मोहाली में सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत चार गिरफ्तार, दो लाख की नकदी मिली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीआईए स्टाफ ने ट्राइसिटी में क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर उसके सरगना समेत चार सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नशे के कारोबार से भी जुड़ा है। इनके पास से नशे का पाउडर और दो लाख की नकदी भी बरामद हुई है। गिरोह के सरगना के खिलाफ चंडीगढ़ और मोहाली में पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने चारों सट्टेबाजों को अदालत पेश में करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है।
ट्राइसिटी में क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने वाले गिरोह की गुप्त सूचना सीआईए स्टाफ को मिली थी। इसके बाद एसपी इंटेलिजेंस हरमनदीप सिंह हंस और डीएसपी गुरचरन सिंह की अगुवाई में इस गिरोह को दबोचने का जिम्मा सीआईए मोहाली के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमेल सिंह को सौंपा गया। पुलिस ने अपने मुखबिरों की टीम को सक्रिय किया और इस गिरोह की सरगर्मी पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसी बीच पुलिस को पता चला कि यह गिरोह क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने के साथ नशे का कारोबार भी करता है।
सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि सट्टेबाजों को गिरोह खरड़ के क्रिश्चियन स्कूल के पास एक आई-20 कार में मौजूद है। इस पर सीआईए इंचार्ज गुरमेल सिंह ने एसआई पवन कुमार और एसआई दीपक सिंह के साथ पुलिस पार्टी को तैयार किया और गिरोह को दबोचने के लिए घेराबंदी की। इसके बाद सीआईए की टीम ने खरड़ में क्रिश्चियन स्कूल के पास ही इस गिरोह को धर दबोचा। यहां पकड़े गए आरोपियों में दो चंडीगढ़ के रहने वाले हैं, जबकि एक मोहाली का और एक पंचकूला का रहने वाला है।
इनकी पहचान सेक्टर-56, चंडीगढ़ निवासी राजेश कुमार और सेक्टर-41, चंडीगढ़ निवासी विजय राणा के रूप में हुई है। इनके अलावा मोहाली के जलवायु विहार निवासी जॉनी बागला और पंचकूला के सेक्टर-19 निवासी अश्वनी चौहान के रूप में हुई है। चंडीगढ़ का रहने वाला राजेश कुमार इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक यह गिरोह अपने फोन और लैपटॉप के जरिये मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का धंधा चलाता था। जिस समय पुलिस ने इन्हें दबोचा उस समय भी गिरोह के सदस्य अपनी आई-20 कार में बैठकर क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहे थे। दबिश के दौरान डीएसपी खरड़ रुपिंदर कौर सोही भी मौके पर मौजूद थीं। सीआईए इंचार्ज ने बताया कि यह गिरोह क्रिकेट मैचों में सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। सट्टेबाजी के साथ ही ये लोग नशे का कारोबार भी कर रहे थे। तलाशी के दौरान गिरोह के सरगना राजेश कुमार के पास से 300 ग्राम नशे का पाउडर बरामद किया गया।
इसके अलावा गिरोह के कब्जे से दो लाख दो हजार रुपये की सट्टे की रकम, चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और 10 सीरिंज बरामद की गई हैं। पुलिस को इनके पास से चार रजिस्टर भी बरामद हुए, जिसमें सट्टा लगाने वालों का ब्योरा दर्ज है। इनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत थाना खरड़ सदर में केस दर्ज किया गया है। मंगलवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने इस गिरोह से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई है। लिहाजा अदालत ने चारों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने माना कि ये लोग पिछले लंबे समय से सट्टेबाजी और नशे के कारोबार को चला रहे हैं। गिरोह का सरगना राजेश कुमार पासवान है, जो कि चंडीगढ़ का रहने वाला है। यह गिरोह अपना ज्यादातर कारोबार ट्राइसिटी में ही चलाता था। गिरोह के सरगना पर चंडीगढ़ और मोहाली में जुआ, इरादतन कत्ल और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। इसी साल 13 अक्तूबर को भी चंडीगढ़ के सेक्टर-39 थाने में राजेश कुमार के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।