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सेना के रिहायशी क्वार्टर में फंदे पर लटका मिला फौजी का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

Thu, 14 Mar 2019 12:48 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 14 Mar 2019 12:48 AM IST
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Soldier dead body found in Army's Residential Quarter in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर

भारतीय सेना की 606 बटालियन में तैनात खानपुर खुर्द के एक जवान का शव बरेली में सेना के रिहायशी क्वार्टर में फंदे पर लटका मिला है। मंगलवार की रात फौजी का शव झज्जर के सामान्य अस्पताल लाया गया। लेकिन मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव का दोबारा से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की। दूसरी ओर मृतक की पत्नी ने इसके लिए मना कर दिया। 

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करीब छह घंटे तक चली खींचतान के बाद पुलिस ने शव लेकर आई गाड़ी को गांव के लिए रवाना कर दिया। शव के गांव में पहुंचने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। परिजनों का कहना है कि फौजी की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया है। जबकि मृतक की पत्नी ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और कहा कि वह काफी दिन से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया है।
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खानपुर खुर्द गांव निवासी प्रीतपाल पुत्र रणसिंह का कहना है कि उसका छोटा भाई बलजीत कुमार वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुआ था और वर्ष 2010 में उसकी शादी हुई थी। फिलहाल वह बरेली में तैनात था और अपनी पत्नी व बच्चों को भी साथ रखता था। प्रीतपाल का कहना है कि 11 मार्च को उनके पास फोन आया था कि उसके भाई बलजीत ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।

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Soldier dead body found in Army's Residential Quarter in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर

उनका कहना है कि वे बरेली पहुंचे तो उन्हें शव नहीं देखने दिया। जब उन्होंने शव को देखा तो मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। उससे उन्हें शक हुआ कि किसी ने उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया है। उन्होंने वहां की पुलिस से भी इस संबंध में मदद मांगी थी। उनका आरोप है कि वहां की पुलिस ने भी उनकी मदद नहीं की। रात करीब दो बजे झज्जर सामान्य अस्पताल शव लेकर आए थे। 

सुबह दोबारा से शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए वे एसडीएम शिखा से मिले। उन्होंने एसडीएम से दोबारा शव का पोस्टमार्टम करवाने की मांग की तो उन्होंने पोस्टमार्टम चिकित्सकों के बोर्ड से करवाने की बात कही। उसके बाद झज्जर शहर पुलिस थाना प्रभारी कुलदीप सिंह टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और उन्होंने परिजनों को बताया कि तहसीलदार को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट अस्पताल में भेजा जा रहा है। कुछ देर बाद तहसीलदार होशियार सिंह भी अस्पताल में पहुंच गए थे। 

प्रशासन से नहीं मिली अनुमति 
काफी जद्दोजहद के बाद मृतक के भाइयों से पोस्टमार्टम के लिए साल्हावास के पुलिस थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह और तहसीलदार के साथ उसके परिजन कानूनी सलाह लेने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां से अनुमति न मिलने के बाद पुलिस थाना प्रभारी वापस अस्पताल पहुंचे और दोनों थाना प्रभारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाना उनका काम है। 

शव को लेकर आए फौजियों की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो पुलिस उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करेगी। उसके बाद पुलिस ने शव को लेकर आई गाड़ी को वहां से निकलवा दिया गया। जबकि उसके भाई और बहनों ने कहा कि हाईकोर्ट में वकील गया है केवल दो घंटे का समय दें। दोबारा से पोस्टमार्टम के आदेश आ जाएंगे। लेकिन पुलिस ने शव को अस्पताल से घर भेज दिया। जहां पर सासरौली पुलिस चौकी प्रभारी सुंदरपाल भी मौके पर पहुंच गए थे।

शाम को आया आदेश, शव का कराया जाए पोस्टमार्टम 
बलजीत के शव का पोस्टमार्टम दोबारा करवाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज महावीर सिंह सिंधु के आदेश आने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। मृतक बलजीत सिंह के भाई प्रीतपाल का आरोप है कि पुलिस व प्रशासन की तरफ से उसके भाई के शव का जबरदस्ती अंतिम संस्कार करवाया गया है।

मृतक की पत्नी और भाइयों ने अपनी मर्जी से शव लिया था। हमने किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया। शव के दोबारा पोस्टमार्टम के लिए अनुमति नहीं मिली थी। -बिजेंद्र सिंह, पुलिस थाना प्रभारी, साल्हावास।

नियमानुसार दोबारा पोस्टमार्टम करवाने के लिए आईओ या ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की पावर होती है। इसमें प्रशासन का कोई रोल नहीं होता। - शिखा, एसडीएम, झज्जर।

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