रोहतक रेप: कैसे खुला हत्याकांड, चौंकाने वाला सच
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पूरे प्रदेश को हिलाकर रख देने वाले रोहतक के निर्भया कांड का खुलासा कैसे हुआ, ये राज भी चौंकाने वाला है। जांच के दौरान पता चला कि गद्दी खेड़ी गांव के कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही हैं।
पुलिस ने उनके मोबाइल नंबर को ट्रेसिंग पर लगा दिया। तीन से चार नंबरों की एक फरवरी को भी लोकेशन रात को एक ही जगह थी, और आठ फरवरी को भी आपस में बात हो रही है।
पुलिस का शक यकीन में बदल गया। तत्काल दबिश देकर सीआईए ने एक के बाद एक आरोपी को धर दबोचा। सख्ती से पूछताछ करने से वारदात से पर्दा उठ गया।
9वें अभियुक्त ने जहर खाया, गंभीर
देर शाम पुलिस ने फरार आरोपी सोमबीर को तलाश करने के लिए छापेमारी तेज कर दी। उसके मोबाइल की लोकेशन दिल्ली के बुआना इलाके में आ रही थी।
सूत्रों का कहना है कि सोमवीर अपनी बहन के घर गया हुआ था और पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। देर रात तक जांच टीम दिल्ली पुलिस की मदद से जांच पड़ताल में जुटी रही। हालांकि सोमबीर के परिजनों को इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है।
सरकार ने ली राहत की सांस
रोहतक। नेपाली मूल की युवती के साथ रोहतक के बहु अकबरपुर गांव में हुई दरिंदगी के मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के साथ साथ प्रदेश सरकार ने भी राहत की सांस ली है।
पुलिस ने मामले में केस के खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की विस्तृत रिपोर्ट पीएमओ को भेज दी है। पीएमओ की ओर से भी प्रदेश सरकार पर लगातार इस मामले को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा था।
मानसिक तौर पर बीमार युवती नेपाली मूल की थी
चिन्योट कालोनी से नेपाली मूल की 28 वर्षीय मंदबुद्धि लड़की एक फरवरी को दोपहर 12 बजे अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने नजदीक पुलिस चौकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस युवती का सुराग नहीं लगा सकी। चार फरवरी को युवती का शव हिसार रोड स्थित बहुअकबरपुर गांव के खेतों में मिला, जिसे कुत्ते ने नोंच रखा था।
पूरे प्रदेश में उस समय सनसनी फैल गई, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि युवती की गैंगरेप के बाद हत्या की गई। साथ ही आरोपियों ने बड़ी जघन्यता से उसके निजी अंगों में नुकीले पत्थर भी डाल दिए थे। इससे न केवल प्रदेश बल्कि पीएमओ तक सनसनी फैल गई और प्रदेश सरकार से पीएमओ ने मामला तलब कर लिया।
प्रदेश सरकार के सख्त रुख पर डीजीपी ने खुद मामले को संज्ञान में लिया। डीजीपी ने इसके लिए न केवल साइबर क्राइम एक्सपर्ट माने जाने वाले क्राइम ब्रांच के डीआईजी विवेक शर्मा को रोहतक भेजकर रविवार को स्पेशल ड्यूटी लगाई, बल्कि सोमवार को खुद भी जांच पड़ताल करने पहुंच गए।
डीजीपी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक नेपाली मूल का है जिसका नाम संतोष है। बाकी आरोपियों में राजेश उर्फ घुचडू पुत्र जगदीश, सुनील उर्फ शीला पुत्र रमेश, सारवर उर्फ बिल्लू पुत्र ओमप्रकाश, मनबीर पुत्र धर्मबीर, सुनील उर्फ माधा पुत्र सूरजभान, पवन पुत्र करम व प्रमोद उर्फ पदम पुत्र रणबीर रोहतक के गांव गद्दी खेड़ी के रहने वाले हैं। जबकि फरार आरोपी सोमबीर गद्दी खेड़ी का ही रहने वाला है।