सेक्स रैकेट: जहां चाहिए, वहां पहुंचा देते थे लड़की
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फेज-11 में हुए सेक्स रैकेट मामले में पुलिस की पूछताछ में निशा ने बताया कि वे ट्राइसिटी के अलावा पहाड़ी इलाकों में स्थित टूरिस्ट स्थानों पर भी लड़कियां मुहैया करवाती रही हैं। निशा ने बताया कि जो लड़की मर गई है। वह भी उसके माध्यम से ही प्रमोद के हवाले की गई थी। इसके अलावा उसने कुछ अन्य महिलाओं के नाम भी बताए हैं।
इस सेक्स रैकेट मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने बुधवार को जसविंदर सिंह उर्फ नोनी व भूषण कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों जिला फतेहगढ़ निवासी अमलोह के रहने वाले हैं। अभी तक दोनों आरोपी फरार हैं।
पुलिस की एक टीम ने फतेहगढ़ साहिब में दबिश दी है। सेक्स रैकेट में शामिल दिल्ली से लाई गई लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद चुपके से अंतिम संस्कार करते समय श्मशान घाट में मामले की पोल खुल गई थी।
मौत के समय नोनी के पास थी लड़की
मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने दलाल प्रमोद और निशा नाम की महिला को काबू किया था। पूछताछ में प्रमोद ने बताया थी कि जब लड़की की मौत हुई थी तो उस समय लड़की जसविंदर सिंह नोनी के पास थी।
उसकी अधिक शराब पिलाने से मौत हो गई थी। भूषण वह आदमी है जो लड़की को नोनी के पास पहुंचाकर आया था। इसके अलावा पुलिस प्रमोद से पूछताछ कर अन्य राज्य में पूछताछ में लगी हुई है। अमर उजाला ने 21 जनवरी के अंक में ‘जब मौत हुई तब नोनी के साथ थी लड़की’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें सारे काले कारोबार के बारे में बताया था।
प्रमोद व महिला अदालत में पेश
सेक्स रैकेट के मुख्य आरोपी प्रमोद को पुलिस ने बुधवार अदालत में पेश किया। अदालत में पुलिस ने प्रमोद व निशा का तीन दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने केवल दो दिन का ही रिमांड दिया है।