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Hindi News ›   Chandigarh ›   Senior IAS officer Vijay Dahiya arrested in Haryana on corruption charges

Haryana: भ्रष्टाचार के मामले में छह माह बाद आईएएस विजय दहिया गिरफ्तार, जेल भेजा

Tue, 10 Oct 2023 08:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 10 Oct 2023 08:39 PM IST
सार

50 लाख का बिल पास कराने के नाम पर महिला के माध्यम से रिश्वत लेने का आरोप है। एसीबी ने जांच में कई सबूत जुटाए हैं। वाट्सएप चैट गिरफ्तारी का आधार बना है।

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Senior IAS officer Vijay Dahiya arrested in Haryana on corruption charges
arrest symbol - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के मामले में छह महीने की जांच के बाद आखिरकार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय दहिया को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। देर शाम मेडिकल कराने के बाद उन्हें पंचकूला के चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। विजय दहिया पर 50 लाख रुपये का बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप है।

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इस मामले में दिल्ली निवासी महिला पूनम चोपड़ा को तीन लाख रुपये की रिश्वत के साथ पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। महिला की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल से मिली आईएएस विजय दहिया की चैट आदि को गिरफ्तारी का आधार बनाया गया है। इसके अलावा महिला के मोबाइल फोन से निकाली गई काॅल डिटेल के साथ-साथ अन्य सबूत भी जुटाए गए हैं। पुख्ता सबूत एकत्र होने के बाद मंगलवार को एसीबी की पंचकूला यूनिट के डीएसपी वीरेंद्र सैनी की अगुवाई में आरोपी आईएएस विजय दहिया को गिरफ्तार कर लिया गया।
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20 अप्रैल को सामने आया था मामला
फतेहाबाद निवासी रिंकू मनचंदा की शिकायत में एसीबी की टीम ने 20 अप्रैल 2023 को पूनम चोपड़ा को तीन लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। महिला ने कहा कि वह उसके हरियाणा कौशल विकास मिशन के 50 लाख रुपये के बिल पास करा देगी। महिला ने रिश्वत की रकम मिशन के आयुक्त आईएएस विजय दहिया को देने की बात कही थी, जबकि रिंकू दो लाख रुपये पहले ही महिला को दे चुका था। एसीबी ने पूनम चोपड़ा, हरियाणा कौशल विकास मिशन के चीफ स्किल ऑफिसर दीपक शर्मा और आईएएस विजय दहिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया था।
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हाईकोर्ट ने कहा था, दहिया को पूछताछ के बाद छोड़ा इसका अर्थ यह नहीं कि वह बेकसूर
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जून माह में आईएएस विजय दहिया की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कि एसीबी ने पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया, इसका मतलब यह नहीं कि वह बेकसूर हैं। जांच एजेंसी ने ऐसा इसलिए किया, ताकि उन्हें गिरफ्तार करने से पहले पर्याप्त सबूत जुटा ले। कोर्ट ने कहा कि दहिया और आरोपी महिला के बीच जो चैट मौजूद है वह पूरी तरह से याची के खिलाफ जाती है। महिला को शिकायतकर्ता के बिल पास होने के बारे में पूरी जानकारी थी, जबकि वह सरकारी कर्मचारी नहीं थी। इससे मिलीभगत की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। शिकायतकर्ता के बिल 3 साल से पास नहीं हो रहे थे और वहीं, महिला से डील होने के बाद 11 लाख रुपये के छह बिल 12 दिन में पास हो गए। इस फैसले के बाद से दहिया की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई थी।


दो महीने पहले हाजरी देने के बाद भी नहीं मिली थी कोई जिम्मेदारी
20 अप्रैल को एसीबी के केस दर्ज करने के बाद आईएएस विजय दहिया भूमिगत हो गए। एसीबी ने उनकी तलाश में उनके घर की तलाशी भी ली। बाद में दहिया ने मुख्य सचिव कार्यालय में अपनी बीमारी का हवाला दिया। 30 जुलाई को विजय दहिया ने बीमारी से ठीक होकर मुख्य सचिव कार्यालय में अपनी हाजिरी दी, लेकिन अब तक सरकार ने उन्हें किसी विभाग में नहीं लगाया था।

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