जासूसी में दो महीने पहले भी पकड़ा गया था वायुसैनिक
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पंजाब के बठिंडा में तैनात रहा एयरफोर्स कर्मी रंजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को सूचनाएं देने के शक में दो माह पहले भी पकड़ा गया था।
सूत्रों की माने तो दिल्ली पुलिस को दो माह पहले सूचना मिली थी कि वायु सैनिक रंजीत एक महिला के माध्यम से सेना की जुड़ी सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को दे रहा था।
इसी शक में दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के लिए रंजीत को हिरासत में लिया था, लेकिन सबूत मजबूत होने के कारण उसे छोड़ना पड़ा था। उसके बाद से उसपर लगातार दिल्ली पुलिस व एयरफोर्स अधिकारियों की नजर थी।
दो माह बाद जैसे ही पुलिस के हाथ पक्के सुबूत लगे तो न सिर्फ एयरफोर्स ने उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया, ब्लकि दिल्ली पुलिस ने भी तुरंत गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया।
हालांकि रंजीत के मुद्दे पर बठिंडा एयरफोर्स का कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नही और न ही कोई इस संबंधी जानकारी दे रहा है।
फेसबुक पर देता था पाक खुफिया एजेंसी को जानकारी
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले रंजीत ने पूछताछ में कई खुलासे किए। उसने माना कि उसने एयरफोर्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां (नक्शा बनाकर और लिखकर) दामिनी मैकनॉट नाम की फेसबुक आईडी को मुहैया करवाई थीं। सिक्योरिटी एजेंसियां अब पूर्व और मौजूदा डिफेंस अफसरों के 2000 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर नजर रख रही हैं।
2 साल से दामिनी के संपर्क में था रंजीत
केरल के रहने वाले रंजीत ने 2010 में भारतीय वायु सेना ज्वाइन की थी। रंजीत बठिंडा में पोस्टेड था। इनपुट्स मिलने के बाद इसी महीने उसे एयरफोर्स से बर्खास्त कर दिया गया था। रंजीत ने बताया कि 2013 में उसे फेसबुक पर दामिनी मैकनॉट के नाम से फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजी गई थी। दामिनी ने उसे बताया था कि वह यूके की खबरों पर आधारित एक मैगजीन में एक्जीक्यूटिव है।
उसे एयरफोर्स की कुछ जानकारी मैगजीन में प्रकाशित करनी है। रंजीत का भरोसा जीतने के लिए उससे कई बार फोन पर भी बात की गई। वायु सेना कर्मी के मोबाइल पर इंटरनेट के माध्यम से कॉल आई थी। रंजीत के अनुसार फोन पर सामने वाली महिला ने खुद को दामिनी बताया था।
उसका बात करने का लहजा ब्रिटिश था। रंजीत ने एयरफोर्स की मौजूदा गतिविधियों, एयरक्राफ्ट की तैनाती और मूवमेंट की जानकारी लीक की है। उसे इसके बदले में पैसे भी दिए गए।
'दामिनी के साथ देर रात तक फेसबुक पर चैट होती थी'
रंजीत ने बताया कि दामिनी के साथ देर रात तक फेसबुक पर चैट होती थी। बाद में मामला वॉट्सऐप और स्काइप तक जा पहुंचा। रंजीत उसके अंग्रेजी बोलने के लहजे से इम्प्रेस्ड हो गया था। दामिनी ने रंजीत से ये भी कहा कि इन जानकारी के बदले वह उसे कुछ बोनस भी देगी।
एक दिन महिला ने रंजीत से ग्वालियर की एयरफोर्स यूनिट के बारे में जानकारी मांगी। इस पर रंजीत को शक हो गया। उसने ये जानकारी देने से मना कर दिया। इसके बाद दामिनी ने रंजीत से कहा कि अगर वह ये जानकारी नहीं देगा तो वह उसे एक्सपोज कर देगी। रंजीत इस ब्लैकमेलिंग में फंस गया।
अपराध शाखा के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रंजीत के.के ई-मेल पर स्कैन करऔर व्हाट्सऐप आदि से नक्शों के जरिये गुप्प्त सूचनाएं भेज रहा था। उसने ज्यादा गुप्प्त सूचनाएं वायुसेना के एयरक्राफ्ट, उनकी तैनाती, एयरफोर्स कहां तैनात है, कितनी संख्या में तैनात है, एयरक्राफ्ट कितने हैं, कितने खराब पड़े हैं और कब-कब और कहां अभ्यास हो रहा है आदि के संबंध में सूचनाएं पड़ोसी देश को भेज रहा था।
पहले भी सेना में पकड़े गए जासूसी के मामले
6 दिसंबर 2015: क्राइम ब्रांच ने आईएस के लिए जासूसी करने के मामले में सेना के जवान को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया।
4 दिसंबर 2015: आईएसआई रैकेट से जुड़े सेना के रिटायर्ड हवलदार मुनव्वर अहमद मीर को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया।
3 दिसंबर 2015: भारतीय सेना की जानकारी पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के मामले में मो. सबर जम्मू से गिरफ्तार
28 नवंबर 2015: आईएसआई के लिए जासूसी के मामले में जम्मू व कोलकाता से बीएसएफ के जवान समेत पांच गिरफ्तार
24 नवंबर 2015: आईएसआई को भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेज भेजने वाला पाक एजेंट मो. एजाज मेरठ से गिरफ्तार
29 अगस्त 2014: जासूसी के आरोप में पठानकोट वायुसेना स्टेशन का एक वायुसेना कर्मी सुनील कुमार गिरफ्तार।