नाबालिग के नाबालिग रेपिस्ट को अनोखी सजा
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नाबालिग छात्रा से रेप के मामले में नाबालिग युवक को जुवेनाइल बोर्ड ने दोषी करार देकर अनोखी सजा सुनाई है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट विवेक नासिर की अदालत ने दोषी बालक को दो-दो माह तक क्रमश: गोशाला और मंदिर मे सेवा करने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार रतिया के एक गांव में 15 मार्च को देर शाम जब एक नाबालिग लड़की नल पर पानी भरने के आई तो गांव के ही एक नाबालिग लड़के ने जबरदस्ती उसे पकड़ लिया और उसका मुंह बंद करके पास में एक खाली पड़े मकान में ले गया।
जहां उसने नाबालिग लड़की के साथ दुराचार किया। पीड़िता ने आपबीती अपने परिजनों को बताई तो लड़की के पिता ने रतिया पुलिस को लड़के के खिलाफ शिकायत दी।
गोशाला और मंदिर में सेवा करने की सजा
पीड़िता की आपबीती सुनकर लड़की के पिता ने रतिया पुलिस को लड़के के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने लड़के के खिलाफ 376, 509 और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पि्रंसिपल मजिस्ट्रेट विवेक नासिर की अदालत ने नाबालिग लड़के को दुराचार का दोषी करार दिया और उसे दो-दो माह क्रमश: गोशाला और मंदिर में सेवा करने की सजा सुनाई है।
सजा के अनुसार दोषी बालक पहले दो माह गांव किरढ़ान की गोशाला में सेवा करेगा और अगले दो माह तक फतेहाबाद के श्रीदुर्गा मंदिर में सुबह 7 से 12 बजे तक सेवा करेगा।