मां-बाप ने किया बेटियों को वेश्या बनने पर मजबूर
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सेक्स रैकेट में पकड़ी गईं युवतियां जन्म से वेश्या नहीं थीं। उनके मां-बाप ने ही उन्हें देह का धंधा करने पर मजबूर किया था। ये बड़ा खुलासा हुआ मोहाली में पकड़े गए सेक्स रैकेट के मुख्य आरोपी दलाल प्रमोद से।
सेक्स रैकेट मोहाली के फेज 11 में सामने आया था। पुलिस पूछताछ में दलाल ने बताया कि वह जो भी लड़कियां लाते थे, उसके बारे में लड़कियों के घरवालों को पूरी जानकारी होती थी। पेमेंट लड़कियों के पैरेंट्स को ही होती थी।
लड़कियां बदल-बदल कर आती थीं। डिमांड पर लड़कियां मंगवाई जाती थीं। वहीं, पता चला है कि पुलिस द्वारा कब्जे में ली गई महिला के कई अन्य ग्रुपों से संपर्क थे। इनसे आसानी से लड़कियां मिल जाती थीं।
नयागांव के राजू के साथ भी रही थी लड़की
प्रमोद ने पूछताछ में ये भी बताया कि मृतक लड़की नयागांव निवासी राजविंदर सिंह राजू के साथ भी रही थी। वह उसे कई जगह पर लेकर गया था। इस दौरान उन्होंने नशीले पदार्थों की ड्रिंक भी पिलाई थी। इसके बाद पुलिस ने उक्त आरोपी पर केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दलाल के दिए पते पर जब पुलिस ने रेड की तो वहां से आरोपी फरार हो गया था।
इसके बाद पुलिस ने राज्य के सभी जिलों की पुलिस को आरोपी के बारे में अलर्ट कर दिया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों को पुलिसकर्मी काबू करने में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। पुलिस मुलाजिमों के मुताबिक आरोपियों के फोन भी बंद आ रहे हैं। ऐसे में उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
प्रमोद और महिला न्यायिक हिरासत में भेजे
पुलिस ने सेक्स रैकेट के मामले में दलाल प्रमोद और निशा को शुक्रवार अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके अलावा पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। वहीं, मामले के दो अन्य आरोपी नोनी और भूषण अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस द्वारा उन्हें काबू करने के लिए छापेमारी की जा रही है।
मोहाली से पहले चंडीगढ़ में चलता रहा रैकेट
दलाल प्रमोद ने बताया कि मोहाली से पहले चंडीगढ़ से ही अपना नेटवर्क चला रहा था। एक जनवरी 2015 को ही वह चंडीगढ़ से मोहाली में शिफ्ट हुआ था। इस दौरान उसने दो बार ठिकाने बदले थे। प्रमोद ने बताया है कि वह काफी समय से इस कारोबार में जुड़ा हुआ है। मूलरूप से संगरूर का रहने वाला है। जब उसके घरवालों को उसके इस धंधे का पता चला था तो उन्होंने उसे बेदखल कर दिया था।
इसके बाद उसने संगरूर को छोड़ दिया था। साथ ही ठिकाने बदलकर कारोबार शुरू कर दिया था। उसने बताया कि कारोबार के चलते उसके लिंक काफी लोगों से हो गए थे। इस कारोबार में आमदन अच्छी थी। ऐसे में उसने धंधा जारी रखा।
गर्मियों के दिनों में हिल एरिया में यह कारोबार चलता था। अधिकतर शिमला, हरिद्वार, कुल्लू मनाली, सोलन समेत जगह पर वह ठहरता था। जबकि सर्दियों के मौसम में वह चंडीगढ़ के आसपास ही अपना कारोबार चलाता था। वहीं, पता चला है कि पुलिस द्वारा कब्जे में ली गई महिला के कई अन्य ग्रुपों से संपर्क थे। इनसे आसानी से लड़कियां मिल जाती थीं।