फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Special Task Force raid in Kapurthala of Punjab

कपूरथला में एसटीएफ का छापा: अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का सरगना गिरफ्तार, रिटायर्ड डीएसपी व पुलिसकर्मी को भी दबोचा

Thu, 10 Feb 2022 10:05 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 10 Feb 2022 10:05 PM IST
सार

कपूरथला में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को छापा मारकर टीम ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया है। वहीं 12 लोगों को नामजद किया गया है। 

विज्ञापन
Special Task Force raid in Kapurthala of Punjab
काला संघिया में रणजीत सिंह उर्फ जीता मौड़ के घर के बाहर खड़ी एसटीएफ टीम की गाड़ी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट के सरगना ब्रिटिश नागरिक व कबड्डी खिलाड़ी रणजीत सिंह उर्फ जीता मौड़, उसके साथी रिटायर्ड डीएसपी और एक अन्य पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया है। पहली बार पुलिस व नशा तस्कर के बीच कनेक्शन का खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने मौड़ के संपर्क में रहने वाले अमेरिका निवासी गुरजंट सिंह और कनाडा के कबड्डी खिलाड़ी दविंदर सिंह उर्फ जवाहर सहित 12 लोगों को नामजद किया है।

विज्ञापन

  
एसटीएफ ने जिला पुलिस के साथ बुधवार को देर रात काला संघिया स्थित जीता मौड़ के घर से लाखों रुपये की नकदी, संदिग्ध पदार्थ, 53 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की है। जिस समय एसटीएफ की टीम ने दबिश दी तो नौकर ने उन पर कुत्ते छोड़ दिए। इस मामले में सरकारी काम में विघ्न डालने और एक्साइज एक्ट के तहत थाना सदर में दो केस दर्ज किए गए हैं। 
विज्ञापन

 
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने नशे की तस्करी से होने वाली कमाई को रियल एस्टेट में निवेश किया। एसटीएफ के मुताबिक जीता मौड़ जिला कपूरथला के कस्बा काला संघिया में आलीशान बंगले में रहता था। उसके पास ऑडी, बीएमडब्ल्यू समेत कई महंगी गाड़ियां थीं। हैरानी की बात है कि वह धड़ल्ले से पुलिस सुरक्षा के बीच ड्रग्स की सप्लाई करता था। उसकी सुरक्षा में तैनात दो थानेदार उसकी ड्रग्स डील और पैसे का हिसाब रखते थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एसटीएफ सभी मामलों की जांच में जुट गई है। एसटीएम के मुताबिक जीता को उस समय दबोचा गया, जब वह गिरफ्तारी के डर से विदेश भागने की फिराक में था लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही एसटीएफ ने उसे धर दबोचा। एसपी (जांच) जगजीत सिंह सरोआ ने रेड की पुष्टि करते हुए कहा कि थाना सदर में रणजीत सिंह जीता व उसके नौकर परमिंदर के खिलाफ एक्साइज एक्ट और टीम पर कुत्ते छोड़कर व सरकारी काम में विघ्न डालने का केस दर्ज कर लिया है। जीता के साथ दो पुलिस अफसरों की गिरफ्तारी पर एसपी ने कहा कि इस मामले की जांच एसटीएफ मोहाली की टीम कर रही है। वहीं इससे ज्यादा जानकारी दे सकते हैं। जब्त सामान एसटीएफ अपने साथ ले गई है।

अमेरिका व कनाडा में भी ड्रग्स की सप्लाई करता है
एसटीएफ के अनुसार जीता पंजाब ही नहीं, बल्कि अमेरिका व कनाडा तक ड्रग्स सप्लाई करता था, इसकी पुख्ता जांच के लिए एसटीएफ कोर्ट से जीता का रिमांड हासिल किया जाएगा। उधर, जीता की सुरक्षा में तैनात दोनों थानेदारों के घर पर भी एसटीएफ ने दबिश दी है। थानेदार मनीष के घर से साढ़े तीन लाख रुपये मिले हैं। इसके लैपटॉप को एसटीएफ ने कब्जे में ले लिया है। एसटीएफ के मुताबिक जीता की सुरक्षा में तैनात दोनों पुलिसकर्मी उसे पुलिस नाकों से निकलवाते थे। यहीं नहीं लुधियाना व मोहाली की 20 अफसरों की टीम ने जिला पुलिस को लेकर एक साथ दबिश दी।

एक विधायक संग मिलकर जीता ने काटीं कालोनियां
कबड्डी की आड़ में नशे का रैकेट चला रहे रणजीत सिंह उर्फ जीता मौड़ की राजनेताओं से अच्छी जान-पहचान थी। कपूरथला से संबंधित एक विधायक के साथ मिलकर उसने कई कालोनियां काटकर बेचीं। सियासत में अच्छी पकड़ के कारण ही उसका उच्च पुलिस अफसरों से अच्छा-खासा उठना-बैठना था। जिसके चलते वह पुलिस सुरक्षा के बीच ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा था। 

रेड से गांववासी भी हैरान
कस्बा काला संघिया निवासयों का कहना है कि बुधवार देर रात को 10-12 गाड़ियों का काफिला जीता के घर पर पहुंचा। कई लोग इसे किसानी आंदोलन से जोड़ कर देख रहे हैं। इस रेड से गांववासी हैरान होने के साथ-साथ भयभीत भी हैं। जीता मौड़ एक नामवर कबड्डी खिलाड़ी रहा है, जिसने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके अलावा वह कई कबड्डी क्लबों को स्पांसर भी करता रहा है और कई कबड्डी खिलाड़ियों को वह विदेशी क्लबों की सैर भी करवा चुका है।

नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में डीएसपी को मिल चुका है राष्ट्रपति मेडल
पूर्व डीएसपी बिमलकांत को जालंधर में नशा नियंत्रण करने पर राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिल चुका है। सूत्रों के मुताबिक उसने चार नशा तस्करों की एक करोड़ की संपत्ति फ्रीज करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। शाहकोट में भी उसने नशा तस्कर की 133 करोड़ की जायदाद अटैच करवाई थी। बिमलकांत को मई 2016 में तत्कालीन सीपी जालंधर अर्पित शुक्ला ने डीजी डिस्क से सम्मानित किया। अब उसे नशा आपूर्ति में तस्कर की मदद करने के आरोप में पुलिस ने धर दबोचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed