने आ जाया करे, उसके घर पर कोई नहीं होता है।
एक अन्य छात्रा ने कहा कि दोनों टीचर अक्सर उनसे छेड़छाड़ और हाथ पकड़ने के बहाने तलाशते रहते थे। कई बार वह उसका हाथ पकड़ छेड़छाड़ कर चुके थे। इस मामले में छात्राओं ने पहले इसकी शिकायत स्कूल की एक महिला टीचर को दी थी। उन्होंने कहा कि वह प्रिंसिपल को शिकायत सौंपेगी।
इसके बाद जब छात्राओं ने प्रिंसिपल को दोनों टीचरों की शिकायत दी तो उन्होंने कोई खास कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एक दिन इसी तरह छेड़छाड़ करने पर एक छात्रा ने पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी जानकारी दी। साथ ही परिजनों को भी स्कूल बुला लिया।
इस पर दोनों टीचरों ने परिजनों पर समझौते का दबाव बनाया। प्रिंसिपल के दोनों टीचरों के स्कूल न आने के आश्वासन पर छात्रा ने शिकायत वापस ले ली। लेकिन, कुछ ही दिन बाद टीचर अशोक स्कूल आ गया। इसे लेकर पीड़ित छात्रा के पिता की उनसे बहस हो गई।
इसके बाद पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों ने दोनों टीचरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकेश को 8 अगस्त और अशोक को 18 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था।