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यमुनानगर से चल रहा देश भर में ई-टिकट का धंधा, तीन गिरफ्तार, मोबाइल और कंप्यूटर खोलेंगे राज

Wed, 29 Jan 2020 09:38 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 29 Jan 2020 09:38 PM IST
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RPF arrested Three people involved in illegal trade of railway E-tickets
IRCTC - फोटो : IRCTC

बंगलुरू से गिरफ्तार किए गए रेलवे ई- टिकट के मास्टर माइंड गुलाम मुस्तफा के रैकेट द्वारा बड़े पैमाने पर यमुनानगर-जगाधरी से टिकटें बनाने का खुलासा हुआ है। इसमें आरपीएफ की टीम ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंकज सहगल, प्रमोद और लखबीर के नाम शामिल हैं। इनके कब्जे से दो कम्प्यूटर, मोबाइल, 17 हजार टिकट भी बरामद की गई है। 

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उनके मोबाइल की जांच की गई तो एक आरोपी के मोबाइल में गुलाम मुस्तफा से लगातार संपर्क किए जाने का पता चला। जिस पर अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। आरपीएफ की टीम ने दिल्ली हेडक्वार्टर को पूरी स्थिति से अवगत कराया। इसने बरामद सामान को दिल्ली हेड क्टवार्टर मंगवाया गया है। जहां लैब में जांच होगी। अभी तक की जांच में ये भी सामने आया है कि विदेशी टूरिस्टों की आईडी हैक करके उनके नाम से भी टिकट बुक की गई और देश में आने वाले टूरिस्टों को महंगे दामों पर टिकट बेच कर ट्रेन में सफर करवाया गया। 
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विदेशों से जुड़े हैं तार, खुद तैयार किया सॉफ्टवेयर 
डीजी ने दस दिन पहले दिल्ली में खुलासा किया था कि गुलाम मुस्तफा के पाकिस्तान, बांग्लादेश, मीडिल ईस्ट, इंडोनेशिया और नेपाल तक लिंक है। यमुनानगर से पकड़े गए आरोपियों के पास गुलाम मुस्तफा द्वारा खुद विकसित किए गए हैकिंग सॉफ्टवेयर एएनएमएफ मिलने के भी इनपुट है। इसलिए बरामद किए गए कंप्यूटर और मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। 

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ऐसे करते हैं फर्जीवाड़ा

टिकट के दलाल छोटे रेलवे स्टेशनों से यात्रियों के नाम और पते के आधार पर तत्काल में टिकट आरक्षण करा लेते हैं और टिकट में दिए गए पूरे ब्यौरे को यात्री को मेल कर बता देते हैं। जिसके आधार पर आईआरसीटीसी की ओर से अधिकृत किए गए टिकट एजेंटों से मुसाफिर संपर्क करके अपने टिकट का प्रिंट आउट प्राप्त कर लेता है। 

इसके लिए कुछ रुपये भी खर्च करने होते हैं। ई- टिकट सिस्टम में एक फॉर्मेट होता है। जिसमें टिकट की सूचनाएं भरकर आसानी से प्रिंट लिया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इसमें रेलवे को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। उसको टिकट के पूरे पैसे मिल रहे हैं किंतु यात्रियों की जेब तराशी जा रही है।

देशभर से 72 लोग गिरफ्तार
आरपीएफ ने ई- टिकट की अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए दलाली का अब तक सबसे बड़ा खुलासा करते हुए देश भर से 27 लोगों को गिरफ्तार किये हैं। इनमें से अकेले यमुनानगर से दस दिनों में पांच लोग पकड़े गए हैं। 

तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से दो को अंबाला की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। पंकज का देश के बड़े ई टिकट सरगना गुलाम मुस्तफा से लिंक सामने आया है। आरोपी को इंट्रोगेट किया जा रहा है। -रमेश श्योराण, कंपनी कमांडेट, आरपीएफ

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