बिजनेसमैन सुसाइड मामले में सनसनीखेज खुलासा
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टैक्स अफसर और नेताओं की मिलीभगत से दुखी युवा उद्योगपति राजेश गुप्ता को प्रताड़ित करने की कवायद उनकी अंतिम सांस तक जारी रही।
बुधवार सुबह राजेश अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रहे थे तो दूसरी तरफ उनके फोकल प्वाइंट स्थित एसएम मल्टीमेटल्स में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम छापा मारने पहुंच गई। लेकिन, जब गेट मैन ने उन्हें बताया कि उद्यमी ने जहर खा लिया और वह अस्पताल में भर्ती है तो टीम वहां से लौट गई।
उद्योगपति राजेश के पिता उदय गुप्ता और ससुर विनय गुप्ता ने बताया कि बुधवार सुबह सात बजे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों की एक टीम एसएम मल्टीमेटल्स में सुबह सात बजे छापा मारने पहुंच गई थी। फैक्टरी के गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने जब उनसे परिचय जानना चाहा तो टीम के सदस्यों ने खुद को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अधिकारी बताया और कहा कि वे वहां छापा मारने आए हैं।
इस पर सुरक्षा कर्मी ने बताया कि साहब (राजेश गुप्ता) ने मंगलवार देर शाम जहर खा लिया है और इस समय वह अस्पताल में भर्ती हैं। यह सुनते ही बोर्ड की टीम उल्टे पांव लौट गई।
'सीएम और अफसरों से मांगेंगे इंसाफ'
उदय गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों पर सिर्फ 306 की धारा के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि अन्य धाराओं पर भी कार्रवाई बनती है। वह अपने वकील की सलाह से एक पत्र शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और चीफ सेक्रेटरी स्थानीय सरकार सहित उच्च पुलिस अधिकारियों को देंगे और इंसाफ की मांग करेंगे। राजेश के ससुर विनय गुप्ता ने कहा कि जरूरत पड़ी तो संघर्ष का रास्ता भी अपनाएंगे।
तंग आकर जहर निगल लिया
मंगलवार शाम को लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ के एक युवा उद्योगपति राजेश गुप्ता (30) ने सेल्स टैक्स विभाग के एक ईटीओ और वरिष्ठ अकाली नेता समेत चार लोगों से तंग आकर जहर निगल लिया। लुधियाना के अपोलो अस्पताल में बुधवार सुबह 9 बजे उसकी मौत हो गई। राजेश की माटा मल्टीमेटल्स और एस.के.अलायॅज नाम की दो फर्में हैं। पुलिस ने उद्यमी के पिता उदय सिंह के बयान के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 306 के तहत हत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया था।
सुसाइड नोट में बताए नाम
युवा उद्योगपति ने सुसाइड नोट में मौत के लिए सेल टैक्स विभाग के ईटीओ विश्वजीत सिंह भंगू, वरिष्ठ अकाली नेता सुखविंदर सिंह भांबरी और दो स्क्रैप ब्रोकर सुरिंदर कुमार और संदीप कुमार को जिम्मेदार ठहराया था।
युवा उद्योगपति के पिता उदय चंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि अकाली नेता सुखविंदर भांबरी और स्क्रैप ब्रोकर सुरिंदर कुमार, संदीप कुमार पिछले कई महीनों से राजेश को कोर्ट में चल रहे आपसी लेन देन के विवाद में समझौता करने के लिए तंग कर रहे थे।
इससे पहले तीनों ने साठगांठ कर ईटीओ भंगू से बेटे के यहां रेड डलवाकर उससे 50 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला था। तीनों ने ईटीओ से करोड़ों की और रेड डलवाने और दोनों फैक्टरियां बंद करवाने की धमकी भी दी थी। इसी से दुखी होकर राजेश ने आत्महत्या की।