'छेड़छाड़ पर जिंदा जल मरी मेरी बहन, सरकार जिम्मेदार'
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छेड़छाड़ से आहत होकर खुद को आग लगाकर जान देने वाली युवती बेअंत के भाई जगसीर का दर्द मीडिया के सामने फूट पड़ा। उसने सरकार और पुलिस प्रबंधन को जमकर कोसा। मामला, पंजाब के पटियाला जिले से संबंधित है।
यहां बेअंत कौर ने छेड़छाड़ से आहत होकर गत 5 अगस्त को खुद को आग लगा ली थी। हादसे में 80 फीसदी झुलस चुकी बेअंत ने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया था।
जगसीर सिंह ने सरकार कहती है कि बेटियों को पढ़ाओ। बेटियों को पढ़ाने पर क्या हश्र होता है, सबके सामने है। उसके गांव काल बंजारा में सिर्फ आठवीं तक स्कूल है। दसवीं करने के लिए गांव से दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
जब बेटियां घर से बाहर जाती हैं तो उन्हें कितनी जिल्लतें झेलनी पड़ती है। हर कदम पर उन्हें घूरा जाता है। रेलवे स्टेशन हो या फिर बस अड्डे। मुझे तो डर लग रहा है कि अब कौन अपनी बेटी को पढ़ाने बाहर भेजेगा।
मेरी बहन को देखकर कुछ लोगों ने अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए बाहर भेजना शुरू किया था, लेकिन अब मैं पूरे दावे के साथ कहता हूं कि इस हादसे के बाद कई बेटियों की पढ़ाई छूट जाएगी।
जगसीर ने कहा कि गांव के बस स्टैंड और गलियों में अक्सर छेड़खानी होती है। कोई भी रोकने वाला नहीं होता। दिन भर कुछ लड़के गलियों में तेज रफ्तार में बाइकें चलाते हैं। सरेआम वे लड़कियों को परेशान करते हैं। सरकार गांवों की ओर तो बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती। यह सिर्फ मेरी बहन की बात नहीं है, बल्कि गांव की सभी लड़कियों की सुरक्षा का सवाल है।
पढ़ाई में काफी होशियार थी मेरी बहन बेअंत
जगसीर ने बताया कि उसकी बहन बेअंत कौर पढ़ने में काफी होशियार थी। चाहे राजनीतिक मुद्दा हो या सामाजिक, हर मुद्दे पर वह बात करती थी। खो-खो की बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। वह डाक्टर बनना चाहती थी, लेकिन उसका ख्वाब अब पूरा नहीं हो सकेगा। मेरी बहन तो अब वापस आ नहीं सकती, लेकिन मेरी सरकार व पुलिस से अब यही गुजारिश है कि वे इस मुद्दे पर कुछ करें और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
गौरतलब है कि बेअंत कौर ने छेड़छाड़ से आहत होकर गत 5 अगस्त को खुद को आग लगा ली थी। हादसे में बेअंत 80 फीसदी झुलस चुकी थी। मंगलवार को उसकी दर्द सहने की हिम्मत टूट गई और उसने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया।
बयान रिकॉर्ड कर चार पर लगाए थे आरोप
दम तोड़ने से पहले बेअंत कौर ने अपने रिकार्डेड बयान में गांव के ही चार युवक मनी खंडेवाल, मनी काल बंजारा, स्वर्ण काल बंजारा और गुरप्यार काल बंजारा पर छेड़खानी का आरोप लगाया था।
सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने भी पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए थे। उधर लहरा थाना प्रभारी पुष्पिंदर सिंह ने बताया कि लड़की के बयान के आधार पर खंडेबाद निवासी मनी सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पीड़िता का रिकार्डेड बयान
सवाल : गगन तुमने ऐसा कदम क्यों उठाया?
गगन : आरोपियों ने मुझे स्टेशन पर घेर लिया। उसके बाद बस स्टैंड पर थप्पड़ मारे। फिर मोबाइल नंबर पकड़वाने की कोशिश की। लोगों के बीच मेरी बेइज्जती हुई। तीन-चार दिन से सुसाइड करने की सोच रही थी।
सवाल : घर वालों को क्यों नहीं बताया
गगन : मुझे पता था कि यदि मैं घर वालों को बताती कि वे मेरी पढ़ाई छुड़वा देते। इसलिए मैंने नहीं बताया। मैं डॉक्टर बनना चाहती थी। मेरे भाई का भी सपना था कि मैं डाक्टर बनूं।
सवाल : कितने दिनों से छेड़खानी कर रहे थे
गगन : मार्च से चल रहा था। जिस बस से मैं जाती थी, सभी आरोपी अपनी बस छोड़कर मेरी बस में आ जाते थे और पूरे रास्ते बकवास करते रहते थे।
सवाल : क्या कहते थे
गगन : इतने गलत शब्द बोलते थे कि मैं उसे बता नहीं सकती।
सवाल : वे कौन थे, जो तुम्हें परेशान करते थे।
गगन : मनी खंडेवाल, मनी काल, स्वर्ण काल और गुरप्यार काल बंजारा।