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'रिश्वत लेकर गजटेड अफसर बना देता था सिद्धू'

ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला Updated Wed, 08 Apr 2015 02:23 PM IST
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sensational exposure about punjab public service commission recruitment scam

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पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन भरती घोटाले का मुख्य दोषी पूर्व चेयरमैन रविंदर पाल सिंह सिद्धू रिश्वत लेकर ही गजटेड अफसर बना देता था। वह पूरे गोरखधंधे को चंडीगढ़ स्थित अपनी कोठी से ही चला रहा था। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से की गई जांच के मुताबिक रवि सिद्धू आयोग के तत्कालीन सेकेटरी प्रितपाल सिंह के साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपरों की चेकिंग से लेकर पेपर लेने का काम भी अपनी कोठी पर कराता था।
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घोटाले में मां का भी बड़ा रोल
इस पूरे घोटाले में उसकी मां का भी बड़ा रोल रहा। सिद्धू की मां प्रितपाल कौर ही कैंडीडेटों और बिचौलियों से रिश्वत के पैसे कलेक्ट करती थी। जबकि भाई व भाभी के नाम पर खुले बैंक खातों व लाकरों में विजिलेंस को करोड़ों रुपये का कैश मिला था। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक सेकेटरी प्रितपाल सिंह जो सिद्धू का काफी करीबी था, वह कमीशन के पटियाला दफ्तर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं लेकर रवि सिद्धू की सैक्टर 10 स्थित कोठी में लेकर आता था।


यहीं पर रवि इन उत्तरपुस्तिकाओं को अपने मनमर्जी के प्रोफेसरों से चेक कराके उन उम्मीदवारों को ज्यादा नंबर दिलाता था, जिनसे उसने रिश्वत लाखों रुपये ले रखे होते थे। कईं उम्मीदवारों के पेपर तक रवि सिद्धू अपनी कोठी में ही ले लेता था। जिनसे उसने रिश्वत की मोटी रकमें ली होती थीं। इस सब को अंजाम देने के लिए ही रवि सिद्धू ने पेपर सेट कराने, पेपर लेने, पेपरों की संभाल और पेपरों पर गुप्त नंबर लगाने का काम अपने हाथों में ले रखा था।

इस केस के गवाहों के मुताबिक सिद्धू अकसर रिश्वत के पैसे उम्मीदवारों व बिचौलियों को उसकी मां प्रितपाल कौर के पास कोठी में पहुंचाने को कहता था। मां ही रिश्वत के पैसे कलेक्ट करती थी। जबकि भाई रीतइंद्र सिंह, भाभी अरजिंदर कौर और बेटी रैसा सिद्धू के नाम पर खुले बैंक खातों, लाकरों में करोड़ों रुपये कैश जांच दौरान बरामद किए गए थे। रिश्वत के जरिये इकट्ठा किए पैसे को सिद्धू विदेशों में हवाला जरिये भेजता था।
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