हरियाणा में नई व्यवस्था: 10 से ज्यादा दिन केस लंबित रहा तो एसएचओ, 60 दिन लगे तो आईजी व एडीजीपी होंगे जवाबदेह
अनिल विज ने निर्देश दिया है कि उनके द्वारा भेजी गई प्रत्येक शिकायत के लिए हर जिले में एक अलग रजिस्टर लगाया जाए और डीएसपी स्तर से ऊपर के अधिकारी ही उस पर अगली कार्यवाहीं करें। उन्होंने कहा कि जब शिकायत का पूरी से निस्तारण हो जाए तो उसके बाद ही रिपोर्ट संबंधित एडीजीपी को भेजें।
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हरियाणा में अब थानों में मामले अधिक सयम तक लंबित नहीं रह सकेंगे। गृह मंत्री अनिल विज ने मामलों को निपटाने के लिए थाना प्रभारी से लेकर, डीएसपी, एसपी, आईजी समेत एडीजीपी तक की जिम्मेदारी तय करते हुए समय निर्धारित किया है। निपटान को लेकर 10 से लेकर 60 दिन तक का समय तय किया है। देरी होने पर संबंधित अधिकारियों को लिखित में इसका जवाब देना होगा।
रविवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और डीएसपी, एएसपी, एसपी से वीसी से बैठक करते हुए अनिल विज ने यह जानकारी दी। विज ने सख्त लहजे में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां जितने भी लंबित मामले हैं उनको जल्द से जल्द निपटाएं। उन्होंने बताया कि आज से यदि 10 दिन से ज्यादा कोई मामला लंबित रहता है तो उसकी जवाबदेही संबंधित एसएचओ की होगी। 20 दिन से ज्यादा कोई मामला लंबित रहता है तो संबंधित डीएसपी रैंक के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। किसी मामले में 30 दिन से ज्यादा समय लगता है तो उसकी जवाबदेही एएसपी रैंक के अधिकारी की होगी।
मामले लटके तो रिकॉर्ड सहित देना होगा जवाब
ऐसे ही, यदि 45 दिन से ज्यादा कोई मामला लटकता है तो उसकी जवाबदेही संबंधित एसपी की होगी और संबंधित एसपी को देरी के संबंध में अपनी टिप्पणी रिकॉर्ड सहित देनी होगी। यदि 60 दिन से ज्यादा कोई मामला लंबित रहता है तो उसकी जवाबदेही संबंधित आईजी या सीपी की होगी। संबंधित आईजी या सीपी को देरी के संबंध में अपनी टिप्पणी रिकॉर्ड सहित देनी होगी। 60 दिन से भी ज्यादा किसी मामले में देरी पाई जाती है तो उस मामले में संबंधित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को रिकॉर्ड सहित अपना जवाब देना होगा।
क्राइम से संबंधित पोर्टल होगा तैयार
विज ने कहा कि अपराध पर रोकथाम लगाने के लिए क्राइम से संबंधित एक पोर्टल तैयार किया जाएगा। इसके बाद हर संबंधित पुलिस अधिकारी पोर्टल से क्राइम के मामले की जानकारी देख सकेगा और उस अमुक मामले पर संबंधित अधिकारी द्वारा आगामी कार्यवाही भी की जाएगी। गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह के भीतर पुलिस पब्लिक कमेटियों का गठन करें और सभी प्रमुख व्यक्तियों के पते व मोबाइल नंबर की सूची उन्हें भेजें।
अवैध खनन, हिस्ट्री समेत कई मामलों पर मंथन
बैठक में अवैध खनन, प्रोक्लेम ओफंडर्स व हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर नकेल कसने, अवैध हथियारों की धरपकड़, विस्फोटक स्टोरेज की जांच, अवैध शराब के कारोबार पर नकेल, अपराध, साइबर क्राइम इत्यादि विषयों पर भी चर्चा की। विज ने लावारिस वाहनों के संबंध में एसओपी बनाने के आदेश दिए। डीजीपी पीके अग्रवाल ने कहा कि वह बैठक में चर्चा किए सभी मामलों पर काम करेंगे। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, एडीजीपी एएस चावला, ओपी सिंह, आलोक मित्तल, गृह विभाग के सचिव बलकार सिंह व आईजी अमिताभ ढिल्लो उपस्थित रहे।