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थाने की दूसरी मंजिल से छलांग लगाने से एसआई की मौत, इस वजह से चल रहा था परेशान

Thu, 29 Aug 2019 12:55 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Aug 2019 12:55 AM IST
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SI Jumped From The Second Floor Of  The Police Station In Chandigarh
सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विभागीय जांच शुरू होने से परेशान चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह (55) ने बुधवार सुबह सेक्टर-19 थाने की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय गुलजार सिंह ड्यूटी सेक्टर-19 थाने में ही थी। हादसे के बाद गुलजार को फौरन पीजीआई ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गुलजार के पर्स और उनकी फाइल से एक सुसाइड नोट की दो कॉपियां बरामद हुई हैं, जिसमें गुलजार ने यूटी पुलिस में ही तैनात एक एसएचओ और आला अधिकारी पर तंग करने का आरोप लगाते हुए दोनों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट को लेकर कुछ नहीं बता रही।  
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पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10.50 बजे एसआई गुलजार सिंह ने सेक्टर-19 थाने के टॉप फ्लोर (दूसरी मंजिल) से नीचे छलांग लगा दी। वह सुबह करीब 10 बजे अपनी ड्यूटी पर आए थे। हादसे के थोड़ी देर बाद जब उनका बेटा थाने पहुंचा तो गुलजार को देखकर दंग रह गया। 
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वह मालखाने की पार्किंग में खून से लथपथ गिरे पड़े थे। शोरशराबे के बाद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर आए। इसके बाद गुलजार को फौरन पीजीआई ले जाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि गुलजार विभागीय जांच शुरू होने से परेशान थे। अंदेशा है कि इसी कारण उन्होंने थाने की दूसरी मंजिल से छलांग लगाई।  

बेटे से हुई फोन पर बात- बोले मन घबरा रहा है

 सूत्रों के अनुसार, गुलजार ने आखिरी बार बुधवार सुबह अपने बेटे से मोबाइल बात करते हुए कहा कि उनका मन आज बहुत घबरा रहा है। कुछ अच्छा नहीं लगा रहा, बेचैनी हो रही है। इसके बाद बेटा जब थाने पहुंचकर गुलजार के कमरे में गया तो वहां कोई नहीं था। इसके बाद बेटे ने पिता को जमीन पर पड़ा देखा तो फौरन अस्पताल पहुंचाया।  

गुलजार के दो बेटे और एक बेटी 
गुलजार सिंह परिवार समेत मनीमाजरा में रहते थे। गुलजार का बड़ा बेटा चंडीगढ़ पुलिस में बतौर कांस्टेबल तैनात है, जबकि छोटा बेटा लुधियाना में प्राइवेट नौकरी करता है जबकि बेटी एमबीए की पढ़ाई कर रही है। घटना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है। गुरुवार को गुलजार का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। 
 
इंवेस्टिेगेशन एंड डिटेक्शन ऑफ क्राइम का किया था कोर्स 
गुलजार की पोस्टिंग इससे पहले जुलाई 2014 से नवंबर 2018 तक सेक्टर-26 थाने में थी। 14 अक्टूबर वर्ष 2017 को गुलजार को बतौर मुंशी मालखाने का चार्ज दिया गया। अक्टूबर 2018 को गुलजार की तैनाती सेक्टर-19 थाने में हो गई। पिछले 6 जून से 23 अगस्त तक सेक्टर-36 स्थित सीडीटीआई में उन्होंने इंवेस्टिेगेशन एंड डिटेक्शन ऑफ क्राइम का एडवांस कोर्स किया। 

इस केस में शुरू हुई थी विभागीय जांच

21 अगस्त वर्ष 2018 को सेक्टर-26 थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर मध्य मार्ग स्थित होटल प्रेसिडेंट में छापामारी कर पांच जुआरियों को दबोचा था। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 लाख 87 हजार 300 रुपये बरामद किए।

इन रुपयों को केस प्रापर्टी बनाकर मालखाने में रख दिया गया। बाद में जरूरत पड़ने पर पता चला कि रुपये गायब हैं। पुलिस जांच शुरू होने के बाद यह रुपये वापस मालखाने से ही मिल गए। इसके बाद गुलजार पर लापरवाही के चलते विभागीय जांच शुरू कर दी गई थी।

इससे पहले भी पुलिसकर्मी उठा चुके हैं खौफनाक कदम

  • 6 जून वर्ष 2019 को सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन से कांस्टेबल में तीसरे मंजिल से कूदकर जान दी ।
  • 21 नवंबर वर्ष 2018 को मनीमाजरा स्थित घर में कांस्टेबल में फंदा लगाया ।
  • 1 दिसंबर वर्ष 2018 को सेक्टर-17 पुलिस कालोनी में कांस्टेबल ने आत्महत्या करने का प्रयास किया।

शुरुआती जांच में पता चला है कि एसआई गुलजार विभागीय जांच से परेशान रहता था। इसके चलते उसने थाने की टॉप फ्लोर से छलांग लगा दी। सुसाइड नोट के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके से सुसाइड नोट मिला या नहीं और इस बारे में एरिया डीएसपी से भी अभी तक जवाब नहीं मिला है।  -चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी पीआरओ   

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