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रोहतक रेप: दरिंदो ने मिटाए सबूत, चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 12 Feb 2015 05:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Thu, 12 Feb 2015 05:25 PM IST
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rohtak rape: all 8 accused in police custody

निर्भया कांड के आरोपी दरिंदों ने खेत में बने कोठड़े में अपने गुनाह के सबूत मिटा दिए। सामूहिक दुराचार के 8 दिन तक आरोपी दरिंदगी के निशान मिटाने में लगे रहे। अब पुलिस दोबारा एफएसएल एक्सपर्ट की सहायता से मौके का मुआयना करेगी, ताकि खून के धब्बे से लेकर बाल जैसा बारिक से बारिक सबूत ढूंढा जा सके।

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सभी आठों आरोपियों का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। इससे पहले, गद्दी खेड़ी गांव से गिरफ्तार 8 युवकों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 8 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गिरफ्तार युवकों को सजा दिलाने के लिए सबूत जुटाना जांच टीम के लिए चुनौती बन गया है।
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अब एसआईटी साइंटिफिक सबूत जुटाने पर ज्यादा जोर दे रही है। वहीं, जिला बार एसोसिएशन ने आरोपियों की पैरवी करने से मना कर दिया। पेशी के दौरान कोर्ट में कोई भी वकील आरोपियों की तरफ से पेश नहीं हुआ।
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कोर्ट ने आरोपियों की पैरवी के लिए लीगल एड सर्विस से वकील मांगा है। उध्ार पुलिस पूछताछ में पता चला कि रेप के बाद लड़की की सांस बंद होने तक आरोपी राजेश उर्फ घूचड़ू वहां डटा रहा। पुलिस अब राजेश से अलग से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

सोमबीर की मौत मामले में सर्च वारंट
जांच टीम ने कांड के 9वें आरोपी सोमबीर के बारे में अदालत को 9वें आरोपी सोमबीर के दिल्ली में अपनी बहन के घर जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी की जानकारी दी। इस मामले में अदालत ने जांच टीम को कारणों की जांच के लिए सर्चवारंट दे दी है।

एफएसएल एक्सपर्ट टीम फिर करेगी जांच

rohtak rape: all 8 accused in police custody

अदालत में डीएसपी एवं एसआईटी प्रभारी अमित भाटिया ने बताया कि आरोपियों ने सामूहिक दुराचार के बाद खेत में बने उस कोठड़े से सबूत मिटा दिए। अब एफएसएल एक्सपर्ट टीम गहराई से मौके का मुआयना कर सबूत ढूंढेगी। ये सबूत आरोपियों को सजा दिलाने में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

एक्सपर्ट की मानें तो पुलिस ने मामले को शुरू में हल्के में लिया। लड़की की बहन की शिकायत पर सबसे पहले केस में बंधक बनाने की धारा 346 लगाई गई, जबकि इस तरह के केस में अपहरण यानि 364 या 365 के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए था।   
 
रोहतक बार के वकील नहीं करेंगे पैरवी
जिला बार के वकीलों ने निर्भया कांड में आरोपियों की पैरवी न करने का फैसला लिया है। जिला बार सचिव संजीव बतरा ने बताया कि प्रधान लोकेंद्र फौगाट जरूरी काम से चंडीगढ़ गए हुए हैं। उनकी गैर मौजूदगी में जिला बार की कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें आरोपियों की पैरवी न करने का फैसला लिया गया।

ऑटो चालक की तलाश
एसआईटी को आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उस ऑटो चालक की तलाश है, जो उसे बहुअकबरपुर गांव के बस स्टैंड तक ले गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि निर्भया केस में आरोपियों का 10 दिन का रिमांड चाहिए। किसी से मोबाइल फोन व किसी से वाहन और दूसरे सबूत बरामद करने हैं। कोर्ट ने कहा कि लिखित में बताओ कि किस से क्या बरामद करना है। 15 मिनट बाद पुलिस ने लिखित में अदालत को बताया। तब आरोपियों को आठ दिन के रिमांड पर भेजा गया।

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