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हिसारः फर्जी हस्ताक्षर करके वर्क ऑर्डर जारी करने का आरोपी सहायक वैज्ञानिक गिरफ्तार, रिमांड पर
Tue, 11 Feb 2020 02:56 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार(हरियाणा)
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 11 Feb 2020 02:56 PM IST
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हिसार एचएयू कैंपस स्थित हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसैक) के डायरेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी जमीनों के बारे में फर्जी वर्क ऑर्डर जारी करने के आरोपी सहायक वैज्ञानिक अंकुर शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। केंद्र ने सहायक वैज्ञानिक को निलंबित कर दिया था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने हरसैक के प्रशासनिक अधिकारी बलजीत सिंह की शिकायत पर अंकुर शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को अंकुर शर्मा को अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया था कि 11 अगस्त 2019 को केंद्र को पंकज सिंह की तरफ से एक ई-मेल मिली, जिसमें उन्होंने बताया था कि अंकुर शर्मा ने उनको केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक के हस्ताक्षरयुक्त हिसार के रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित स्टडी मैट्रिक्स स्किल डेवलपमेंट मिशन को 6 अगस्त 2019 को लिखा पत्र, इसी दिन का 101 रुपये के नॉन-ज्यूडीशियल स्टांप पेपर पर किया गया एक एग्रीमेंट मुहैया करवाया है। उन्होंने उन कागजातों की वैधता के बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा।
जांच के बाद पता चला था कि छह अगस्त को लिखे पत्र पर सहायक वैज्ञानिक अंकुर शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे और उसका डिस्पैच नंबर रजिस्टर पर नहीं चढ़ाया था। इसी प्रकार 101 रुपये का नॉन-ज्यूडीशियल स्टांप पेपर हरियाणा गवर्नमेंट की वेबसाइट से लिया गया और इसके तीन पेज पर अंकुर शर्मा के अलावा केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. वीएस आर्य के फर्जी हस्ताक्षर थे, क्योंकि उन हस्ताक्षर का डॉ. वीएस आर्य के हस्ताक्षर से न तो मिलान हुआ और उन्होंने भी इस तरह के कागजातों पर हस्ताक्षर करने की बात से इनकार किया था।
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अंकुर शर्मा को गत 22 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था। करीब छह माह से फरार चल रहे अंकुर शर्मा को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
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पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया था कि 11 अगस्त 2019 को केंद्र को पंकज सिंह की तरफ से एक ई-मेल मिली, जिसमें उन्होंने बताया था कि अंकुर शर्मा ने उनको केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक के हस्ताक्षरयुक्त हिसार के रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित स्टडी मैट्रिक्स स्किल डेवलपमेंट मिशन को 6 अगस्त 2019 को लिखा पत्र, इसी दिन का 101 रुपये के नॉन-ज्यूडीशियल स्टांप पेपर पर किया गया एक एग्रीमेंट मुहैया करवाया है। उन्होंने उन कागजातों की वैधता के बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा।
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जांच के बाद पता चला था कि छह अगस्त को लिखे पत्र पर सहायक वैज्ञानिक अंकुर शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे और उसका डिस्पैच नंबर रजिस्टर पर नहीं चढ़ाया था। इसी प्रकार 101 रुपये का नॉन-ज्यूडीशियल स्टांप पेपर हरियाणा गवर्नमेंट की वेबसाइट से लिया गया और इसके तीन पेज पर अंकुर शर्मा के अलावा केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. वीएस आर्य के फर्जी हस्ताक्षर थे, क्योंकि उन हस्ताक्षर का डॉ. वीएस आर्य के हस्ताक्षर से न तो मिलान हुआ और उन्होंने भी इस तरह के कागजातों पर हस्ताक्षर करने की बात से इनकार किया था।
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अंकुर शर्मा को गत 22 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था। करीब छह माह से फरार चल रहे अंकुर शर्मा को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।