जो लावारिस शवों का मसीहा था...वो खुद लाश बन गया
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समाजसेवी था। लावारिस लाशों का संस्कार करता थ, अचानक कुछ ऐसा हुआ कि वह खुद लाश में तब्दील हो गया। मामला मोहाली का है। समाजसेवी जसपाल सैनी ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली।
पुलिस को उनके शव के पास एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उन्होंने दस लोगों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। इनमें पंजाबी गायक और पुडा मुलाजिम तक शामिल हैं। साथ ही लिखा है कि इनसे तंग आकर ही वह आत्महत्या कर रहे हैं।
थाना मटौर पुलिस ने सुसाइड नोट में नामजद नौ लोगों के खिलाफ परचा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ महेश सैनी ने इसकी पुष्टि की। फेज सात निवासी सैनी पिछले कई सालों से लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करते आ रहे थे।
10 लोगों को मौत का जिम्मेदार बताया
जानकारी के मुताबिक ,सैनी के परिजनों ने वीरवार रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचित किया कि सैनी फेज सात और सेक्टर 70 की डिवाइडिंग रोड पर कुंभड़ा चौक के पास स्थित पार्क में बेहोशी की हालत में पड़े हैं। पुलिस ने उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत करार दे दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को सैनी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस की तफ्तीश और सैनी के सुसाइड नोट से सामने आया है कि फेज सात निवासी महिंदर कौर ने अपने घर की ऊपरी मंजिल सैनी को घर बना कर रहने को दे दी थी। सैनी अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाई और कर्ज लेकर घर बनाया। बाद में महिंदर कौर ने रिश्तेदारों की बातों में आकर घर बेच दिया। जिसे लेकर सैनी काफी परेशान चल रहे थे।
उन्होंने सुसाइड नोट में दस लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उनमें महिंदर कौर, अरविंदर सिंह, तलविंदर सिंह, बिनय, बिनय का एक दोस्त जो खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताता था, पंजाबी गायक प्रीत बराड़, पुडा मुलाजिम एचपी सिंह, एनपी सिंह व जतिंदर पाल सिंह और कुक्कू बाबा शामिल हैं।
सुसाइड नोट में दर्द की दास्तानः
जसपाल सैनी का सुसाइड नोट उनकी दर्द की दास्तान है। सैनी ने पंजाबी में हाथ से लिखा है कि मैंने अपनी सारी उम्र की कमाई कोठी पर लगा दी। मैं पुलिस डिपार्टमेंट से विनती करता हूं कि किसी की भी सिफारिश पर किसी को बख्शा न जाए। मैंने कुछ लोगों के पैसे देने हैं, जो मकान बनाते समय लिए थे। अगर मेरे घरवालों को कोई परेशान करे तो पुलिस वाले मदद करें।
मैंने सारी उम्र पुलिस डिपार्टमेंट की मदद की है। मेरे परिवार को किसी के साथ कोई समझौता मंजूर हो तो करवा दो। मैंने जिनके नाम लिखे हैं, इनसे दुखी होकर ही मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। इनको बिल्कुल न बख्शा जाए। मेरे परिवार को हर पक्ष से मदद कर देना, धन्यवाद सहित। पुलिस डिपार्टमेंट किसी की भी सिफारिश पर इन्हें बख्शे नहीं।
26 जनवरी को किया गया था सम्मानित
जसपाल सिंह सैनी शहर के जाने-माने व्यक्ति थे। वह राजनीति में थे और समाजसेवा में उनका योगदान था। सबसे पहले वह मोहाली ब्लाक कांग्रेस कमेटी के प्रधान भी बने थे, बाद में अकाली दल में शामिल हो गए थे। सैनी लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करते थे। इसके लिए उन्हें जिला प्रशासन 26 जनवरी-2014 को अवार्ड भी दिया था। उन्हें कई और संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।